अंडरवैल्यूड है IDBI Bank का शेयर? वैल्यूएशन दे रहा खास संकेत, PE और PB से समझिए पूरा गणित
Canara Bank, PNB और Bank of Baroda के मुकाबले IDBI Bank हाई वैल्यूएशन पर कारोबार कर रहा है. हालांकि Indian Bank से इसकी तुलना काफी करीब दिखाई देती है. यानी बैंक को पूरी तरह प्राइवेट बैंक जैसा वैल्यूएशन नहीं मिल रहा है, लेकिन यह सामान्य PSU बैंक की तुलना में बेहतर मल्टीपल पर ट्रेड कर रहा है.

IDBI Bank : शेयर बाजार में किसी बैंक का वैल्यूएशन समझने के लिए सबसे पहले यह जानना जरूरी होता है कि वह प्राइवेट सेक्टर बैंक है या सरकारी बैंक. इसकी वजह यह है कि भारत में सरकारी बैंकों (PSU Banks) को आमतौर पर प्राइवेट बैंकों की तुलना में कम PE और PB मल्टीपल मिलता है. यहीं पर IDBI Bank की कहानी थोड़ी अलग नजर आती है. एक सबसे अहम बात ये है कि IDBI Bank के लिए सबसे बड़ा ट्रिगर सरकार और LIC की हिस्सेदारी की बिक्री मानी जा रही है.
प्राइवेट बैंक है, लेकिन कंट्रोल सरकार और LIC के पास
IDBI Bank को प्राइवेट सेक्टर बैंक माना जाता है. हालांकि बैंक पर नियंत्रण अभी भी सरकार और LIC के पास है.
वर्तमान शेयरहोल्डिंग के मुताबिक:
- भारत सरकार की हिस्सेदारी 45.48 फीसदी है.
- LIC की हिस्सेदारी 49.24 फीसदी है.
- पब्लिक शेयरहोल्डर्स के पास करीब 5.3 फीसदी हिस्सेदारी है.
चूंकि LIC सबसे बड़ी शेयरधारक है, इसलिए RBI बैंक को प्राइवेट सेक्टर बैंक की श्रेणी में रखता है.
वैल्यूएशन क्या कहता है?
अगर IDBI Bank की तुलना बड़े सरकारी बैंकों से की जाए तो तस्वीर कुछ अलग नजर आती है.
| बैंक | PE | PB |
|---|---|---|
| IDBI Bank | 10.1 | 1.6 |
| Canara Bank | 6.5 | 1.1 |
| PNB | 7.4 | 0.9 |
| Bank of Baroda | 7.5 | 0.9 |
| Indian Bank | 10.2 | 1.3 |
Canara Bank, PNB और Bank of Baroda के मुकाबले IDBI Bank हाई वैल्यूएशन पर कारोबार कर रहा है. हालांकि Indian Bank से इसकी तुलना काफी करीब दिखाई देती है.
यानी बैंक को पूरी तरह प्राइवेट बैंक जैसा वैल्यूएशन नहीं मिल रहा है, लेकिन यह सामान्य PSU बैंक की तुलना में बेहतर मल्टीपल पर ट्रेड कर रहा है. दूसरे शब्दों में कहें तो IDBI Bank का वैल्यूएशन प्राइवेट और PSU बैंकिंग स्पेस के बीच कहीं नजर आता है.
डिसइनवेस्टमेंट बन सकता है बड़ा ट्रिगर
- IDBI Bank के लिए सबसे बड़ा ट्रिगर सरकार और LIC की हिस्सेदारी बिक्री मानी जा रही है. सरकार और LIC मिलकर बैंक में अपनी 60.7 फीसदी हिस्सेदारी बेचने और प्रबंधन नियंत्रण ट्रांसफर करने की योजना पर काम कर रहे हैं.
- फरवरी 2026 में इस प्रक्रिया के तहत वित्तीय बोलियां प्राप्त हुई थीं. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार Fairfax Financial, Emirates NBD और Kotak Mahindra Bank जैसे नाम संभावित खरीदारों में शामिल थे.
- हालांकि मार्च 2026 में खबरें आईं कि सरकार ने प्राप्त बोलियों को अपनी अपेक्षित वैल्यूएशन से कम मानते हुए स्वीकार नहीं किया. इसके बाद शेयर में तेज गिरावट देखने को मिली.
- इसके बाद अप्रैल 2026 में सरकार ने बिक्री प्रक्रिया को फिर से आगे बढ़ाया और वैल्यूएशन व सौदे की शर्तों की दोबारा समीक्षा शुरू की.
- हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक डिसइनवेस्टमेंट प्रक्रिया अभी भी जारी है और वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान सौदा पूरा होने की संभावना बनी हुई है. हालांकि अंतिम समयसीमा वैल्यूएशन, बातचीत और रेगुलेटरी मंजूरियों पर निर्भर करेगी.
क्या डिसइनवेस्टमेंट के बाद बढ़ सकता है वैल्यूएशन?
बाजार के कई जानकारों का मानना है कि अगर हिस्सेदारी बिक्री सफलतापूर्वक पूरी हो जाती है और बैंक पर किसी निजी निवेशक का नियंत्रण आता है, तो IDBI Bank को अन्य प्राइवेट सेक्टर बैंकों की तरह हाई वैल्यूएशन मिल सकता है.
शेयर का प्रदर्शन कैसा रहा?
शुक्रवार के कारोबार के दौरान IDBI Bank का शेयर 1.94 फीसदी की गिरावट के साथ 82.98 रुपये पर कारोबार करता दिखा. हालांकि छोटी अवधि में शेयर ने अच्छा प्रदर्शन किया है.
- पिछले एक सप्ताह में शेयर 10.07 फीसदी चढ़ा है.
- पिछले तीन महीनों में 13.56 फीसदी की तेजी दर्ज की है.
- जबकि पिछले एक साल में शेयर करीब 8.81 फीसदी नीचे रहा है.
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