AI बूम में कहां लगा रहे हैं करोड़ों? मुकुल अग्रवाल, विजय केडिया और कचोलिया की पसंद बने ये अनजान शेयर
दुनिया भर में AI का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है. इसके साथ ही डेटा स्टोरेज, सर्वर, कूलिंग सिस्टम और साइबर सुरक्षा की मांग भी बढ़ रही है. यही वजह है कि निवेशकों की नजर अब सिर्फ टेक कंपनियों पर नहीं, बल्कि उन कंपनियों पर भी है जो इस पूरे इकोसिस्टम का हिस्सा हैं.
AI & Data Centre Boom: AI और डेटा सेंटर आज शेयर बाजार के सबसे बड़े निवेश विषयों में शामिल हो चुके हैं. दुनिया भर में AI का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है. इसके साथ ही डेटा स्टोरेज, सर्वर, कूलिंग सिस्टम और साइबर सुरक्षा की मांग भी बढ़ रही है. यही वजह है कि निवेशकों की नजर अब सिर्फ टेक कंपनियों पर नहीं, बल्कि उन कंपनियों पर भी है जो इस पूरे इकोसिस्टम का हिस्सा हैं.
दिलचस्प बात यह है कि बाजार के तीन बड़े निवेशक मुकुल अग्रवाल, आशीष कचोलिया और विजय केडिया इस थीम पर अलग-अलग तरीके से दांव लगा रहे हैं. कोई डेटा सेंटर बनाने वाली कंपनियों में निवेश कर रहा है तो कोई कूलिंग सिस्टम और साइबर सुरक्षा से जुड़ी कंपनियों पर भरोसा जता रहा है. इन निवेशकों की रणनीति बताती है कि AI का फायदा सिर्फ सॉफ्टवेयर कंपनियों तक सीमित नहीं रहने वाला, बल्कि इससे जुड़े कई अन्य कारोबार भी तेजी से बढ़ सकते हैं.
मुकुल अग्रवाल का फोकस इंफ्रास्ट्रक्चर पर
मुकुल अग्रवाल ने सीधे AI सॉफ्टवेयर कंपनियों के बजाय उन कंपनियों में निवेश किया है जो डेटा सेंटर बनाने और चलाने में मदद करती हैं.
उनके पोर्टफोलियो में कैपासिटे इंफ्राप्रोजेक्ट्स शामिल है. यह कंपनी इमारत और इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण का काम करती है. कंपनी को FY26 में 4,446 करोड़ रुपये के नए ऑर्डर मिले और उसका ऑर्डर बुक 13,498 करोड़ रुपये तक पहुंच गया. कंपनी पहले ही रक्षा क्षेत्र के लिए कई डेटा सेंटर बना चुकी है.
मुकुल अग्रवाल ने KRN Heat Exchanger में भी निवेश किया है. यह कंपनी कूलिंग सिस्टम और HVAC प्रोडक्ट्स बनाती है. डेटा सेंटर में हजारों सर्वर लगातार चलते हैं, जिससे काफी गर्मी पैदा होती है. ऐसे में कूलिंग सिस्टम की मांग बढ़ती है. FY26 में कंपनी की कुल आय 38 प्रतिशत बढ़कर 609 करोड़ रुपये से ज्यादा रही.
आशीष कचोलिया का दांव कूलिंग टेक्नोलॉजी पर
आशीष कचोलिया ने Aeroflex Industries में निवेश किया है. यह कंपनी ऐसे प्रोडक्ट बनाती है जो डेटा सेंटर के कूलिंग सिस्टम में इस्तेमाल होते हैं.
AI सर्वर सामान्य सर्वर की तुलना में ज्यादा गर्मी पैदा करते हैं. इसी कारण अब दुनिया भर में लिक्विड कूलिंग सिस्टम की मांग बढ़ रही है. Aeroflex इसी क्षेत्र में काम कर रही है.
FY26 में कंपनी की इनकम 443 करोड़ रुपये से ज्यादा रही और मुनाफे में भी अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई. कंपनी ने अपनी उत्पादन क्षमता भी बढ़ाई है ताकि भविष्य की मांग को पूरा किया जा सके.
विजय केडिया का फोकस साइबर सुरक्षा पर
विजय केडिया की रणनीति बाकी दोनों निवेशकों से अलग है. वे डेटा सेंटर बनाने वाली कंपनियों में नहीं, बल्कि साइबर सुरक्षा कंपनियों में निवेश कर रहे हैं.
उनके पोर्टफोलियो में TechD Cybersecurity शामिल है. यह कंपनी साइबर सुरक्षा सेवाएं देती है और AI आधारित सुरक्षा प्लेटफॉर्म भी विकसित कर रही है. कंपनी के पास सैकड़ों रेगुलेटेड ग्राहक हैं और इसका कारोबार तेजी से बढ़ रहा है.
इसके अलावा केडिया ने TAC Infosec में भी निवेश किया है. यह एक साइबर सुरक्षा प्लेटफॉर्म कंपनी है जिसके 100 से ज्यादा देशों में ग्राहक हैं. FY26 में कंपनी की आय और मुनाफे में मजबूत बढ़ोतरी देखने को मिली.
Quick Heal में भी लगाया दांव
विजय केडिया ने हाल ही में Quick Heal Technologies के शेयर भी खरीदे हैं. कंपनी अब पारंपरिक एंटीवायरस कारोबार से आगे बढ़कर एंटरप्राइज साइबर सुरक्षा पर ध्यान दे रही है. कंपनी का लक्ष्य आने वाले वर्षों में बड़े कॉरपोरेट ग्राहकों से अपनी कमाई बढ़ाना है.
AI थीम में कई अवसर
इन तीनों निवेशकों की रणनीति से साफ है कि AI और डेटा सेंटर का अवसर सिर्फ टेक कंपनियों तक सीमित नहीं है. मुकुल अग्रवाल और आशीष कचोलिया डेटा सेंटर बनाने और उन्हें चलाने से जुड़ी कंपनियों पर दांव लगा रहे हैं. वहीं विजय केडिया उस डिजिटल दुनिया की सुरक्षा करने वाली कंपनियों पर भरोसा जता रहे हैं जो AI के बढ़ते इस्तेमाल के साथ और ज्यादा जरूरी होती जाएगी.
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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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