52 हफ्ते के लो के नजदीक पहुंचा Yes Bank का शेयर, अब क्या करें?

मार्केट मूवमेंट ने IDBI Bank और YES Bank के शेयरों को जांच के दायरे में ला दिया है, जिससे इन्वेस्टर की चिंता बढ़ गई है. Yes Bank को 8400 करोड़ के AT1 बॉन्ड पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, जिन्हें पहले राइट ऑफ कर दिया गया था. बॉम्बे हाई कोर्ट के फैसले को पलटने वाले इस फैसले से स्टॉक में तेज गिरावट आई है, जिससे यह 52-हफ्ते के नए सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है. इस शेयर का 52वीक लो 16.96 रुपए है और शुक्रवार, 16 अक्टूबर को ये शेयर 17.50 रुपए पर बंद हुआ है.

हालांकि बैंक के ऑपरेशनल फंडामेंटल्स स्थिर हैं, लेकिन इस एक बार की फंडिंग की समस्या को हल करना बहुत जरूरी है. मौजूदा शेयरहोल्डर्स को पैनिक सेलिंग न करने की सलाह दी जाती है और होल्ड करने की सलाह दी जाती है. ज्यादा रिस्क लेने की क्षमता वाले एग्रेसिव इन्वेस्टर खरीदने पर विचार कर सकते हैं, क्योंकि उन्हें उम्मीद है कि नए मेजॉरिटी शेयरहोल्डर, सुमितोमो बैंक, के अपनी फंडिंग स्ट्रैटेजी बताने के बाद रिकवरी होगी.

वहीं, दूसरी ओर IDBI बैंक के लंबे समय से इंतजार किए जा रहे प्राइवेटाइजेशन को एक्सपर्ट्स एक फायदेमंद डील मान रहे हैं.
मौजूदा मार्केट रेट से कम शुरुआती कीमत और सरकारी नौकरी से आ रहे कर्मचारियों के कुछ विरोध के बावजूद, इस एक्विजिशन से एक प्राइवेट, दुनिया भर में मशहूर इन्वेस्टर के तहत बैंक की क्षमता को अनलॉक करने की उम्मीद है. छोटी-मोटी रुकावटें, जैसे कि एक्वायरर की दूसरे बैंक में मौजूदा हिस्सेदारी, RBI के क्राइटेरिया के अनुसार हल होने की उम्मीद है.

डिस्क्लेमर: Money9live कभी भी किसी शेयर, आईपीओ और म्यूचुअल फंड में निवेश की सलाह नहीं देता है. ये खबर केवल आपकी जानकारी के लिए है.

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