दिल्ली के इस साधारण से लड़के ने बनाया BharatPe, नेटवर्थ ₹939 करोड़ पार, जीते हैं लग्जरी लाइफ

अशनीर ग्रोवर भारत के एक सफल उद्यमी हैं जिन्होंने मेहनत, हिम्मत और नए विचारों से जीवन में ऊंचाइयां छुईं. दिल्ली के एक साधारण परिवार से निकलकर उन्होंने फिनटेक कंपनी भारतपे को यूनिकॉर्न बनाया और शार्क टैंक इंडिया में जज बनकर लाखों युवाओं को प्रेरित किया. उनकी कहानी बताती है कि असफलताएं आएं तो भी हार नहीं माननी चाहिए. आइए जानते हैं उनकी सफलता की यात्रा.

अशनीर का जन्म जून 1982 में दिल्ली में एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ. उनके पिता चार्टर्ड अकाउंटेंट और मां शिक्षिका थीं. दिल्ली के Apeejay School से पढ़ाई के बाद उन्होंने आईआईटी दिल्ली से सिविल इंजीनियरिंग की डिग्री ली. फ्रांस में एक्सचेंज स्टूडेंट बनकर उन्होंने दुनिया देखी और नई सोच अपनाई. फिर आईआईएम अहमदाबाद से फाइनेंस में एमबीए किया जहां वे टॉप स्टूडेंट्स में रहे.
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एमबीए के बाद अशनीर ने 2006 में कोटक इन्वेस्टमेंट बैंकिंग में नौकरी शुरू की और सात साल तक बड़े आईपीओ डील्स संभाले. फिर अमेरिकन एक्सप्रेस और ग्रोफर्स में सीएफओ जैसे महत्वपूर्ण पदों पर काम किया. लेकिन उनका मन हमेशा कुछ बड़ा करने को बेचैन था. कॉरपोरेट की सुरक्षित नौकरी छोड़कर उन्होंने अपना रास्ता चुना. यह कदम सिखाता है कि सपने पूरे करने के लिए जोखिम लेना जरूरी है.
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2018 में अशनीर ने भारतपे की सह-स्थापना की, जो छोटे व्यापारियों को डिजिटल पेमेंट आसान बनाने वाली कंपनी थी. एक साधारण क्यूआर कोड से लाखों दुकानदारों की जिंदगी बदली. उनकी अगुवाई में कंपनी तेजी से बढ़ी, 35 शहरों में 60 लाख से ज्यादा व्यापारी जुड़े और 2021 में 2.85 अरब डॉलर वैल्यूएशन के साथ यूनिकॉर्न बनी. यह दिखाता है कि भारत की समस्याओं का स्थानीय समाधान देकर कितनी बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है. 5पैसा की एक रिपोर्ट के अनुसार इनका कुल नेटवर्थ 105 मिलियन डॉलर (939.75 करोड़ रुपये) है.
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2021 में शार्क टैंक इंडिया के पहले सीजन में जज बनकर अशनीर पूरे देश में मशहूर हो गए. उनकी साफगोई और गहरी समझ से युवा उद्यमियों को सलाह दी. उन्होंने ब्लूपाइन इंडस्ट्रीज, रिवैंप मोटो और स्किप्पी पॉप्स जैसी कंपनियों में निवेश किया. इससे लाखों युवाओं को स्टार्टअप शुरू करने की प्रेरणा मिली.
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2022 में भारतपे से अलग होने के बावजूद अशनीर ने हिम्मत नहीं हारी. उन्होंने अपनी आत्मकथा ‘डॉगलपन’ लिखी जो स्टार्टअप की सच्चाई बताती है और युवाओं को प्रेरित करती है. अनुमानित 105 मिलियन डॉलर की संपत्ति के साथ वे लग्जरी जीवन जीते हैं, लेकिन मेहनत और दृढ़ता को कभी नहीं भूलते. उनकी कहानी सिखाती है कि जीवन में उतार-चढ़ाव आते हैं, लेकिन सपनों के लिए लड़ते रहना चाहिए. अशनीर ग्रोवर आज लाखों भारतीय युवाओं के लिए रोल मॉडल हैं.
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