कार बेचने में हुई परेशानी तो इस लड़के ने बना दिया CARS24, दुबई तक फैला है बिजनेस, नेट वर्थ ₹1,790 करोड़ – Money9live
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कार बेचने में हुई परेशानी तो इस लड़के ने बना दिया CARS24, दुबई तक फैला है बिजनेस, नेट वर्थ ₹1,790 करोड़
पुरानी कार बेचना पहले बहुत मुश्किल काम था. दलालों के चक्कर, कम कीमत और ढेर सारी परेशानियां. लेकिन CARS24 ने इसे आसान बना दिया. IIT से पढ़ाई करने वाले विक्रम चोपड़ा ने साल 2015 में यह कंपनी बनाई. कंपनी अब यूनिकॉर्न बन चुकी है और लाखों लोगों की जिंदगी आसान कर रही है.
CARS24 की शुरुआत तब हुई जब कंपनी के सीईओ विक्रम चोपड़ा को अपनी पुरानी कार बेचने में बहुत दिक्कत हुई. बाजार असंगठित था, कीमत सही नहीं मिलती थी और प्रक्रिया लंबी थी. विक्रम ने सोचा कि क्यों न एक ऐसी टेक कंपनी बनाई जाए जो कार बेचना और खरीदना आसान कर दे. 2015 में उन्होंने मेहुल अग्रवाल, गजेंद्र जांगिड़ और रुचित अग्रवाल के साथ मिलकर CARS24 शुरू की. शुरू में अपनी जेब से पैसा लगाया और छोटे-छोटे कदमों से आगे बढ़े. FounderVoice के अनुसार, विक्रम चोपड़ा की अनुमानित नेट वर्थ (2025 में) लगभग 1,342 करोड़ से 1,790 करोड़ रुपये के बीच है.
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शुरुआत में ग्राहकों का भरोसा जीतना, डीलर नेटवर्क बनाना, सरकारी कागजी काम (RC ट्रांसफर) और कार की डिलीवरी जैसी बड़ी समस्याएं थीं. CARS24 ने AI से सही कीमत तय करने की तकनीक लाई, 1 घंटे में पेमेंट का वादा किया और घर पर ही इंस्पेक्शन व पिकअप की सुविधा दी. 24 घंटे में कार बेचने का वादा करके उन्होंने लोगों का भरोसा जीता. धीरे-धीरे हजारों डीलरों का नेटवर्क बनाया और मोबाइल ऐप से सब कुछ आसान कर दिया.
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कंपनी ने बहुत तेजी से बढ़त हासिल की. 2020 में $200 मिलियन फंडिंग से यह यूनिकॉर्न (1 बिलियन डॉलर वैल्यूएशन) बन गई. बाद में वैल्यूएशन $3.3 बिलियन तक पहुंच गई. आज CARS24 भारत के 35+ शहरों में 155+ ब्रांच के साथ काम करती है. कारों के अलावा बाइक्स, फाइनेंस सर्विस और NBFC लाइसेंस भी लिया है ताकि ग्राहकों को लोन आसानी से मिल सके. कंपनी हर साल लाखों ट्रांजेक्शन करती है और भारत से बाहर UAE, ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में भी फैल गई है.
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CARS24 अब सिर्फ कार बेचने-खरीदने की कंपनी नहीं रही, बल्कि पूरी मोबिलिटी इकोसिस्टम बन गई है. AI से सही वैल्यूएशन, घर पर डिलीवरी, फाइनेंस और सर्विसिंग सब एक जगह. इस्तेमाल की गई कारों का बाजार भारत में तेज़ी से बढ़ रहा है और CARS24 इसकी लीडर है. हाल के वर्षों में कंपनी ने राजस्व बढ़ाया है, नुकसान कम किया है और कंपनी IPO की तैयारी कर रही है.
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विक्रम चोपड़ा जैसे फाउंडर ने अपनी गलती से सीखा और बेहतर तरीके से काम किया. आज यह कंपनी लाखों लोगों को आसान, सुरक्षित और तेज तरीके से कार बेचने-खरीदने में मदद कर रही है. CARS24 बताती है कि अगर समस्या को समझकर सही समाधान दिया जाए, तो छोटी शुरुआत भी बड़ी सफलता बन सकती है.