इंस्टाग्राम और फेसबुक की पैरेंट कंपनी Meta को तगड़ा झटका, कोर्ट ने 5000 करोड़ जमा करने के दिए आदेश

Fine on Meta: गुरुवार देर रात आए फैसले में जज ब्रायन बीडशेड ने कहा कि रकम का बड़ा हिस्सा- 420 मिलियन डॉलर युवाओं के इलाज की सेवाओं पर खर्च किया जाएगा. पहले चरण में जूरी ने मेटा पर 375 मिलियन डॉलर का सिविल जुर्माना लगाने का आदेश दिया था.

मेटा सीईओ मार्क जकरबर्ग Image Credit: Kevin Dietsch/Thomas Fuller/SOPA Images/LightRocket/Getty Images

Fine on Meta: न्यू मैक्सिको की अदालत ने इंस्टाग्राम और फेसबुक की पैरेंट कंपनी मेटा को 567 मिलियन डॉलर (5,404 करोड़ रुपये) का भुगतान करने का आदेश दिया है. यह रकम उसके प्लेटफॉर्म से युवाओं को हुए नुकसान की भरपाई के लिए है. यह आदेश उस अहम मुकदमे के दूसरे चरण में आया है जिसे सोशल मीडिया कंपनी मार्च में हार गई थी.

युवाओं के इलाज पर खर्च होगी बड़ी रकम

गुरुवार देर रात आए फैसले में जज ब्रायन बीडशेड ने कहा कि रकम का बड़ा हिस्सा- 420 मिलियन डॉलर युवाओं के इलाज की सेवाओं पर खर्च किया जाएगा. बाकी रकम अगले पांच वर्षों में जागरूकता और रोकथाम, स्क्रीनिंग सेवाओं और अन्य खर्चों के लिए इस्तेमाल की जाएगी.

जूरी का आदेश

पहले चरण में जूरी ने मेटा पर 375 मिलियन डॉलर का सिविल जुर्माना लगाने का आदेश दिया था. जूरी ने पाया था कि कंपनी ने जानबूझकर बच्चों की मानसिक सेहत को नुकसान पहुंचाया और अपने प्लेटफॉर्म पर बच्चों के यौन शोषण के बारे में जो जानकारी थी उसे छिपाया.

ऐसे फीचर्स पर लगाना था रोक

दूसरे चरण में, सरकारी वकीलों ने जज से मेटा में कुछ बुनियादी बदलाव करने को कहा था. इन बदलावों का मकसद लत लगाने वाले फीचर्स पर रोक लगाना, उम्र की पुष्टि (Age Verification) को बेहतर बनाना और डिफॉल्ट प्राइवेसी सेटिंग्स व कड़ी निगरानी के जरिए बच्चों के यौन शोषण को रोकना था.

प्राइवेसी से जुड़े कानून

अदालत ने कहा कि बच्चों की प्राइवेसी से जुड़े संघीय कानून मेटा को 13 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए उम्र की पुष्टि करने वाले टूल्स का इस्तेमाल करने से रोकते हैं. ‘चिल्ड्रन्स ऑनलाइन प्राइवेसी एक्ट’ (COPPA) का मतलब है कि अदालत मेटा को यह आदेश नहीं दे सकती कि वह बच्चों से पर्सनल डेटा देने या उम्र की पुष्टि के मकसद से भी ऑनलाइन उनकी गतिविधियों पर नजर रखने (ट्रैकिंग) के लिए कहे.

अदालत ने यह भी कहा कि सिर्फ मेटा को ही बच्चों की उम्र की पुष्टि करने का आदेश देना, जबकि दूसरी सोशल मीडिया कंपनियों को ऐसा न करने देना, कंपनी के लिए अनुचित और बेवजह नुकसानदेह होगा.

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