मेमोरी और स्टोरेज चिप्स के दाम अगले साल होंगे कम! लेकिन 2028 तक बनी रहेगी किल्लत, जानें पूरा मामला
AI इंडस्ट्री की मांग के कारण रैम और स्टोरेज की कीमतों में भारी उछाल आया है, जिससे स्मार्टफोन महंगे हो गए हैं. हालांकि, एक लीक के अनुसार चीनी कंपनियां सीएक्सएमटी और वायएमटीसी अपना जमा स्टॉक बाजार में उतार सकती हैं, जिससे अगले साल मेमोरी और स्टोरेज चिप्स के दाम तेजी से गिर सकते हैं.

Memory chip prices: स्मार्टफोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक इक्विपमेंट की बढ़ती कीमतों से परेशान कस्टमर के लिए एक नई खबर सामने आई है. AI इंडस्ट्री की भारी मांग के कारण रैम और स्टोरेज चिप्स की कीमतों में हाल के महीनों में काफी बढ़ोतरी देखी गई है. इससे स्मार्टफोन कंपनियों को अपने फोन और अन्य इक्विपमेंट के दाम बढ़ाने पड़े हैं. हालांकि एक नई रिपोर्ट के मुताबि अगले साल इन चिप्स की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है. दो प्रमुख चीनी कंपनियां बाजार में अपना जमा किया हुआ स्टॉक उतारने की योजना बना रही हैं.
AI इंडस्ट्री के कारण बढ़ी रैम की किल्लत
AI के बढ़ते इस्तेमाल से डेटा सेंटरों में रैम और स्टोरेज की मांग बहुत तेजी से बढ़ी है. चिप मैन्युफैक्चिरिंग कंपनी ने अपनी ज्यादातर सप्लाई AI कंपनियों की ओर मोड़ दी है. इस वजह से स्मार्टफोन और लैपटॉप के लिए इस्तेमाल होने वाले पार्ट्स की भारी कमी हो गई है. सप्लाई में आई इस रुकावट के कारण बाजार में कंपोनेंट्स के दाम बहुत तेजी से बढ़े हैं.
चीनी कंपनियां बाजार में उतारेंगी अपना स्टॉक
गैजेट 360 की रिपोर्ट के अनुसार, चीन की दो बड़ी चिप मैन्युफैक्चिरिंग कंपनियां बाजार में बड़ा बदलाव ला सकती हैं. चांगशिन मेमोरी टेक्नोलॉजीज और यांग्त्जे मेमोरी टेक्नोलॉजीज नाम की ये कंपनियां काफी समय से चिप्स का स्टॉक जमा कर रही हैं. खबर है कि ये दोनों कंपनियां अगले साल अपना accumulated स्टॉक बाजार में बेचने जा रही हैं. अगर ऐसा होता है तो बाजार में चिप्स की सप्लाई अचानक बढ़ जाएगी. इससे कीमतों में चल रही तेजी पर लगाम लगेगी और दाम तेजी से गिरेंगे.
2028 तक बनी रह सकती है चिप्स की कमी
भले ही अगले साल चिप्स की कीमतों में गिरावट देखने को मिले लेकिन इसकी किल्लत लंबी खिंच सकती है. जानकारों का मानना है कि रैम और स्टोरेज की यह कमी साल 2028 की पहली तिमाही तक बनी रह सकती है. इसका मुख्य कारण यह है कि चिप मैन्युफैक्चर AI डेटा सेंटरों को ही प्राथमिकता देना जारी रखेंगे. AI क्षेत्र से मिलने वाला बड़ा मुनाफा कंपनियों को उसी तरफ आकर्षित रखेगा.