इनकम टैक्स रिटर्न (ITR)
इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइलिंग का समय शुरू होते ही करोड़ों टैक्सपेयर्स के लिए अपनी आय, निवेश और टैक्स से जुड़े दस्तावेजों को व्यवस्थित करने की प्रक्रिया तेज हो जाती है. नौकरीपेशा कर्मचारियों से लेकर कारोबारी, फ्रीलांसर और निवेशक वर्ग के लिए समय पर ITR दाखिल करना जरूरी माना जाता है. सही समय पर रिटर्न फाइल करने से न केवल कानूनी अनुपालन सुनिश्चित होता है, बल्कि टैक्स रिफंड जल्दी मिलने, लोन आवेदन में वित्तीय रिकॉर्ड मजबूत होने और भविष्य की वित्तीय योजना बनाने में भी मदद मिलती है. हर साल सरकार अलग-अलग आय वर्ग और टैक्स कैटेगरी के अनुसार ITR फॉर्म जारी करती है, इसलिए सही फॉर्म चुनना बेहद अहम होता है. सैलरी, बिजनेस इनकम, कैपिटल गेन, किराया आय, ब्याज से कमाई या दूसरे स्रोतों से होने वाली आय की सही जानकारी देना जरूरी है. इसके अलावा, टैक्स बचत निवेश, कटौतियां और छूट से जुड़े दस्तावेजों को पहले से तैयार रखना प्रक्रिया को आसान बनाता है. इस पेज पर आपको ITR फाइलिंग से जुड़ी हर जरूरी जानकारी मिलेगी. रिटर्न भरने की प्रक्रिया, जरूरी दस्तावेज, डेडलाइन, टैक्स नियमों में बदलाव, रिफंड स्टेटस, टैक्स सेविंग टिप्स और विशेषज्ञों की सलाह मिलेगी ताकि आप बिना किसी परेशानी के अपना ITR समय पर दाखिल कर सकें.
आयकर रिटर्न (ITR) फाइलिंग के नियमों में AY 2026-27 के लिए कई बड़े बदलाव किए गए हैं. अब revised return दाखिल करने के लिए ज्यादा समय मिलेगा, दो हाउस प्रॉपर्टी की जानकारी ITR-1 और ITR-4 में दी जा सकेगी, जबकि शेयर बाजार ट्रेडिंग, विदेशी आय और बैंक बैलेंस से जुड़े नए खुलासे भी अनिवार्य कर दिए गए हैं.