पहले लगाया बैन, अब लिया यू-टर्न? ट्रंप ने की पुतिन के साथ डीजल डील, क्या घट जाएंगे फ्यूल के दाम?

ट्रंप ने रूस के साथ डीजल डील की घोषणा की है, Donald Trump की यह चौंकाने वाली घोषणा पिछले महीने रूस पर बड़े बैन लगाने वाले कानून पर साइन करने के बाद आई है. इस कानून का मकसद रूस के तेल और गैस से होने वाली कमाई पर रोक लगाना है, जिससे यूक्रेन के खिलाफ जंग को बढ़ावा मिलता है.

ट्रंप और पुतिन के बीच डीजल डील Image Credit: Andrew Harnik/Getty Images

Highlights

  • ट्रंप ने रूस के साथ की डीजल डील.
  • अमेरिका में फ्यूल की कीमतें घटेंगी.
  • यूक्रेन युद्ध के बीच बड़ा उलटफेर हुआ.

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि उन्होंने रूस से डीजल लेने के लिए एक डील की है, यह यूक्रेन के साथ युद्ध को लेकर मॉस्को पर सालों से अमेरिका के दबाव और अमेरिका के मिडटर्म चुनावों से पहले फ्यूल की ऊंची कीमतों को ठीक करने की कोशिश का एक चौंकाने वाला उलटफेर है. यूएस एनर्जी इन्फॉर्मेशन एडमिनिस्ट्रेशन के मुताबिक, यूएस ने 2022 के बाद से रूसी तेल या गैस इंपोर्ट नहीं किया है, जब बाइडेन एडमिनिस्ट्रेशन ने मॉस्को के यूक्रेन पर हमले की वजह से इंपोर्ट पर बैन लगा दिया था.

रूस से अमेरिका को कितना तेल आएगा?

इकनॉमिक टाइम्स के मुताबिक, डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि उन्होंने रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin के साथ एक फोन कॉल में यह डील की, जिसमें उनसे रूस में प्लेग के एक संदिग्ध मामले पर चर्चा करने की उम्मीद थी. इसके बजाय, ट्रंप ने घोषणा की कि रूस तुरंत 300,000 टन से ज्यादा डीजल सप्लाई करेगा, इसके बाद नवंबर में और 500,000 टन और उसके तुरंत बाद 1 मिलियन टन डीजल सप्लाई करेगा. उन्होंने लिखा कि रूस उसके बाद थोड़े ही समय में और 3 मिलियन टन डीजल डिलीवर करेगा.

डोनाल्ड ट्रंप का यह चौंकाने वाला ऐलान पिछले महीने रूस पर बड़े बैन लगाने वाले कानून पर साइन करने के बाद आया है. इसका मकसद रूस के तेल और गैस से होने वाली कमाई पर रोक लगाना है, जिससे यूक्रेन के खिलाफ उसकी लड़ाई को बढ़ावा मिलता है. पिछले महीने ट्रंप ने जिस कानून पर साइन किए थे, उसमें रूसी अधिकारियों, बैंकों और टैंकरों के एक शैडो फ्लीट पर बैन लगाने और रूस में अमेरिका के सभी नए इन्वेस्टमेंट और सॉवरेन कर्ज को संभालने पर रोक लगाने का प्लान है.

इस कानून ने ट्रंप को रूसी तेल या नेचुरल गैस के टॉप पांच इंपोर्टर्स पर 100 फीसदी तक टैरिफ लगाने का भी निर्देश दिया, जिसमें उन देशों को छूट दी गई है जो रूस के नेचुरल गैस एक्सपोर्ट का 15 फीसदी से कम इंपोर्ट करते हैं और उन इंपोर्ट को कम करने के लिए बड़े कदम उठाए हैं.

मिडटर्म चुनावों से पहले डीजल की कीमतें

डोनाल्ड ट्रंप ने बैन या रूस की लड़ाई पर बात नहीं की, लेकिन कहा, अमेरिकियों, खासकर हमारे महान किसानों, पशुपालकों और ट्रक ड्राइवरों के लिए कम कीमतें मेरी सबसे बड़ी प्रायोरिटी है. बाद में एक कैंपेन रैली के लिए व्हाइट हाउस से निकलते समय ट्रंप ने कहा कि वह इस डील के लिए शुक्रगुजार हैं. डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, मैं राष्ट्रपति पुतिन को धन्यवाद देना चाहता हूं, सच कहूं तो, हमारे देश में बहुत सारा तेल आ रहा है और वह डीजल है, जो हमें चाहिए। इसलिए, धन्यवाद.

ईरान में युद्ध से एनर्जी सेक्टर में उथल-पुथल मचने से दुनिया भर में गैस की कीमतें बढ़ गई हैं. इस खबर के बाद डीजल की फ्यूचर कीमतें गिर गईं, लेकिन AAA के मुताबिक, अमेरिका में एक गैलन डीजल का नेशनल एवरेज 6.28 डॉलर पर बना रहा जो 22 सितंबर के रिकॉर्ड 6.52 डॉलर पर पहुंच गया था.

तेल की कीमतों पर असर

ट्रंप की घोषणा के बाद, ट्रेजरी डिपार्टमेंट ने कहा कि वह तुरंत एक टेम्पररी लाइसेंस जारी कर रहा है जिससे रूसी डीजल को ग्लोबल मार्केट में सप्लाई किया जा सके. इस साल की शुरुआत में ईरान वॉर शुरू होने के बाद से रूसी फ्यूल शिपमेंट के संबंध में यूएस ट्रेजरी का यह सबसे नया लाइसेंस है. लेकिन यह फरवरी 2022 में यूक्रेन वॉर शुरू होने के बाद से स्टैंडर्ड 30 दिन की विंडो से ज्यादा समय के लिए डीजल पर बैन में ढील देने वाला पहला लाइसेंस है.

इस नए जनरल लाइसेंस का मतलब है कि शुक्रवार तक टैंकरों पर लोड किए गए रूसी डीजल की डिलीवरी पर यूएस बैन अप्रैल 2027 तक लागू नहीं होंगे. डिपार्टमेंट ने मार्च और अप्रैल में भी पाबंदियों में इसी तरह की ढील दी थी, जबकि ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने साल की शुरुआत में ऐसे किसी कदम से मना कर दिया था. सेंटर फॉर स्ट्रेटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज़ के एनर्जी स्ट्रैटेजिस्ट और एक्सपर्ट क्लेटन सीगल ने कहा, इससे कीमतों पर क्या असर पड़ेगा? मुझे लगता है कि शायद ज्यादा कुछ नहीं.

लेकिन, क्लेटन सीगल ने कहा कि नई डील रूस और पुतिन के लिए बहुत फायदेमंद है, जो अभी अपने गर्मियों के ग्रेड वाले डीजल को ज्यादा भारी सर्दियों और आर्कटिक ग्रेड वाले डीजल के लिए बेचने की कोशिश कर रहे हैं, जिनकी उन्हें आने वाले महीनों में जरूरत होगी.

ये भी पढ़ें- India US Trade Deal: अंतिम दौर में बातचीत, लेकिन अभी नहीं लगेगी मुहर, ट्रंप मोदी फिर कर सकते हैं बात