ईरान ने फिर बंद किया होर्मुज स्ट्रेट, जहाजों की आवाजाही घटी, $80 की ओर फिर बढ़ने लगी कच्चे तेल की कीमतें
ईरान और अमेरिका के बीच हुआ शांति समझौता एक बार फिर संकट में पड़ गया है. ईरान ने इजरायल के हमलों का हवाला देते हुए होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा बंद करने का ऐलान किया, जिसके बाद इस अहम समुद्री मार्ग से जहाजों की आवाजाही में भारी गिरावट दर्ज की गई.

ईरान और अमेरिका के बीच हुआ शांति समझौता एक बार फिर पटरी से उतरता दिख रहा है. ईरान द्वारा होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा बंद करने के ऐलान के बाद इस बेहद अहम समुद्री रास्ते से जहाजों की आवाजाही अचानक ठप हो गई है. शिपिंग डेटा के मुताबिक, रविवार को इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों की संख्या में भारी गिरावट दर्ज की गई, जिसने वैश्विक तेल बाजार की चिंताएं बढ़ा दी हैं.
रविवार को केवल 5 जहाज गुजरे
एनालिटिक्स फर्म ‘केपलर’ (Kpler) के आंकड़ों के अनुसार, शनिवार को जहां इस रास्ते से 26 जहाज गुजरे थे, वहीं रविवार को इनकी संख्या घटकर सिर्फ 5 रह गई. इन पांच जहाजों में तीन ‘वेरी लार्ज क्रूड कैरियर्स’ (VLCC) शामिल थे, जो सऊदी अरब का कच्चा तेल और ईंधन लेकर जा रहे थे. इनमें से एक जहाज जापान की तरफ बढ़ रहा था. हालांकि, यह आशंका भी है कि कुछ जहाजों ने ट्रैक होने से बचने के लिए अपने ट्रांसपोंडर बंद कर दिए हों. क्रूड ऑयल की कीमतें जो 72 से 75 डॉलर पर आ गई थीं अब वापस 80 डॉलर के तरफ बढ़ती दिख रही हैं. सोमवार को ब्रेट क्रूड 78 डॉलर पर ट्रेड कर रहा था.
क्यों लिया ईरान ने यह फैसला?
ईरान ने अमेरिका और इजरायल पर अंतरिम शांति समझौते के उल्लंघन का आरोप लगाया है. दरअसल, पिछले हफ्ते ही ईरान ने इस रास्ते से अपनी नाकेबंदी हटाई थी, क्योंकि अमेरिका के साथ अप्रैल में हुए संघर्षविराम को 60 दिनों के लिए बढ़ाने पर सहमति बनी थी. लेकिन शनिवार को ईरान के ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (IRGC) ने लेबनान में इजरायली हमलों के विरोध में इस जलमार्ग को दोबारा बंद करने की घोषणा कर दी. दूसरी ओर, अमेरिकी सेना का दावा है कि वाणिज्यिक जहाज अभी भी वहां काम कर रहे हैं.
शनिवार की आवाजाही का गणित
प्रतिबंध लागू होने से ठीक पहले यानी शनिवार को 13 जहाजों ने इस जलमार्ग में प्रवेश किया था, जिनमें दो बड़े वीएलसीसी (VLCC) शामिल थे. वहीं, इस रास्ते से बाहर निकलने वाले जहाजों में यूएई, कुवैत और इराक का कच्चा तेल ले जा रहे तीन बड़े टैंकर और पेट्रोलियम उत्पादों से भरे तीन अन्य जहाज शामिल थे.
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खाड़ी देशों ने निकाला ‘प्लान-बी’
इस तनाव के बीच खाड़ी के प्रमुख तेल उत्पादकों ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है. ‘अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी’ (ADNOC) और ‘कुवैत पेट्रोलियम कॉर्प’ (KPC) ने कच्चे तेल की बिक्री के लिए ऐसे टेंडर जारी किए हैं, जिनमें खरीदारों को हॉर्मुज जलडमरूमध्य के अंदर और बाहर, दोनों जगहों से तेल लोड करने का विकल्प दिया गया है ताकि सप्लाई चेन प्रभावित न हो.