यूज्ड कार मार्केट में बड़ी हलचल, Maruti, Tata, Mahindra सबके माथे पर पसीना!

भारत में बढ़ती कार कीमतों, महंगी ईएमआई और बेहतर फीचर्स की चाहत के चलते अब लोग नई छोटी कारों की बजाय पुरानी एसयूवी और प्रीमियम गाड़ियां खरीदना ज्यादा पसंद कर रहे हैं. रेडसीयर की एक रिपोर्ट के अनुसार, देश का यूज्ड कार बाजार FY31 तक 70 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है. फिलहाल हर साल करीब 60 लाख पुरानी कारें बिक रही हैं और अगले पांच वर्षों में यह संख्या 90 लाख से 1 करोड़ के बीच पहुंचने का अनुमान है. रिपोर्ट के मुताबिक यह बाजार 15 से 20 प्रतिशत की सालाना दर से बढ़ सकता है. कम कीमत में ज्यादा फीचर्स, बड़ी गाड़ी और आसान फाइनेंसिंग जैसी सुविधाएं इस बदलाव की प्रमुख वजह बन रही हैं.

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि यूज्ड कार खरीदने वालों में करीब 65 प्रतिशत लोग पहली बार कार खरीद रहे हैं. पहले जहां लोग नई कार को प्राथमिकता देते थे, वहीं अब भरोसेमंद प्लेटफॉर्म्स और आसान लोन सुविधाओं ने पुरानी कार खरीदने का भरोसा बढ़ाया है. Cars24, Spinny और वाहन कंपनियों के सर्टिफाइड यूज्ड कार प्रोग्राम ग्राहकों को वाहन जांच, वारंटी और दस्तावेजी सहायता उपलब्ध करा रहे हैं. इससे सेकंड हैंड कार बाजार तेजी से संगठित हो रहा है और खरीदारों के लिए एक आकर्षक विकल्प बनता जा रहा है.

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