ईरानी LPG मामले में Adani Group का अमेरिकी एजेंसी से समझौता; जानिए पूरा मामला
Adani Group ने U.S. ट्रेजरी डिपार्टमेंट ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट कंट्रोल के साथ ईरानी LPG आयात मामले में समझौता किया है. कंपनी ने 27 करोड 50 लाख डॉलर का भुगतान करने पर सहमति जताई है. अमेरिकी एजेंसी ने जांच में सहयोग और सुधारात्मक कदमों को देखते हुए राहत दी. कंपनी ने कहा कि यह समझौता किसी भी गलती को स्वीकार करने जैसा नहीं है. मामले के बाद कंपनी ने LPG आयात रोककर अनुपालन नियमों को और मजबूत किया है.

Adani Group ने U.S. ट्रेजरी डिपार्टमेंट ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट कंट्रोल के साथ ईरानी LPG आयात मामले में समझौता किया है. यह मामला गुजरात के मुंद्रा पोर्ट के जरिए कथित तौर पर ईरानी LPG आयात से जुड़ा था. Adani Enterprises ने इस मामले में 27 करोड़ 50 लाख डॉलर का पेमेंट करने पर सहमति जताई है. कंपनी का कहना है कि यह समझौता किसी भी तरह की गलती या दोष साबित नहीं करता. अमेरिकी एजेंसी ने जांच में कंपनी के सहयोग और सुधारात्मक कदमों को देखते हुए राहत दी है.
क्या था पूरा मामला
पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी एजेंसी के अनुसार नवंबर 2023 से जून 2025 के बीच Adani Enterprises ने दुबई स्थित एक कारोबारी कंपनी से LPG की खरीद की थी. यह कारोबारी कंपनी खुद को ओमान और इराक से गैस सप्लाई करने वाला बताती थी. हालांकि जांच में सामने आया कि वह ईरानी LPG को बाजार तक पहुंचाने का जरिया बनी हुई थी. कंपनी को दिए गए दस्तावेजों में कहीं भी साफ तौर पर ईरानी गैस का जिक्र नहीं था.
Adani Enterprises ने क्या कहा
Adani Enterprises Ltd ने कहा कि समझौते का मतलब यह नहीं है कि कंपनी किसी गलती की दोषी पाई गई है. कंपनी ने जांच में पूरा सहयोग किया और खुद आगे आकर कई जानकारियां साझा कीं. Adani Enterprises ने यह भी बताया कि सार्वजनिक रिपोर्ट सामने आने के बाद उसने LPG आयात तुरंत रोक दिया था और अमेरिकी कानूनी सलाहकारों से जांच कराई थी.
अमेरिकी एजेंसी ने क्यों दी राहत
ओएफएसी के मुताबिक कंपनी ने जांच के दौरान बडी मात्रा में दस्तावेज उपलब्ध कराए और एजेंसी के सवालों के जवाब दिए. इसके अलावा कंपनी ने अपने प्रतिबंध अनुपालन कार्यक्रम में भी कई बदलाव किए. इन्हीं सुधारात्मक कदमों और स्वेच्छा से जानकारी साझा करने के कारण अमेरिकी एजेंसी ने संभावित जुर्माना कम कर दिया. शुरुआत में यह जुर्माना करीब 38 करोड 40 लाख डॉलर तक पहुंच सकता था.
पहले भी हुआ था समझौता
कुछ दिन पहले ही Gautam Adani और उनके भतीजे Sagar Adani ने अमेरिकी प्रतिभूति और विनिमय आयोग के साथ भी समझौता किया था. उस मामले में निवेशकों से कथित जानकारी छिपाने के आरोप लगे थे. दोनों ने 1 करोड 80 लाख डॉलर देकर उस मामले को सुलझाने पर सहमति दी थी.
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जांच के बावजूद कारोबार में विस्तार जारी
कानूनी और नियामकीय जांच के बावजूद Adani Group ने अपने कारोबार का विस्तार जारी रखा है. समूह की कंपनियां बुनियादी ढांचा, लॉजिस्टिक्स और ऊर्जा क्षेत्रों में तेजी से काम कर रही हैं. कंपनी के दस्तावेजों के अनुसार वित्त वर्ष 2026 की पहली छमाही में समूह ने लगभग 5 अरब 30 करोड डॉलर का रिकॉर्ड ईबीआईटीडीए दर्ज किया. वहीं इस दौरान पूंजीगत खर्च करीब 17 अरब डॉलर रहा.