Adani Power Q1 Results: मुनाफा 42 फीसदी बढ़कर ₹4,806 करोड़ हुआ, कंपनी ने ₹15,000 करोड़ जुटाने को दी मंजूरी
Adani Power Q1 Results: रिपोर्टिंग अवधि में ऑपरेशन से होने वाली आय सालाना आधार पर 34% बढ़कर 18,902 करोड़ रुपये हो गई. ऑपरेटिंग और फाइनेंशियल पैमानों पर यह उसका अब तक का सबसे अच्छा तिमाही प्रदर्शन रहा.

Adani Power Q1 Results: अडानी पावर ने बुधवार को वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के नतीजे जारी कर दिए. कंपनी ने बताया कि पहली तिमाही में उसका कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर (YoY) 42 फीसदी बढ़कर 4,806 करोड़ रुपये हो गया है. पिछले साल इसी तिमाही में यह 3,385 करोड़ रुपये था.
कंपनी ने कहा कि बिजली की बढ़ती मांग और क्षमता के बेहतर इस्तेमाल की वजह से ऑपरेटिंग और फाइनेंशियल पैमानों पर यह उसका अब तक का सबसे अच्छा तिमाही प्रदर्शन रहा.
बिजली बिक्री में कितना इजाफा
अडानी पावर की कुल बिजली बिक्री की मात्रा Q1 में 17% बढ़कर 28.8 अरब यूनिट हो गई, जो पिछले साल की इसी तिमाही में 24.6 अरब यूनिट थी. बिजली उत्पादन 31 अरब यूनिट रहा, जो किसी भी तिमाही में कंपनी का अब तक का सबसे अधिक उत्पादन है.
प्लांट लोड फैक्टर
इस तिमाही में अडानी पावर की इंस्टॉल्ड कैपेसिटी 18,330 MW रही, जबकि एक साल पहले यह 17,550 MW थी. प्लांट लोड फैक्टर पिछले साल की इसी तिमाही के 67 फीसदी से बढ़कर 77.9 फीसदी हो गया.
अडानी पावर का रिपोर्टेड EBITDA सालाना आधार पर 36 फीसदी बढ़कर 6,150 करोड़ रुपये से 8,369 करोड़ रुपये हो गया. कंटिन्यूइंग EBITDA 22% बढ़कर 5,744 करोड़ रुपये से 6,983 करोड़ रुपये हो गया.
बिजली खरीद समझौता
कंपनी ने इस तिमाही में 1,386 करोड़ रुपये की नेट पिछली अवधि की आय (Net Prior-Period Income) भी दर्ज की, जो मुख्य रूप से कुछ बिजली खरीद समझौतों के तहत पुराने एनर्जी चार्ज में बदलाव के कारण थी. पिछले साल इसी तिमाही में यह आंकड़ा 406.21 करोड़ रुपये था.
फाइनेंस कॉस्ट
ईंधन की लागत 30 फीसदी बढ़कर 7,309 करोड़ रुपये से 9,513 करोड़ रुपये हो गई, जिसका मुख्य कारण आयातित कोयले की अधिक मात्रा और ज्यादा लैंडेड कीमतें थीं. फाइनेंस कॉस्ट 5 फीसदी बढ़कर 857 करोड़ रुपये से 901 करोड़ रुपये हो गई. कंपनी का कहना है कि अधिग्रहण और जारी कैपिटल खर्च के बावजूद लागत पर कड़ा नियंत्रण बना रहा.
Q1FY27 के दौरान बिजली खरीद समझौतों (PPAs) के तहत बिजली की बिक्री 30 फीसदी बढ़कर 24.5 अरब यूनिट हो गई. PPAs के तहत टैरिफ वसूली 8 फीसदी सुधरकर 5.95 रुपये प्रति kWh हो गई.