तीन दिन में 200% उछला ESDS Software Solution का शेयर, लिस्टिंग के बाद से ही रॉकेट बना स्टॉक

ESDS Software Solution के शेयर 4 सितंबर को NSE पर 757 रुपये पर लिस्ट हुए थे, जो IPO इश्यू प्राइस 429 रुपये प्रति शेयर से 76.46 फीसदी अधिक था. IPO शुक्रवार, 28 अगस्त को पब्लिक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था.

ESDS Software Solution Share Image Credit: TV9 Bharatvarsh & Canva

Highlights

  • ESDS Software Solution के शेयरों में जबरदस्त तेजी देखी जा रही है.
  • पिछले सेशन में स्टॉक 20 फीसदी के अपर सर्किट पर पहुंचा था.
  • IPO शुक्रवार, 28 अगस्त को पब्लिक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था.

ESDS Software Solution के शेयर की कीमत तेजी से बढ़ रही है. लिस्टिंग के बाद सिर्फ तीन सेशन में ही यह स्टॉक 200 फीसदी चढ़ गया है. शुक्रवार, 4 सितंबर को भारतीय शेयर बाजार में लिस्ट होने के बाद से ही ESDS Software Solution के शेयरों में जबरदस्त तेजी देखी जा रही है.

स्टॉक में लगा अपर सर्किट

मंगलवार 8 सितंबर को यह स्टॉक पिछले क्लोजिंग प्राइस 1,074.65 रुपये के मुकाबले 1,187.95 रुपये पर खुला और 20 फीसदी चढ़कर 1,289.55 रुपये के अपर सर्किट पर पहुंच गया. इस कीमत पर स्टॉक अपने IPO प्राइस 429 रुपये से 201 फीसदी ऊपर है. इससे पहले सोमवार, 7 सितंबर के सेशन में भी स्टॉक 20 फीसदी के अपर सर्किट पर पहुंचा था.

लिस्टिंग प्राइस

ESDS Software Solution के शेयर 4 सितंबर को NSE पर 757 रुपये पर लिस्ट हुए थे, जो IPO इश्यू प्राइस 429 रुपये प्रति शेयर से 76.46 फीसदी अधिक था. BSE पर यह 746.30 रुपये पर खुला, जो इश्यू प्राइस से 73.96 फीसदी ज्यादा था.

ESDS Software Solution का IPO शुक्रवार, 28 अगस्त को पब्लिक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला और मंगलवार, 1 सितंबर को 100 गुना मजबूत सब्सक्रिप्शन के साथ बंद हुआ था.

यह IPO पूरी तरह से 720 करोड़ रुपये तक के इक्विटी शेयरों का फ्रेश इश्यू था और इसे 408-429 रुपये प्रति शेयर के प्राइस बैंड में पेश किया गया था.

कंपनी IPO से मिली रकम में से 576 करोड़ रुपये का इस्तेमाल अपने डेटा सेंटर्स के लिए क्लाउड कंप्यूटिंग और अन्य इक्विपमेंट व इंफ्रास्ट्रक्चर खरीदने और लगाने में करने की योजना बना रही है. बाकी बची रकम का इस्तेमाल सामान्य कॉरपोरेट कामों के लिए किया जाएगा.

क्या करती है कंपनी?

ESDS Software Solution भारत में क्लाउड, मैनेज्ड सर्विसेज़, डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर और सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन देने वाली AI-बेस्ड कंपनी है. FY24 में इसके ऑपरेशन से रेवेन्यू 286.52 करोड़ रुपये था, जो FY25 में बढ़कर 361.34 करोड़ रुपये और FY26 में 472.21 करोड़ रुपये हो गया. इसके मालिकों का प्रॉफिट FY24 में 12.57 करोड़ रुपये, FY25 में 55.61 करोड़ रुपये और FY26 में 120.28 करोड़ रुपये था.

यह भी पढ़ें: भारत ने 10 नए तेल सप्लायर जोड़े, फिर भी पुराने देशों का दबदबा बरकरार; रूस ने कर दी हर कमी की भरपाई