न मांग घटी, न क्रेज कम हुआ… फिर क्यों भारत में iPhone की बिक्री गिरने वाली है?
भारत में 2026 के दौरान Apple की iPhone शिपमेंट पहली बार सालाना आधार पर घट सकती है. विशेषज्ञों के मुताबिक इसकी वजह कमजोर मांग नहीं, बल्कि सीमित सप्लाई, महंगे होते iPhone और पहले जैसे एक्सचेंज, EMI व कैशबैक ऑफर का कम होना है.
Highlights
- सप्लाई की कमी से शिपमेंट पर दबाव
- कम ऑफर से बढ़ा ग्राहकों का खर्च
- भारत Apple का अहम बाजार बना रहेगा
भारत में Apple कई सालों से लगातार iPhone की बिक्री बढ़ाने में सफल रहा है, लेकिन अब यह रफ्तार धीमी पड़ती दिखाई दे रही है. मार्केट रिसर्च कंपनियों का अनुमान है कि 2026 में Apple की भारत में iPhone शिपमेंट (बाजार में भेजे गए फोन) पहली बार सालाना आधार पर घट सकती है. हालांकि इसकी वजह ग्राहकों की कम होती दिलचस्पी नहीं, बल्कि सप्लाई की कमी और iPhone का पहले के मुकाबले महंगा पड़ना है.
विशेषज्ञों का कहना है कि लोगों में iPhone खरीदने की इच्छा अब भी बनी हुई है, लेकिन कई लोकप्रिय मॉडल समय पर उपलब्ध नहीं हैं. इसके अलावा पहले की तरह आसान EMI, एक्सचेंज ऑफर और कैशबैक जैसी सुविधाएं भी कम हो गई हैं, जिससे ग्राहकों पर खरीदारी का खर्च बढ़ गया है.
पुराने मॉडल पर नहीं मिल रही बड़ी राहत
Apple ने अपने पुराने iPhone मॉडलों की आधिकारिक कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की है, लेकिन बाजार में मिलने वाले ऑफर पहले की तुलना में काफी कम हो गए हैं. पहले ग्राहक एक्सचेंज बोनस, नो-कॉस्ट EMI और फेस्टिव डिस्काउंट का फायदा उठाकर कम कीमत में iPhone खरीद लेते थे. अब ऐसे ऑफर सीमित होने से ग्राहकों को लगभग पूरी कीमत चुकानी पड़ रही है.
IDC इंडिया की रिसर्च मैनेजर उपासना जोशी के मुताबिक, भारत में iPhone की मांग अभी भी मजबूत है, लेकिन शिपमेंट में गिरावट की सबसे बड़ी वजह सप्लाई से जुड़ी दिक्कतें हैं. उनका कहना है कि अप्रैल-जून 2026 तिमाही में कुल स्मार्टफोन बाजार में भी करीब 11 से 12 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि iPhone की शिपमेंट लगभग स्थिर रही या मामूली घटी.
रिसर्च कंपनियों ने घटाया अनुमान
Counterpoint Research का कहना है कि अप्रैल-जून तिमाही में भारत में Apple की iPhone शिपमेंट करीब 3 प्रतिशत घटी, जो लगभग चार साल में पहली गिरावट है. हालांकि कंपनी का मानना है कि यह गिरावट कमजोर मांग के कारण नहीं, बल्कि Apple की सीमित सप्लाई और नियंत्रित स्टॉक रणनीति का नतीजा है.
रिसर्च फर्म Omdia के अनुसार, iPhone 17 Pro और Pro Max के कुछ मॉडल पर्याप्त संख्या में उपलब्ध नहीं हैं. वहीं, इस साल iPhone 18 सीरीज के लॉन्च में संभावित बदलाव के कारण भी बाजार की रणनीति प्रभावित हो सकती है.
त्योहारी सीजन में कम मिल सकते हैं ऑफर
मोबाइल कारोबारियों का कहना है कि इस बार त्योहारी सीजन में पुराने iPhone मॉडलों पर हर साल की तरह बड़ी कीमत कटौती मिलने की संभावना कम है. आमतौर पर Apple नई सीरीज लॉन्च होने के बाद पुराने मॉडल की कीमत करीब 10 हजार रुपये तक घटा देता है, जिससे बिक्री बढ़ती है. लेकिन इस बार ऐसा होने की उम्मीद कम है.
अगर एक्सचेंज ऑफर और फाइनेंस स्कीम भी सीमित रहती हैं, तो बड़ी संख्या में ऐसे ग्राहकों के लिए iPhone खरीदना मुश्किल हो सकता है जो लंबे समय से इसे खरीदने की योजना बना रहे हैं.
भारत बना रहेगा अहम बाजार
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में iPhone 18 Pro, Pro Max और Apple का पहला फोल्डेबल iPhone कंपनी की प्रीमियम रेंज को मजबूत करेंगे. हालांकि यदि सप्लाई की समस्या जारी रहती है और कीमतें बढ़ती हैं, तो बिक्री पर दबाव बना रह सकता है.
इसके बावजूद भारत Apple के लिए सबसे तेजी से बढ़ते बाजारों में शामिल है. कंपनी के हालिया वित्तीय नतीजों में भी भारत से रिकॉर्ड राजस्व मिलने की जानकारी दी गई है. बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ महीनों में सप्लाई, त्योहारी सीजन की मांग और ग्राहकों के खरीदारी के रुझान पर नजर रहेगी. इन्हीं के आधार पर तय होगा कि मौजूदा गिरावट अस्थायी है या फिर Apple की तेज वृद्धि का दौर अब धीमा पड़ने लगा है.
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