कच्चे तेल की कीमतों में फिर से उछाल, ट्रंप ने खारिज कर दिया ईरान का होर्मुज को खोलने का प्रस्ताव

Crude Oil Price Today: यह बढ़ोतरी ट्रंप द्वारा ईरान के उस प्रस्ताव को ठुकराने के बाद हुई, जिसमें रणनीतिक जलमार्ग को फिर से खोलने और सात दिनों के भीतर परमाणु वार्ता फिर से शुरू करने की बात कही गई थी. पिछले सप्ताह ब्रेंट क्रूड में 0.4% की बढ़त हुई, जबकि WTI में 7.9% की गिरावट आई.

कच्चे तेल की कीमतों में इजाफा. Image Credit: Getty image

Crude Oil Price Today: सोमवार को एशियाई बाजार में शुरुआती कारोबार के दौरान तेल की कीमतों में 1 फीसदी से अधिक की बढ़ोतरी हुई. ऐसा तब हुआ जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने और बातचीत शुरू करने के ईरान के प्रस्ताव को ठुकरा दिया, जिससे पश्चिम एशिया से ऊर्जा आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है.

0036 GMT तक ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 1.27 फीसदी बढ़कर $105.64 प्रति बैरल हो गया, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 0.76 फीसदी बढ़कर $93.11 प्रति बैरल पर पहुंच गया.

क्यों आई तेल की कीमतों में तेजी?

यह बढ़ोतरी ट्रंप द्वारा ईरान के उस प्रस्ताव को ठुकराने के बाद हुई, जिसमें रणनीतिक जलमार्ग को फिर से खोलने और सात दिनों के भीतर परमाणु वार्ता फिर से शुरू करने की बात कही गई थी. ट्रंप ने शनिवार को पुष्टि की कि उन्होंने इस योजना को खारिज कर दिया है. उन्होंने कहा, ‘उन्होंने एक प्रस्ताव रखा था, लेकिन मैंने उसे ठुकरा दिया.’

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने शुक्रवार को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा से इतर इस प्रस्ताव की रूपरेखा पेश की थी. अरागची ने पत्रकारों से कहा, ‘अगर कुछ शर्तें पूरी होती हैं, तो सात दिनों के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य खोल दिया जाएगा और बातचीत फिर से शुरू होगी.’

आवाजाही में रुकावट

ईरान के अधिकारियों ने बताया कि इन शर्तों में ईरान द्वारा अमेरिका की आक्रामक कार्रवाइयां बताई जाने वाली गतिविधियों को रोकना, नौसैनिक नाकेबंदी और आर्थिक प्रतिबंध हटाना तथा ईरान की संपत्ति को जारी करना शामिल है.

ट्रंप के इनकार से यह चिंता बढ़ गई है कि होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही में रुकावट बनी रह सकती है, हालांकि उन्होंने रविवार को Axios को बताया कि अमेरिकी वार्ताकारों के इस सप्ताह ईरान के साथ और बातचीत करने की उम्मीद है.

ईरान का यह भी कहना है कि वह कूटनीति के लिए तैयार है. अरागची ने रविवार को कहा कि जलमार्ग को फिर से खोलने की शर्तें वैसी ही बनी हुई हैं. होर्मुज स्ट्रेट तेल बाजार के लिए अहम बना हुआ है.

होर्मुज स्ट्रेट की अहमियत

होर्मुज स्ट्रेट फारस की खाड़ी (Persian Gulf) को ओमान की खाड़ी (Gulf of Oman) से जोड़ता है और यह कच्चे तेल और अन्य ऊर्जा शिपमेंट के लिए दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण रास्तों में से एक है. इस जलमार्ग से होने वाले ट्रैफिक में किसी भी तरह की लंबी रुकावट से वैश्विक आपूर्ति कम हो सकती है और तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का दबाव बन सकता है.

Kpler के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, हालिया चिंताओं के बावजूद, पश्चिम एशिया के प्रमुख उत्पादकों से कच्चे तेल का निर्यात सितंबर में बढ़कर 12.8 मिलियन बैरल प्रति दिन हो गया, जो फरवरी में युद्ध शुरू होने के बाद से सबसे अधिक स्तर है.

शिपमेंट में बढ़ोतरी की थी उम्मीद

आंकड़ों से पता चला है कि सितंबर में होर्मुज जलडमरूमध्य से शिपमेंट लगभग 7.4 मिलियन बैरल प्रति दिन तक पहुंचने की उम्मीद थी. सऊदी अरब और UAE ने निर्यात बढ़ाया, जबकि सऊदी अरब ने अपनी ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन को हमलों से नुकसान पहुंचने के बाद कुछ शिपमेंट को लाल सागर के यानबू बंदरगाह से अपने पूर्वी रास तनुरा बंदरगाह पर स्थानांतरित कर दिया.

पिछले सप्ताह ब्रेंट क्रूड में 0.4% की बढ़त हुई, जबकि WTI में 7.9% की गिरावट आई. यह गिरावट इस चिंता के बीच हुई कि अमेरिका रिकॉर्ड घरेलू कीमतों को कम करने के लिए डीजल निर्यात पर प्रतिबंध लगा सकता है, जिससे संभावित रूप से रिफाइनिंग आउटपुट कम हो सकता है.

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