E20 ब्लेंडिंग से पंजाब के किसानों की बढ़ेगी कमाई! राइस मिलर्स ने बताए बड़े फायदे
E20 एथेनॉल ब्लेंडिंग से पंजाब के किसानों को अतिरिक्त आय के अवसर मिल सकते हैं. राइस मिलर्स का कहना है कि इससे धान आधारित उद्योग को राहत मिलेगी, पराली प्रबंधन बेहतर होगा और ऊर्जा सुरक्षा के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा.

देश में एथेनॉल ब्लेंडिंग को बढ़ावा देने की केंद्र सरकार की योजना का असर अब कृषि क्षेत्र में भी दिखने लगा है. राइस मिलर्स के संगठन का कहना है कि E20 (20% एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) को बढ़ावा मिलने से पंजाब के किसानों को बड़ा लाभ होगा. इससे धान की कटाई के बाद बचने वाले अवशेषों का बेहतर उपयोग हो सकेगा और राइस मिल उद्योग पर पड़ने वाला दबाव भी कम होगा. संगठन का मानना है कि एथेनॉल उत्पादन बढ़ने से कृषि उत्पादों की मांग बढ़ेगी और किसानों की आय में सुधार आने की संभावना है.
किसानों को मिल सकता है अतिरिक्त आय का मौका
राइस मिलर्स का कहना है कि एथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम केवल ऊर्जा सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह किसानों के लिए भी नए अवसर लेकर आया है. धान और अन्य कृषि उत्पादों का उपयोग एथेनॉल उत्पादन में होने से किसानों को अपनी उपज के बेहतर दाम मिलने की उम्मीद है.
इसके अलावा, फसल अवशेषों के बेहतर इस्तेमाल से पराली जलाने जैसी समस्या को कम करने में भी मदद मिल सकती है. इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ किसानों को अतिरिक्त आमदनी का रास्ता भी मिलेगा.
राइस मिल उद्योग को भी मिलेगी राहत
पंजाब के राइस मिलर्स का कहना है कि एथेनॉल उत्पादन बढ़ने से धान और उससे जुड़े उत्पादों का बेहतर उपयोग होगा. इससे मिलों में भंडारण और प्रबंधन का दबाव कम होगा. उद्योग का मानना है कि नई नीति से कृषि और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के बीच बेहतर तालमेल बनेगा, जिसका लाभ पूरी सप्लाई चेन को मिलेगा.
ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में अहम कदम
केंद्र सरकार लंबे समय से पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा बढ़ाने पर जोर दे रही है. इसका उद्देश्य कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करना, विदेशी मुद्रा की बचत करना और स्वच्छ ईंधन के इस्तेमाल को बढ़ावा देना है. E20 ब्लेंडिंग के जरिए सरकार ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने के साथ-साथ किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की दिशा में भी काम कर रही है.
पर्यावरण को भी होगा फायदा
विशेषज्ञों का मानना है कि एथेनॉल मिश्रित ईंधन के अधिक उपयोग से कार्बन उत्सर्जन कम करने में मदद मिल सकती है. साथ ही, फसल अवशेषों का उपयोग बढ़ने से पराली जलाने की घटनाओं में कमी आ सकती है, जिससे वायु प्रदूषण पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा.
राइस मिलर्स का कहना है कि यदि सरकार एथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम को इसी गति से आगे बढ़ाती है, तो इसका फायदा किसानों, उद्योग और पर्यावरण तीनों को मिलेगा. उनका मानना है कि यह पहल कृषि क्षेत्र को अधिक टिकाऊ और लाभकारी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है.
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