होम लोन वालों के लिए जरूरी खबर! अगस्त में RBI क्या करेगा ब्याज दरों पर फैसला?

अर्थशास्त्रियों का मानना है कि अगस्त मौद्रिक नीति समीक्षा में RBI रेपो रेट में बदलाव नहीं करेगा. हालांकि, महंगाई और वैश्विक अनिश्चितताओं को देखते हुए केंद्रीय बैंक सख्त रुख बनाए रख सकता है, जिससे ब्याज दरों पर आगे की दिशा तय होगी.

भारतीय रिजर्व बैंक

Highlights

  • अगस्त में रेपो रेट स्थिर रख सकता RBI
  • महंगाई जोखिमों पर सख्त रहेगा केंद्रीय बैंक रुख
  • MPC बैठक पर निवेशकों की नजरें टिकी रहेंगी

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की अगस्त मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक पर बाजार और निवेशकों की नजर टिकी हुई है. अर्थशास्त्रियों का मानना है कि इस बार RBI रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं करेगा. हालांकि, महंगाई से जुड़े जोखिमों को देखते हुए केंद्रीय बैंक अपना सख्त (Hawkish) रुख बरकरार रख सकता है. इससे साफ संकेत मिलेगा कि फिलहाल ब्याज दरों में कटौती की जल्द उम्मीद नहीं है.

रेपो रेट में बदलाव की संभावना कम

विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में खुदरा महंगाई में नरमी जरूर आई है, लेकिन कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और मौसम से जुड़े जोखिम अभी भी बने हुए हैं. ऐसे में RBI फिलहाल रेपो रेट को मौजूदा स्तर पर ही बनाए रखना चाह सकता है. केंद्रीय बैंक का मुख्य उद्देश्य महंगाई को तय दायरे में रखना और आर्थिक स्थिरता बनाए रखना है.

महंगाई पर बनी हुई है चिंता

अर्थशास्त्रियों के मुताबिक, आने वाले महीनों में खाद्य महंगाई, अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतें और वैश्विक हालात महंगाई को प्रभावित कर सकते हैं. मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और कच्चे तेल की सप्लाई को लेकर बनी अनिश्चितता भी RBI के लिए चिंता का विषय है. यदि कच्चा तेल महंगा होता है, तो इसका असर पेट्रोल-डीजल के साथ कई अन्य वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ सकता है.

सख्त रुख का क्या मतलब है?

अगर RBI अपनी मौद्रिक नीति में सख्त रुख बनाए रखता है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि ब्याज दरें तुरंत बढ़ाई जाएंगी. इसका संकेत केवल इतना होता है कि केंद्रीय बैंक महंगाई पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर भविष्य में कड़े कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा. यानी फिलहाल ब्याज दरों में कटौती की संभावना सीमित रह सकती है.

कर्ज और निवेश पर क्या होगा असर?

अगर रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं होता, तो फिलहाल होम लोन, कार लोन और अन्य फ्लोटिंग रेट वाले कर्ज की ब्याज दरों में भी बदलाव की संभावना कम रहेगी. वहीं, बैंक अपनी जमा योजनाओं और ऋण दरों में तत्काल कोई बड़ा बदलाव नहीं करेंगे. शेयर बाजार भी RBI के बयान और भविष्य के संकेतों पर नजर रखेगा, क्योंकि निवेशकों के लिए केंद्रीय बैंक का रुख ब्याज दरों से भी ज्यादा अहम माना जाता है.

आगे क्या देखेगा बाजार?

बाजार की नजर अब RBI की MPC बैठक के फैसले के साथ-साथ गवर्नर के बयान पर भी रहेगी. अगर केंद्रीय बैंक महंगाई को लेकर सख्त संकेत देता है, तो आगे की मौद्रिक नीति उसी दिशा में तय हो सकती है. विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक महंगाई और वैश्विक अनिश्चितता पूरी तरह काबू में नहीं आती, तब तक RBI सतर्क रुख अपनाए रख सकता है.

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