जुलाई में बना सबसे बड़ा रिकॉर्ड, जानें कितने लाख करोड़ का हुआ डिजिटल लेन-देन
डिजिटल इंडिया के इस दौर में यूपीआई ने पिछले महीने जुलाई 2026 में ऑल टाइम हाई बनाया है जिससे इसने अब नया मुकाम छू लिया है. सालाना आधार पर यूपीआई ट्रांजैक्शन की वैल्यू 19 फीसदी बढ़ी है. केवल इतना ही नहीं, यूएई और सिंगापुर समेत अब दस से ज्यादा देशों में यूपीआई वैश्विक स्तर पर भी भारत का परचम लहरा रहा है.
आज ऐसा दौर आ गया है जब आपके जेब में भले ही Cash न हो, फिर भी आप खरीदारी कर सकते हैं, ट्रेवल कर सकते हैं, बस आपके फोन में यूपीआई पेमेंट सपोर्ट करने वाला ऐप होना चाहिए. डिजिटल भुगतान में आया ये बदलाव अब नए मुकाम छू रहा है. भारत के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) ने जुलाई में भी अपनी बढ़त जारी रखी और अब तक का सबसे ज़्यादा मंथली ट्रांजैक्शन वैल्यू को हासिल किया. नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया यानी NPCI द्वारा जारी डेटा के मुताबिक, प्लेटफॉर्म ने ट्रांजैक्शन वॉल्यूम में एक नया पीक छुआ, जबकि जुलाई में ट्रांजैक्शन की वैल्यू 29.88 लाख करोड़ तक पहुंच गई.
प्लेटफॉर्म ने जुलाई में 23.66 बिलियन ट्रांजैक्शन को प्रोसेस किया, जो जून में रिकॉर्ड किए गए 22.72 बिलियन और मई में 23.2 बिलियन के पिछले हाई से ज्यादा थे. ये इस बात को दर्शाता है कि कैसे यूपीआई के आने से लोगों की आदत बदली है और अब लोग कैश से ज्यादा यूपीआई ट्रांजैक्शन कर रहे हैं.
सालाना आधार पर बढ़ गई ट्रांजैक्शन वैल्यू
सालाना आधार पर, UPI Transaction की वैल्यू पिछले साल जुलाई में 25.08 लाख करोड़ से 19 फीसदी बढ़कर इस साल 29.88 लाख करोड़ हो गई. नए आंकड़े डिजिटल पेमेंट के लिए यूपीआई के इस्तेमाल में लगातार बढ़ोतरी दिखाते हैं. जून में ट्रांजैक्शन वॉल्यूम 22.72 बिलियन था, जो जुलाई में बढ़कर 23.66 बिलियन हो गया है. इससे पहले, मई में 23.2 बिलियन ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड किए गए थे. जुलाई के ट्रांजैक्शन वैल्यू ने मई 2026 में देखे गए रिकॉर्ड लेवल को भी पार कर लिया, जब UPI ट्रांजैक्शन 29.9 लाख करोड़ तक पहुंच गए थे.
मजबूत हुआ डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम
टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, लेटेस्ट डेटा पर रिएक्शन देते हुए, PayNearby के मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर आनंद कुमार बजाज ने कहा, यूपीआई भारत के डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम की नींव को मजबूत कर रहा है. जुलाई 2026 में, इसने 29.88 लाख करोड़ के 23.66 बिलियन ट्रांज़ैक्शन प्रोसेस किए, जिससे लाखों भारतीयों के लिए पेमेंट के पसंदीदा तरीके के तौर पर इसकी भूमिका की पुष्टि हुई.
उन्होंने कहा कि ग्रोथ के अगले फेज में देश भर के यूजर्स के बीच कॉन्फिडेंस और एक्सेसिबिलिटी बढ़ाने पर फोकस होना चाहिए. उन्होंने कहा, जैसे-जैसे यूपीआई को अपनाया जा रहा है, जमीनी स्तर पर भरोसा, अवेयरनेस और इस्तेमाल में आसानी बनाने पर फोकस रहना चाहिए, और इन नींवों को मजबूत करना यह पक्का करने के लिए जरूरी होगा कि डिजिटल पेमेंट की ग्रोथ पूरे भारत में बड़े और ज्यादा मतलब वाले फाइनेंशियल इनक्लूजन में बदले.
UPI in Which Countries: दुनिया भर में बढ़ाई पहुंच
यूपीआई अब सिंगापुर, UAE, नेपाल, भूटान, फ्रांस, श्रीलंका, कतर और मॉरिशस समेत करीब 10 देशों में काम कर रहा है. जानकारी के मुताबिक, इस प्लेटफॉर्म को दुनिया भर में अपनाए जाने से रेमिटेंस बढ़ रहा है, फाइनेंशियल इनक्लूजन को बढ़ावा मिल रहा है और दुनिया भर के फिनटेक माहौल में भारत की स्थिति मजबूत हो रही है. नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) जो भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) की एक पहल है, देश में रिटेल पेमेंट और सेटलमेंट सिस्टम चलाने वाली एक अम्ब्रेला संस्था है.
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