अमेरिका की सबसे बड़ी तेल कंपनियों का मुनाफा घटा, रिकॉर्ड स्तर पर गैसोलीन की कीमतें, जानें- क्यों है चिंता की वजह

Exxon Mobil और Chevron ने शुक्रवार को अपनी तिमाही रिपोर्ट जारी की. दोनों कंपनियों का एडजस्टेड मुनाफा Wall Street की उम्मीदों से कहीं अधिक रहा. इस हफ्ते दोनों कंपनियों के शेयरों में काफी तेजी आई थी. अमेरिकी श्रम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले महीने अमेरिका में महंगाई तेजी से बढ़ी.

तेल कंपनियों का प्रदर्शन. Image Credit: Anton Petrus/Moment/Getty Images

अमेरिका की दो सबसे बड़ी तेल कंपनियों का मुनाफा पहली तिमाही में काफी गिर गया. यह तीन महीने की ऐसी अवधि थी, जब कच्चे तेल और गैसोलीन की कीमतें तेजी से बढ़ी थीं. हालांकि, यह गिरावट सिर्फ कागजों पर ही है. यह उन फाइनेंशियल हेजेज (वित्तीय सुरक्षा उपायों) का नतीजा है, जो फरवरी के आखिर में अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर ले शुरू करने के बाद उलटे पड़ गए.

दोनों कंपनियों ने किया हेजेज का इंतजाम

Exxon Mobil और Chevron ने शुक्रवार को अपनी तिमाही रिपोर्ट जारी की. दोनों कंपनियों का एडजस्टेड मुनाफा Wall Street की उम्मीदों से कहीं अधिक रहा. इस हफ्ते दोनों कंपनियों के शेयरों में काफी तेजी आई थी, और बाजार खुलने से ठीक पहले भी उनके भाव थोड़े और बढ़ गए. साल की शुरुआत में ऊर्जा की कीमतें कम होने के कारण, Exxon Mobil और Chevron ने कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव से बचने के लिए हेजेज का इंतजाम किया था. तेल उद्योग में ऐसा करना एक आम बात है.

तेल की सप्लाई बाधित

लेकिन, अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमला किए जाने के बाद होर्मुज स्ट्रेट के लगभग बंद हो जाने के कारण तेल की फिजिकल डिलीवरी करना असंभव हो गया. जब तक कच्चे तेल की फिजिकल डिलीवरी नहीं हो जाती, तब तक Exxon और Chevron इन हेजेज से होने वाले मुनाफे को अपनी किताबों में दर्ज नहीं कर सकते. ईरान के तट के पास होर्मुज स्ट्रेट का लगभग बंद हो जाना इस युद्ध का एक अहम मुद्दा बन गया है, और इसी के कारण दुनिया भर में आर्थिक संकट महसूस किया जा रहा है.

आमतौर पर, दुनिया का लगभग 20 फीसदी तेल इसी स्ट्रेट से होकर गुजरता है. लेकिन, फरवरी के आखिर में युद्ध शुरू होने के बाद से इस रास्ते पर आवाजाही लगभग ठप हो गई है.

Exxon का वित्तीय प्रदर्शन

31 मार्च को समाप्त हुई तिमाही में Exxon ने 4.18 अरब डॉलर (यानी 1 डॉलर प्रति शेयर) का मुनाफा कमाया. पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी ने 7.7 अरब डॉलर (यानी 1.76 डॉलर प्रति शेयर) का मुनाफा कमाया था. इस तिमाही में कंपनी को लगभग 4 अरब डॉलर का नुकसान हुआ. कंपनी ने इस नुकसान की वजह अपने हेजेज के अनुमानित समय के प्रतिकूल प्रभाव को बताया है.

इस तरह के एक बार होने वाले प्रभावों को हटा देने पर, Exxon का प्रति शेयर मुनाफा 1.16 डॉलर रहा. यह Zacks Investment Research द्वारा किए गए सर्वे में विश्लेषकों द्वारा लगाए गए 1.07 डॉलर प्रति शेयर के अनुमान से कहीं ज्यादा था. Exxon अपनी रिपोर्ट में बताए गए नतीजों को संपत्ति की बिक्री जैसे एक बार होने वाले घटनाक्रमों के आधार पर एडजस्ट नहीं करती है.

कंपनी का कुल रेवेन्यू 85.14 अरब डॉलर रहा, जो Wall Street द्वारा लगाए गए 81.49 अरब डॉलर के अनुमान से कहीं ज्यादा था.

पहली तिमाही में कंपनी का नेट प्रोडक्शन प्रतिदिन 46 लाख बैरल तेल के बराबर रहा. पिछली तिमाही में यह आंकड़ा प्रतिदिन 50 लाख बैरल तेल के बराबर था, जिसकी तुलना में इस बार उत्पादन में गिरावट आई है. शेवरॉन ने पहली तिमाही में 2.21 अरब डॉलर, या प्रति शेयर 1.11 डॉलर का मुनाफा दर्ज किया.

एक साल पहले इसने 3.5 अरब डॉलर, या प्रति शेयर 2 डॉलर कमाए थे. कंपनी ने बताया कि इस तिमाही में उसे एक कानूनी रिजर्व से जुड़ा 360 मिलियन डॉलर का शुद्ध घाटा हुआ, और विदेशी मुद्रा के उतार-चढ़ाव के कारण उसकी कमाई 223 मिलियन डॉलर कम हो गई.

शेवरॉन का वित्तीय प्रदर्शन

शेवरॉन का एडजस्टेड मुनाफा प्रति शेयर 1.41 डॉलर रहा, जो वॉल स्ट्रीट के 92 सेंट प्रति शेयर के अनुमान से कहीं ज्यादा था. Exxon की तरह, शेवरॉन भी अपनी रिपोर्ट किए गए नतीजों को संपत्ति की बिक्री जैसी एक बार होने वाली घटनाओं के आधार पर समायोजित नहीं करती है. कंपनी का कुल रेवेन्यू 48.61 अरब डॉलर रहा, जो उम्मीद से बेहतर था.

Exxon और शेवरॉन उन बड़ी तेल कंपनियों में शामिल हैं जो इस हफ्ते अपने कमाई के आंकड़े जारी कर रही हैं. मंगलवार को BP ने बताया कि पहली तिमाही में उसका मुनाफा दोगुने से भी अधिक हो गया.

चिंता की क्या है वजह?

तेल कंपनियों के ये नतीजे ऐसे समय में आए हैं जब अमेरिका में गैसोलीन की कीमतें कई साल के नए उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं. यह यात्रियों, आम परिवारों और उन व्यवसायों के लिए चिंता का एक बड़ा कारण बन गया है जो ऊर्जा की बढ़ती कीमतों के प्रति विशेष रूप से संवेदनशील हैं. मोटर क्लब AAA के अनुसार, शुक्रवार को अमेरिका में गैसोलीन की औसत कीमत 4.39 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच गई, जो इस वीक 8 फीसदी से भी ज्यादा की बढ़ोतरी है.

तेजी से बढ़ी है महंगाई

अमेरिकी श्रम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले महीने अमेरिका में महंगाई तेजी से बढ़ी. यह पिछले छह दशकों में गैस की कीमतों में हुई सबसे बड़ी मंथली बढ़ोतरी थी. गैस की कीमतों में इस उछाल ने कम और मध्यम आय वाले परिवारों के बजट पर भारी दबाव डाला है, जिससे उनके लिए रोजमर्रा की जरूरी चीजों का खर्च उठाना और भी मुश्किल हो गया है.

लेकिन इसका असर व्यवसायों पर भी पड़ रहा है, खासकर उन व्यवसायों पर जो ईंधन की बढ़ती कीमतों के प्रति संवेदनशील हैं. दुनिया भर की एयरलाइनों ने अपनी उड़ानें रद्द करना शुरू कर दिया है, क्योंकि पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण जेट ईंधन की आपूर्ति पर दबाव पड़ रहा है और हवाई टिकटों की कीमतें बढ़ रही हैं.

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