क्विक डिलीवरी ऐप्स पर FSSAI का ‘शिकंजा’, Blinkit और Swiggy Instamart के लिए सख्त होंगे नियम!

FSSAI ने क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स जैसे ब्लिंकिट, स्विगी इंस्टामार्ट और अमेजन के लिए नियम सख्त कर रहा है. नए दिशा-निर्देशों के तहत ऑनलाइन फूड लिस्टिंग में मैन्युफैक्चरिंग, एक्सपायरी डेट और बैच नंबर दिखाना अनिवार्य होगा.

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Highlights

  • FSSAI जल्द सख्त करेगा क्विक-कॉमर्स के नियम.
  • नियमों के उल्लंघन पर प्लेटफॉर्म्स होंगे जवाबदेह.
  • एक्सपायरी डेट और डार्क स्टोर्स पर जांच.

फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी FSSAI भारत की 80 बिलियन डॉलर की ऑनलाइन रिटेल इंडस्ट्री में असुरक्षित तरीकों से निपटने के लिए क्विक डिलीवरी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के लिए नियम सख्त करने पर विचार कर रही है. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, फूड रेगुलेटर सख्त नियम तैयार कर रहा है, जिसका असर ब्लिंकिट, स्विगी के इंस्टामार्ट और अमेजन नाउ पर पड़ सकता है, क्योंकि यह ई-कॉमर्स पर फोकस कर रहा है. FSSAI के CEO राजित पुन्हानी ने एक इंटरव्यू में पब्लिकेशन को बताया, हम उन्हें सख्त और जवाबदेह बनाने की कोशिश कर रहे हैं.

FSSAI किन नियमों पर विचार कर रहा है?

FSSAI की योजना है कि ऑनलाइन लिस्टिंग में फूड प्रोडक्ट्स की मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट और बैच नंबर दिखाना जरूरी हो और मैन्युफैक्चरर्स के गुमराह करने वाले दावों के लिए प्लेटफॉर्म्स को जवाबदेह ठहराया जाए. इसी के साथ फ्रोजन आइटम्स सहित सही स्टोरेज कंडीशन पक्का करने के लिए डार्क स्टोर्स पर कड़ी जांच भी कर रहा है.

फूड रेगुलेटर ने जांच के जरिए बढ़ाई सख्ती

लाइव मिंट के मुताबिक, पिछले कुछ महीनों में, फेडरल फ़ूड रेगुलेटर ने जांच के जरिए सख्ती बढ़ाई है, जिसमें कंज्यूमर की शिकायतों के आधार पर और सजा के तौर पर कार्रवाई शामिल है. Eternal के ब्लिंकिट, स्विगी इंस्टामार्ट, वॉलमार्ट इंक. की मालिकी वाली फ्लिपकार्ट और अमेजन की इंडिया यूनिट, सभी को गलत ब्रैंडिंग और मना की गई चीजों की बिक्री से लेकर इनवैलिड लाइसेंस तक के उल्लंघन के लिए रेगुलेटरी कार्रवाई का सामना करना पड़ा है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि ये उपाय भारत की 80 बिलियन डॉलर की ऑनलाइन रिटेल इंडस्ट्री को नया रूप दे सकते हैं, जहां रेडसीर स्ट्रैटेजी कंसल्टेंट्स का अनुमान है कि बिक्री में किराने का सामान 51 फीसदी तक का हिस्सा है. FSSAI की जांच के बाद, इंस्टामार्ट ने जुलाई में कहा था कि वह रेगुलेटर द्वारा फ्लैग की गई लिस्टिंग का रिव्यू कर रहा है और इसे ठीक करने के लिए अधिकारियों के संपर्क में है. पिछले हफ्ते एक सवाल के जवाब में एक प्रवक्ता ने कहा कि अमेजन एक ऑनलाइन मार्केटप्लेस के तौर पर काम करता है जहां इंडिपेंडेंट थर्ड-पार्टी सेलर अपने प्रोडक्ट लिस्ट और बेचते हैं और कहा कि यह उन प्रोडक्ट को हटा देता है जो नियमों का पालन नहीं करते हैं. हम कंफर्म करते हैं कि वह प्रोडक्ट अब हमारे मार्केटप्लेस पर उपलब्ध नहीं है.

फूड इंडस्ट्री पर भी सख्ती

रेगुलेटर की बड़ी सख्ती अब ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से कहीं आगे तक फैल गई है. FSSAI ने फ़ूड बनाने वालों, होटलों और रेस्टोरेंट पर एडवरटाइज़िंग, प्रोडक्ट क्लेम, बच्चों के प्रोडक्ट की मार्केटिंग, लेबलिंग और फ़ूड स्टोरेज के तरीकों की जांच बढ़ा दी है. नेस्ले इंडिया लिमिटेड, पेप्सिको, डाबर इंडिया लिमिटेड जैसी कंपनियों के साथ-साथ JW मैरियट जैसे होटल ऑपरेटरों को नियमों के उल्लंघन के लिए फटकार लगाई गई है.

पुन्हानी ने कहा कि राज्य की फूड और ड्रग एनफोर्समेंट एजेंसियों जो FSSAI से अलग काम करती हैं को भी इन बिजनेस पर नजर रखनी चाहिए. उन्होंने कहा कि पिछले एक साल में ई-कॉमर्स कंपनियों से जुड़े केस कम से कम पांच से छह गुना बढ़ गए हैं और कहा कि वह धीरे-धीरे बेहतर हो रही है, लेकिन उस रफ्तार से नहीं जितनी होनी चाहिए.

यह कड़ी जांच कई सालों से वायरल सोशल-मीडिया पोस्ट और कस्टमर की शिकायतों के बाद हुई है. पुन्हानी ने कहा कि रेगुलेटरी बॉडीज़ ने अप्रैल और सितंबर के बीच लगभग 700,000 इंस्पेक्शन किए, जो एक साल पहले की तुलना में लगभग दोगुना है.

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