सोने की कीमतों में लगातार चौथे दिन गिरावट, 1.58 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर आया भाव

सोने के वायदा भाव में लगातार चौथे कारोबारी सत्र गिरावट आई. MCX पर अक्टूबर अनुबंध 856 रुपये घटकर 1,58,140 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा. अमेरिकी महंगाई, ऊंचे बॉन्ड यील्ड और फेड चेयरमैन के संबोधन से पहले निवेशक सतर्क हैं.

सोने के वायदा भाव

Highlights

  • MCX पर सोने का भाव लगातार चौथे दिन गिरावट में रहा
  • अक्टूबर वायदा सोना 856 रुपये घटकर 1,58,140 रुपये हुआ
  • अमेरिकी महंगाई और फेड रुख से निवेशक सतर्क रहे

सोने के वायदा भाव में शुक्रवार को लगातार चौथे कारोबारी सत्र में गिरावट दर्ज की गई. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर अक्टूबर डिलीवरी वाला सोना 856 रुपये यानी 0.54 फीसदी गिरकर 1,58,140 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया. निवेशकों की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वार्श के जैक्सन होल संगोष्ठी में होने वाले संबोधन पर है.

दिसंबर अनुबंध भी हुआ सस्ता

MCX पर दिसंबर डिलीवरी वाले सोने के वायदा भाव में भी गिरावट देखने को मिली. यह अनुबंध 942 रुपये यानी 0.59 फीसदी टूटकर 1,59,450 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया. इस तरह सोने की कीमतों में लगातार चौथे दिन कमजोरी बनी हुई है.

बाजार में निवेशक अमेरिकी फेड के अगले रुख को लेकर सतर्क हैं. खासकर ब्याज दरों और महंगाई को लेकर फेड की टिप्पणी पर बाजार की नजर है. इसी वजह से निवेशकों ने सोने में नई खरीदारी से फिलहाल दूरी बनाए रखी है.

मुनाफावसूली से भी कीमतों पर दबाव

निवेश मंच मडरेक्स के विश्लेषक अक्षत सिद्धांत के मुताबिक, अमेरिका में जुलाई की व्यक्तिगत उपभोग व्यय (PCE) मुद्रास्फीति उम्मीद से ज्यादा रहने के बाद घरेलू बाजार में कारोबारियों ने मुनाफावसूली शुरू की. इसका असर MCX पर सोने की कीमतों पर पड़ा.

हालांकि, अमेरिका की राजकोषीय स्थिति को लेकर चिंता ने सोने को कुछ हद तक सहारा दिया. इसी वजह से कीमतों में गिरावट ज्यादा तेज नहीं हुई. आमतौर पर आर्थिक और वित्तीय अनिश्चितता के समय निवेशक सोने को सुरक्षित निवेश विकल्प के तौर पर देखते हैं.

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना कमजोर

घरेलू बाजार के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमतों पर दबाव रहा. न्यूयॉर्क के कॉमेक्स बाजार में दिसंबर अनुबंध का वायदा भाव 28.49 डॉलर यानी करीब 1 फीसदी गिरकर 4,635.51 डॉलर प्रति औंस रह गया.

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के कमोडिटी विश्लेषक मानव मोदी ने कहा कि निवेशक जैक्सन होल संगोष्ठी में फेड चेयरमैन के संबोधन से पहले सतर्क रुख अपना रहे हैं.

महंगाई और वैश्विक तनाव पर नजर

बाजार में निवेशक लगातार बनी हुई महंगाई, ऊंचे बॉन्ड प्रतिफल और दुनिया में जारी तनाव के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रहे हैं. वैश्विक स्तर पर तनाव बढ़ने से भी निवेशकों की सतर्कता बढ़ी है.

आने वाले दिनों में फेडरल रिजर्व के रुख से सोने की कीमतों को दिशा मिल सकती है. अगर ब्याज दरों में कटौती के संकेत मिलते हैं, तो सोने को समर्थन मिल सकता है. वहीं, महंगाई को लेकर सख्त रुख रहने पर कीमतों पर दबाव बना रह सकता है.

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