गोल्ड-सिल्वर में बड़ी चाल नहीं, लेकिन जोखिम बरकरार… अगले हफ्ते क्या करें निवेशक?
आने वाले दिनों में सोना और चांदी की कीमतों में बहुत बड़ी तेजी या गिरावट नहीं दिखेगी, बल्कि यह एक तय दायरे में ही घूमती रह सकती हैं. इसकी सबसे बड़ी वजह है अंतरराष्ट्रीय हालात और आर्थिक आंकड़े. ऐसे में निवेशकों और ट्रेडर्स की नजर हर छोटी-बड़ी खबर पर रहेगी.

Gold-silver Price next Week: अगर आप सोना या चांदी खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो अगले हफ्ते थोड़ा सतर्क रहने की जरूरत है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि आने वाले दिनों में सोना और चांदी की कीमतों में बहुत बड़ी तेजी या गिरावट नहीं दिखेगी, बल्कि यह एक तय दायरे में ही घूमती रह सकती हैं. इसकी सबसे बड़ी वजह है अंतरराष्ट्रीय हालात और आर्थिक आंकड़े.
खासतौर पर अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव, दुनिया के बड़े देशों के आर्थिक डेटा और भारत में राजनीतिक माहौल इनकी दिशा तय करेंगे. ऐसे में निवेशकों और ट्रेडर्स की नजर हर छोटी-बड़ी खबर पर रहेगी. आइए विस्तार से समझते हैं कि अगले हफ्ते सोना-चांदी की कीमतें किन वजहों से प्रभावित हो सकती हैं.
US-ईरान तनाव पर टिकी नजर
PTI के हवाले से एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा तनाव सोने-चांदी की कीमतों पर बड़ा असर डाल सकता है. अगर तनाव बढ़ता है तो सोने की कीमतों में तेजी आ सकती है, क्योंकि लोग सुरक्षित निवेश की ओर भागते हैं. वहीं अगर हालात सुधरते हैं तो कीमतों में दबाव आ सकता है.
अगले हफ्ते कई बड़े आर्थिक आंकड़े आने वाले हैं. इसमें PMI डेटा, अमेरिका के रोजगार से जुड़े आंकड़े और नॉन-फार्म पेरोल शामिल हैं. इन आंकड़ों से यह तय होगा कि आगे ब्याज दरों में क्या बदलाव हो सकता है. अगर आंकड़े मजबूत आते हैं तो सोने पर दबाव बढ़ सकता है. अगर कमजोर आते हैं तो सोने को सहारा मिल सकता है.
पिछले हफ्ते कैसा रहा बाजार
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी Multi Commodity Exchange पर पिछले हफ्ते सोने की कीमत में गिरावट देखने को मिली. सोना करीब 1 प्रतिशत गिरकर 1.51 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ. वहीं चांदी ने बेहतर प्रदर्शन किया और करीब 879 रुपये बढ़कर 2.50 लाख रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई.
ग्लोबल मार्केट में भी सोने और चांदी की कीमतों में कमजोरी देखी गई. निवेशक अब ज्यादा जोखिम वाले एसेट्स जैसे शेयर बाजार की ओर जा रहे हैं, जिससे सोने की मांग थोड़ी कम हुई है. साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और महंगाई की चिंता भी बाजार को प्रभावित कर रही है.
रुपये और चुनाव का भी असर
विशेषज्ञों का कहना है कि रुपये की चाल भी बहुत अहम रहने वाली है. अगर रुपया मजबूत होता है तो भारत में सोने की कीमतें नीचे आ सकती हैं. इसके अलावा आने वाले राज्य चुनाव के नतीजे भी बाजार के मूड को प्रभावित कर सकते हैं, जिससे थोड़ी अस्थिरता देखने को मिल सकती है.
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