अमेरिका-ईरान डील की आहट! 6 अरब डॉलर के फंड अनफ्रीज पर सहमति; 8 साल बाद तेहरान को मिलेगी राहत

अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में चल रही वार्ता के दौरान बड़ा कूटनीतिक संकेत सामने आया है. रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका ने कतर और अन्य देशों में फंसे लगभग 6 अरब डॉलर के ईरानी फंड को अनफ्रीज करने पर सहमति जताई है. यह कदम होरमुज स्ट्रेट में सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने से जुड़ा माना जा रहा है, जो वैश्विक तेल सप्लाई के लिए बेहद अहम मार्ग है. हालांकि अभी तक अमेरिका और कतर की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

अमेरिका ईरान डील Image Credit: AI/canva

US Iran Deal: इस्लामाबाद में चल रही अमेरिका-ईरान वार्ता के बीच एक बड़ा कूटनीतिक संकेत सामने आया है. रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका ने कतर और अन्य देशों में फंसी ईरानी संपत्तियों को अनफ्रीज करने पर सहमति जताई है. यह कदम दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव को कम करने की दिशा में अहम माना जा रहा है. हालांकि अमेरिकी प्रशासन की ओर से इस पर आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन इस घटनाक्रम ने वैश्विक बाजारों और तेल सप्लाई से जुड़े जोखिमों पर नई चर्चा शुरू कर दी है.

6 अरब डॉलर के फंड पर बनी सहमति

रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि अमेरिका लगभग 6 अरब डॉलर के ईरानी फंड को रिलीज करने के लिए तैयार हुआ है. ये फंड मूल रूप से 2018 में फ्रीज किए गए थे, जब अमेरिकी प्रशासन ने ईरान पर सख्त प्रतिबंध लगाए थे. यह राशि दक्षिण कोरिया में ईरानी तेल बिक्री से प्राप्त हुई थी, जिसे बाद में कतर के बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया था. 2023 में कैदी अदला-बदली समझौते के तहत इन फंड्स को रिलीज किया जाना था, लेकिन इजरायल पर हमले के बाद इन्हें फिर रोक दिया गया था.

होर्मुज स्ट्रेट बना डील का केंद्र

ईरानी सूत्रों ने साफ किया कि फंड अनफ्रीज करने का फैसला सीधे तौर पर होरमुज स्ट्रेट में सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने से जुड़ा है. यह स्ट्रेट वैश्विक तेल सप्लाई का एक अहम मार्ग है, जहां किसी भी तरह की अस्थिरता अंतरराष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकती है. ऐसे में अमेरिका इस क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने के लिए इस कदम को रणनीतिक रूप से देख रहा है.

मानवीय इस्तेमाल तक सीमित रह सकता है पैसा

पहले भी अमेरिकी अधिकारियों ने स्पष्ट किया था कि इस फंड का उपयोग केवल मानवीय जरूरतों के लिए किया जाएगा. इसमें खाद्य पदार्थ, दवाइयां, मेडिकल उपकरण और कृषि प्रोडक्ट शामिल हैं. इस फंड का इस्तेमाल अमेरिकी ट्रेजरी की निगरानी में ही किया जाएगा, ताकि इसका उपयोग किसी सैन्य या प्रतिबंधित गतिविधि में न हो. हालांकि ईरानी पक्ष ने इस समझौते को सकारात्मक संकेत बताया है, लेकिन अमेरिका और कतर की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है.

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