ईरान को मिला नया ‘खजाना’ तेल से भी ज्यादा होगी कमाई, होगी इतनी इनकम की टूट जाएगा पुराना रिकॉर्ड
ईरान होर्मुज से गुजरने वाले तेल टैंकरों पर टैक्स लगाकर सालाना 70–80 अरब डॉलर तक कमाने की तैयारी में है. होर्मुज वैश्विक तेल सप्लाई का अहम रास्ता है, जहां हालिया तनाव से बाजार प्रभावित हुआ है. सीजफायर के बीच यह प्लान ईरान के लिए बड़ा आर्थिक मौका बन सकता है, लेकिन इससे तेल कीमतों और शिपिंग लागत पर असर पड़ सकता है.
Iran toll plans in Hormuz: पश्चिम एशिया में तनाव के बीच ईरान एक नया आर्थिक दांव खेलने की तैयारी में है. रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले तेल टैंकरों पर ट्रांजिट चार्ज लगाने पर विचार कर रहा है. प्रस्ताव के तहत हर बैरल तेल पर करीब 1 डॉलर शुल्क लिया जा सकता है, जिससे ईरान के लिए एक बड़ा रेवेन्यू सोर्स तैयार हो सकता है.
80 अरब डॉलर तक कमाई का अनुमान
रिपोर्ट्स के अनुसार अगर यह प्लान लागू होता है, तो ईरान सालाना 70 से 80 अरब डॉलर तक की कमाई कर सकता है. यह रकम उसके पारंपरिक तेल निर्यात से भी ज्यादा हो सकती है. तुलना करें तो 2023 में ईरान ने तेल निर्यात से करीब 41.1 अरब डॉलर और 2024 में 46.7 अरब डॉलर की कमाई की थी.
तेजी से बढ़ रही तेल आय
हाल के महीनों में ईरान की तेल कमाई में तेजी आई है. मार्च 2026 में उसकी रोजाना आय करीब 139 मिलियन डॉलर तक पहुंच गई, जो फरवरी में 115 मिलियन डॉलर थी. दिलचस्प बात यह है कि संघर्ष के बावजूद ईरान ने अपने तेल निर्यात को लगभग 1.6 मिलियन बैरल प्रतिदिन के स्तर पर बनाए रखा है. साथ ही उसके कच्चे तेल पर मिलने वाला डिस्काउंट भी कम हुआ है, जिससे कमाई और बढ़ी है.
क्यों अहम है होर्मुज?
Strait of Hormuz दुनिया के करीब 20% तेल और LNG सप्लाई का प्रमुख मार्ग है. हाल ही में ईरान ने अमेरिका और इजरायल के हमलों के जवाब में इस मार्ग को आंशिक रूप से बाधित कर दिया था, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में हलचल मच गई थी और कीमतों में उछाल आया था.
सीजफायर के बीच नई रणनीति
तनाव बढ़ने के बाद डोनाल्ड ट्रंप की ओर से तय डेडलाइन से ठीक पहले अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्तों का सीजफायर हुआ. इसी दौरान अब ईरान इस जलमार्ग से कमाई का नया मॉडल तैयार करने पर विचार कर रहा है. ट्रंप ने यह भी संकेत दिया है कि अमेरिका इस रूट की सुरक्षा के लिए ईरान के साथ संभावित जॉइंट वेंचर पर विचार कर सकता है. अगर ईरान यह ट्रांजिट चार्ज लागू करता है, तो वैश्विक तेल कीमतों पर असर पड़ सकता है और शिपिंग लागत बढ़ सकती है. हालांकि ईरान के लिए यह एक बड़ा आर्थिक अवसर बन सकता है.
फंसे जहाज और बढ़ा दबाव
स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि करीब 187 तेल टैंकर, जिनमें 172 मिलियन बैरल से ज्यादा तेल भरा है, इस जलमार्ग में फंसे हुए हैं. खाड़ी क्षेत्र में 1,000 से ज्यादा जहाजों की लंबी कतार लग चुकी है और सामान्य स्थिति बहाल होने में दो हफ्तों से ज्यादा समय लग सकता है.
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