‘कुछ घंटों में आ सकती है खुशखबरी’- मार्को रुबियो का बड़ा बयान; होर्मुज समेत इन मुद्दों पर सहमति के संकेत
अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच शांति समझौते की उम्मीदें तेज हो गई हैं. भारत दौरे पर आए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने संकेत दिए हैं कि अगले कुछ घंटों में दोनों देशों के बीच युद्धविराम को लेकर बड़ा एलान हो सकता है.
दुनिया को संकट में धकेल देने वाले अमेरिका-ईरान युद्ध पर आज विराम लग सकता है. भारत के दौरे पर नई दिल्ली आए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने संकेत दिए हैं कि अगले कुछ ही घंटों में दोनों देशों के बीच शांति समझौते को लेकर कोई बड़ा एलान हो सकता है. रुबियो ने इसे पूरी दुनिया के लिए एक ‘अच्छी खबर’ बताया है. दरअसल, यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका और ईरान 60 दिनों के युद्धविराम समझौते के बेहद करीब हैं.
किन मुद्दों पर बन रही है बात?
तमाम मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, तनाव को कम करने के लिए दोनों देशों के बीच जिस समझौते का खाका तैयार हुआ है. संकेत मिल रहे हैं कि उसमें मुख्य रूप से निम्नलिखित बातें शामिल हैं:
- 60 दिनों का युद्धविराम: दोनों देश शुरुआत में 60 दिनों के एक समझौते (MoU) पर दस्तखत करेंगे. अगर हालात ठीक रहे, तो इसे आगे भी बढ़ाया जा सकता है.
- स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का खुलना: युद्ध के कारण ईरान ने समुद्री व्यापार के सबसे महत्वपूर्ण रास्ते ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को ब्लॉक कर दिया था. समझौते के तहत ईरान इस रास्ते को खोलेने पर फैसला हो सकता है और वहां बिछाई गई बारूदी सुरंगों को हटाया जाएगा, ताकि तेल टैंकर और व्यापारिक जहाज बिना किसी टैक्स के आ-जा सकें.
- प्रतिबंधों में ढील: बदले में अमेरिका ईरान के बंदरगाहों की नाकेबंदी खत्म कर सकता है और उसे तेल निर्यात करने की छूट देगा. साथ ही विदेशी बैंकों में फंसी ईरान की रकम को भी जारी करने पर सहमति जता सकता है
- लेबनान में थम जाएगी जंग: इस समझौते का एक बड़ा असर यह होगा कि इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच लेबनान में चल रही लड़ाई पर भी विराम लग सकता है. हालांकि, इजराइल को आत्मरक्षा में कार्रवाई का अधिकार रहेगा.
परमाणु मुद्दे पर फंसा है पेंच
शांति की इन कोशिशों के बीच सबसे बड़ा मुद्दा ईरान का परमाणु कार्यक्रम है. राष्ट्रपति ट्रंप चाहते हैं कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार न बनाने का संकल्प ले और अपने संवर्धित यूरेनियम के भंडार को छोड़ दे. न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, ईरान ने मध्यस्थों के जरिए इस मुद्दे पर बातचीत करने की मौखिक सहमति दे दी है. फिलहाल ईरान के पास करीब 970 पाउंड संवर्धित यूरेनियम है.
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ट्रंप ने की कई देशों के नेताओं से बात
समझौते को अंतिम रूप देने के लिए राष्ट्रपति ट्रंप ने ओवल ऑफिस से सऊदी अरब, यूएई, कतर, पाकिस्तान, तुर्की, मिस्र, जॉर्डन, बहरीन और इजराइल के प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर लंबी चर्चा की है. पाकिस्तान और तुर्की जैसे देशों ने इस शांति प्रक्रिया का स्वागत किया है. हालांकि, ईरान के विदेश मंत्रालय का कहना है कि दोनों पक्ष समझौते के ‘बहुत करीब भी हैं और बहुत दूर भी.’ ईरान का दावा है कि अमेरिका बार-बार अपना रुख बदल रहा है, लेकिन रुबियो के ताजा बयान ने उम्मीदें काफी बढ़ा दी हैं.
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