भारत के लिए खुशखबरी, गोल्डमैन सैक्स ने बढ़ाया GDP ग्रोथ का अनुमान; निफ्टी पर भी जताया भरोसा
गोल्डमैन सैक्स ने भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर अपना नजरिया पहले से अधिक पॉजिटिव किया है. ब्रोकरेज ने 2026 के लिए GDP ग्रोथ रेट का अनुमान 5.9 फीसदी से बढ़ाकर 6.8 फीसदी कर दिया है. साथ ही महंगाई और कच्चे तेल की कीमतों का अनुमान भी घटाया है. मजबूत घरेलू मांग, रुपये में स्थिरता और बेहतर कॉरपोरेट नतीजों से विदेशी निवेशकों का भरोसा लौटने की उम्मीद जताई गई है.

Goldman Sachs: ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म गोल्डमैन सैक्स ने भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर अपना नजरिया पहले से अधिक पॉजिटिव किया है. फर्म का कहना है कि कमोडिटी कीमतों में नरमी, रुपये में स्थिरता, मजबूत घरेलू मांग और कंपनियों के बेहतर नतीजों की उम्मीद से आर्थिक माहौल सुधर रहा है. हालांकि पश्चिम एशिया में तनाव से पहले जितनी तेज आर्थिक ग्रोथ अनुमान था, फिलहाल उससे नीचे ही रहने की संभावना है. फर्म ने भारत की GDP ग्रोथ और महंगाई के अनुमान में भी बदलाव किया है.
GDP ग्रोथ का अनुमान बढ़ाया
गोल्डमैन सैक्स ने वर्ष 2026 के लिए भारत की रियल GDP ग्रोथ रेट का अनुमान बढ़ाकर 6.8 फीसदी कर दिया है. इससे पहले अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के बाद इसे 5.9 फीसदी किया गया था. हालांकि यह अनुमान पश्चिम एशिया में तनाव शुरू होने से पहले लगाए गए 7.1 फीसदी के अनुमान से अब भी कम है. फर्म का मानना है कि अर्थव्यवस्था में सुधार जारी है लेकिन पुरानी रफ्तार लौटने में समय लगेगा.
महंगाई और कच्चे तेल पर राहत
ब्रोकरेज ने औसत महंगाई का अनुमान 4.6 फीसदी से घटाकर 4.4 फीसदी कर दिया है. इसके साथ ही ब्रेंट क्रूड का औसत भाव 95 डॉलर प्रति बैरल के बजाय 85 डॉलर प्रति बैरल रहने का अनुमान लगाया गया है. सोमवार को ब्रेंट क्रूड करीब 78 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था. कच्चे तेल की कीमतों में नरमी भारत जैसी आयात बेस्ड अर्थव्यवस्था के लिए राहत मानी जाती है.
मजबूत घरेलू मांग से मिल रहा सहारा
गोल्डमैन सैक्स के अनुसार भारत की अर्थव्यवस्था को कमोडिटी कीमतों में गिरावट, रुपये की स्थिरता और मजबूत घरेलू मांग का फायदा मिल रहा है. इसके अलावा दूसरी तिमाही में कंपनियों के बेहतर नतीजों की उम्मीद भी बाजार का भरोसा बढ़ा रही है. कुछ घरेलू सेक्टर में कमाई के अनुमान बढ़ने की संभावना भी जताई गई है.
विदेशी निवेशकों की वापसी की उम्मीद
रिपोर्ट में कहा गया है कि इस साल की शुरुआत में भारी बिकवाली के बाद विदेशी निवेशकों का रुख सुधर सकता है. फिलहाल विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी भारतीय शेयर बाजार में सामान्य स्तर से कम बनी हुई है. मजबूत आर्थिक संकेतों के चलते साल की दूसरी छमाही में विदेशी निवेश फिर बढ़ सकता है. इससे शेयर बाजार को भी सपोर्ट मिलने की संभावना है.
यह भी पढ़ें- ट्रेन से ₹100 करोड़ अधिक का टॉवेल, बेडशीट, कंबल और तकिया कवर चुरा ले गए यात्री, इन 7 जोन में सबसे अधिक चोरी
निफ्टी के लिए पॉजिटिव नजरिया बरकरार
हालांकि गोल्डमैन सैक्स ने पश्चिम एशिया में दोबारा तनाव बढ़ने की स्थिति में बाजार में उतार-चढ़ाव की आशंका जताई है. इसके बावजूद ब्रोकरेज को उम्मीद है कि निफ्टी जून 2027 तक 26500 के स्तर तक पहुंच सकता है. फर्म का मानना है कि घरेलू आर्थिक मजबूती और बेहतर कॉरपोरेट प्रदर्शन लंबे समय में बाजार को सहारा देंगे.