देश में तेल और LPG की कोई कमी नहीं, 60 दिन से ज्यादा का स्टॉक मौजूद; सरकार ने दी जानकारी
केंद्रीय मंत्री Hardeep Singh Puri ने कहा कि देश में कच्चे तेल, LPG और प्राकृतिक गैस की कोई कमी नहीं है. भारत के पास 60 दिनों से अधिक का कच्चे तेल और गैस का भंडार है, जबकि LPG का स्टॉक 75 से 80 दिनों तक की जरूरत पूरी कर सकता है.

Hardeep Singh Puri ने कहा है कि देश में एनर्जी की कोई कमी नहीं है और कच्चे तेल, LPG तथा नेचुरल गैस की सप्लाई पूरी तरह से संतोषजनक स्थिति में है. उन्होंने बताया कि भारत के पास 60 दिनों से अधिक का कच्चे तेल और नेचुरल गैस का रिजर्व मौजूद है, जबकि LPG का स्टॉक 75 से 80 दिनों तक की मांग पूरी करने के लिए पर्याप्त है. उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक स्तर पर ईंधन की कीमतों में भारी बढ़ोतरी के बावजूद भारत में पेट्रोल की कीमतों में कमी आई है.
भारत में स्थिति सामान्य
लुधियाना में पत्रकारों से बातचीत करते हुए हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि ईरान संघर्ष के बाद दुनिया के कई देशों में तेल की कीमतें बढ़ी हैं. इसके बावजूद भारत में एनर्जी सप्लाई पर कोई असर नहीं पड़ा है. सरकार लगातार एनर्जी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कदम उठा रही है और देश के पास पर्याप्त रिजर्व मौजूद है.
भारत में घटी पेट्रोल की कीमतें
मंत्री ने बताया कि मई 2022 से मई 2026 के बीच भारत में पेट्रोल की कीमतों में 3.1 प्रतिशत की कमी आई है. वहीं इसी अवधि में पाकिस्तान में 70 फीसदी, श्रीलंका में 66 फीसदी, फ्रांस में 47 फीसदी, इटली में 46 फीसदी, बांग्लादेश में 36 फीसदी और अमेरिका में 35 फीसदी तक कीमतें बढ़ी हैं. उन्होंने इसका क्रेडिट केंद्र सरकार द्वारा एक्साइज ड्यूटी में कटौती को दिया.
तीन बार घटाई गई एक्साइज ड्यूटी
पुरी ने कहा कि केंद्र सरकार ने नवंबर 2021, मई 2022 और हाल ही में पेट्रोल तथा डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कटौती की है. उन्होंने बताया कि हाल की कटौती से सरकार पर लगभग 1 लाख करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ा, लेकिन आम लोगों को राहत देने के लिए यह फैसला लिया गया.
LPG प्रोडक्शन में बढ़ी आत्मनिर्भरता
मंत्री के अनुसार पहले देश में रोजाना 80,000 मीट्रिक टन LPG की खपत के मुकाबले केवल 32,000 मीट्रिक टन उत्पादन होता था. अब यह उत्पादन बढ़कर 54,000 मीट्रिक टन प्रतिदिन हो गया है. इससे आयात पर निर्भरता कम हुई है और देश की एनर्जी सुरक्षा मजबूत हुई है.
डीजल बिक्री पर लिमिट
डीजल की बिक्री को प्रतिदिन 200 लीटर तक सीमित करने के सवाल पर पुरी ने कहा कि यह कदम ब्लैक मार्केटिंग रोकने के लिए उठाया गया है. सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ईंधन की सप्लाई और ट्रांसपेरेंसी और कंट्रोल बनी रहे.
E85 फ्यूल स्टेशनों का तेजी से विस्तार
हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि वर्तमान में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में E85 फ्यूल के 47 पंप ऑपरेट हैं. सरकार का लक्ष्य दिसंबर 2026 तक इनकी संख्या 500 और दिसंबर 2027 तक 5,000 तक पहुंचाने का है. इससे इथेनॉल मिक्स फ्यूल के यूज को बढ़ावा मिलेगा और आयातित ईंधन पर निर्भरता कम होगी.