26 साल में पहली बार MSCI EMI के टॉप-10 से बाहर हुए HDFC Bank-RIL, नहीं बचा पाए AI बूम में अपनी साख
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी कंपनियों में आई जबरदस्त तेजी ने वैश्विक निवेश को बदल दिया है. इसका असर भारत पर भी दिखने लगा है. दो दशक से अधिक समय में पहली बार MSCI Emerging Markets Index के टॉप-10 घटकों में कोई भी भारतीय कंपनी शामिल नहीं है.
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े शेयरों में आई जोरदार तेजी ने वैश्विक शेयर बाजार की तस्वीर बदल दी है. इस वैश्विक उछाल के कारण दो दशकों से भी अधिक समय में पहली बार कोई भी भारतीय कंपनी दिग्गज ‘MSCI इमर्जिंग मार्केट्स (EM) इंडेक्स’ के टॉप-10 शेयरों की सूची में जगह नहीं बना पाई है.
साल 2000 के बाद यह पहला मौका है जब टॉप-10 में भारत का कोई नाम नहीं है. बता दें कि यह इंडेक्स दुनिया भर में 700 बिलियन डॉलर (लगभग 58 लाख करोड़ रुपये) से अधिक के फंड्स को ट्रैक और गाइड करता है.
11वें और 12वें स्थान पर पहुंचे भारतीय दिग्गज
इस सूचकांक में भारत के सबसे बड़े शेयर, एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) और रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL), मार्च में क्रमशः सातवें और आठवें स्थान पर थे. लेकिन अब ये फिसलकर 11वें और 12वें पायदान पर आ गए हैं. हालिया गिरावट के बाद इस इंडेक्स में इन दोनों कंपनियों का व्यक्तिगत वेटेज (Weightage) घटकर 0.8% से भी नीचे चला गया है.
वर्तमान में इस इंडेक्स में कुल 1,200 से अधिक शेयर शामिल हैं, जिनमें से लगभग पांचवां हिस्सा (20%) भारतीय कंपनियों का है, लेकिन टॉप पर दबदबा ताइवानी और कोरियाई कंपनियों का हो गया है.
AI की लहर और भारतीय शेयरों में गिरावट का गणित
इंडेक्स में आए इस बड़े उलटफेर की मुख्य वजह एआई-लिंक्ड शेयरों में आई बंपर तेजी और भारतीय दिग्गजों का सुस्त प्रदर्शन है:
- भारतीय शेयरों का हाल: एचडीएफसी बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर अपने ऑल-टाइम हाई से क्रमशः 26% और 20% तक टूट चुके हैं.
- एआई शेयरों की उड़ान: इसके विपरीत, एआई बूम का फायदा उठाने वाली दिग्गज चिपमेकर कंपनी TSMC में 48%, सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स में 147% और SK हाइनिक्स (SK Hynix) में 194% की भारी तेजी आई है.
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भारत का वेटेज 6 साल के निचले स्तर पर
इस बदलाव के कारण एशियाई देशों (ताइवान, दक्षिण कोरिया और चीन) का इस इंडेक्स पर कब्जा और मजबूत हो गया है. अब अकेले ये तीन देश मिलकर सूचकांक का लगभग 70% हिस्सा संभालते हैं, जबकि अकेले TSMC, सैमसंग और SK हाइनिक्स का कुल वेटेज करीब 30% हो चुका है
इन सब कारणों से MSCI EM इंडेक्स में भारत का कुल वेटेज घटकर 10.87% रह गया है, जो पिछले 6 सालों का सबसे निचला स्तर है. यह साल 2024 में दर्ज किए गए रिकॉर्ड स्तर से लगभग आधा है, जब भारत ने चीन को पछाड़कर इस इंडेक्स के एक अन्य वेरिएंट (MSCI EM IMI) में शीर्ष स्थान हासिल किया था.
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