Q3 FY26 में ICICI बैंक का नेट प्रॉफिट 4% से अधिक घटा, नेट इंटरेस्ट इनकम बढ़ी, एसेट क्वालिटी में हुआ सुधार
आईसीआईसीआई बैंक का दिसंबर तिमाही कंसोलिडेटेड मुनाफा आरबीआई के निर्देश पर कृषि ऋण से जुड़े ₹1,283 करोड़ के अतिरिक्त प्रावधान के कारण 2.68% घटकर ₹12,538 करोड़ रहा. स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट 4% से अधिक घटकर ₹12,883 करोड़ रहा. हालांकि ऑपरेशनल प्रदर्शन मजबूत रहा और एसेट क्वालिटी में सुधार देखने को मिला.
देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंकों में से एक आईसीआईसीआई बैंक ने दिसंबर तिमाही (Q3 FY26) के नतीजे जारी कर दिए हैं. बैंक का कंसोलिडेटेड मुनाफा 2.68% घटकर ₹12,537.98 करोड़ रह गया. मुनाफे में यह गिरावट मुख्य रूप से रिजर्व बैंक द्वारा कृषि ऋण से जुड़े एक मामले में ₹1,283 करोड़ के अतिरिक्त प्रावधान (Provision) के निर्देश के कारण आई. बैंक ने बताया कि कुछ कृषि कार्यशील पूंजी ऋणों (वर्किंग कैपिटल लोन) को गलत तरीके से प्रायोरिटी सेक्टर लोन (PSL) के रूप में वर्गीकृत किया गया था जिस पर आरबीआई ने कार्रवाई की.
स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट 4% से अधिक घटा
आईसीआईसीआई बैंक का अक्टूबर-दिसंबर तिमाही का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट 4% से अधिक घटकर ₹12,883 करोड़ रहा. बैंक के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर संदीप बत्रा ने स्पष्ट किया कि अगर आरबीआई के निर्देश के तहत किया गया यह अतिरिक्त प्रावधान नहीं होता तो बैंक का स्टैंडअलोन मुनाफा करीब 4% बढ़ा हुआ दिखाई देता.
बत्रा ने बताया कि आरबीआई ने बैंक को ₹1,283 करोड़ का स्टैंडर्ड एसेट प्रोविजन रखने को कहा है,जो कृषि क्षेत्र में दिए गए उन वर्किंग कैपिटल लोन से जुड़ा है, जिन्हें प्रायोरिटी सेक्टर लोन के तहत नहीं आना चाहिए था. यह मामला साल 2012 से दिए गए करीब ₹20,000–25,000 करोड़ के ऋणों से जुड़ा है. यह प्रावधान आरबीआई की FY25 की वार्षिक सुपरवाइजरी एक्सरसाइज के बाद लगाया गया है. बैंक ने कहा कि एसेट क्वालिटी को लेकर वह आश्वस्त है और जैसे-जैसे ये लोन चुकाए जाएंगे, यह प्रावधान भविष्य में राइट-बैक हो जाएगा.
ऑपरेशनल प्रदर्शन
- ऑपरेशनल प्रदर्शन की बात करें तो बैंक की कोर नेट इंटरेस्ट इनकम 7.7% बढ़कर ₹21,932 करोड़ रही. इसे 11.5% लोन ग्रोथ और नेट इंटरेस्ट मार्जिन के 4.30% तक बढ़ने का सपोर्ट मिला. ट्रेजरी को छोड़कर नॉन-इंटरेस्ट इनकम 12.4% बढ़कर ₹7,525 करोड़ पहुंच गई.
- नई लेबर कोड्स के लागू होने से बैंक को ₹145 करोड़ का अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ा. कुल प्रावधान बढ़कर ₹2,556 करोड़ हो गए, जबकि बैंक के पास अब भी ₹13,100 करोड़ का कंटिंजेंसी प्रोविजन मौजूद है.
- एसेट क्वालिटी के मोर्चे पर ग्रॉस एनपीए रेशियो सुधरकर 1.53% पर आ गया, जो पिछली तिमाही में 1.58% था. ताजा स्लिपेज ₹5,356 करोड़ रहे, जिनमें से बड़ा हिस्सा रिटेल और रूरल सेगमेंट से आया.
- लोन ग्रोथ में डोमेस्टिक कॉरपोरेट पोर्टफोलियो 5.6%, रिटेल 7.2% और बिजनेस बैंकिंग 22.8% की मजबूत बढ़त दर्ज की गई. कैपिटल एडिक्वेसी के मोर्चे पर बैंक का कुल बफर 17.34% जबकि कोर बफर 16.46% रहा.
सहायक कंपनियों का प्रॉफिट
सहायक कंपनियों की बात करें तो आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस का शुद्ध लाभ बढ़कर ₹390 करोड़ हो गया. वहीं आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस का मुनाफा घटकर ₹659 करोड़ रह गया. हाल ही में लिस्ट हुई आईसीआईसीआई एसेट मैनेजमेंट इकाई का प्रॉफिट बढ़कर ₹917 करोड़ पहुंच गया.