IIFCL ने जुटाए 1,848 करोड़ रुपये, इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को मिलेगी नई रफ्तार; अब विदेशी बाजार से भी जुटाएगी फंड
सरकारी वित्तीय संस्था IIFCL ने NCDs के जरिए 1,848 करोड़ रुपये जुटाए हैं. इस इश्यू को निवेशकों का जोरदार समर्थन मिला और 500 करोड़ रुपये के बेस इश्यू के मुकाबले करीब 3,048 करोड़ रुपये की बोलियां प्राप्त हुईं. कंपनी अब वित्त वर्ष 2026-27 में 34,200 करोड़ रुपये जुटाने की योजना पर काम कर रही है.

IIFCL Bond Issue: देश में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को गति देने के लिए सरकारी वित्तीय संस्था IIFCL ने 1,848 करोड़ रुपये जुटाए हैं. कंपनी ने Non-Convertible Debentures (NCDs) जारी कर यह राशि हासिल की है. खास बात यह रही कि इस इश्यू को निवेशकों का जबरदस्त समर्थन मिला और इसके लिए करीब 3,048 करोड़ रुपये की बोलियां प्राप्त हुईं. यह राशि 500 करोड़ रुपये के बेस इश्यू साइज से लगभग 6 गुना अधिक रही.
कितना है मैच्योरिटी पीरियड
कंपनी ने निवेशकों की मजबूत मांग को देखते हुए 1,848 करोड़ रुपये जुटाने का फैसला किया. इन बॉन्ड्स पर 7.25 फीसदी सालाना कूपन दिया जाएगा. इनकी मैच्योरिटी अवधि 4 साल, 11 महीने और 2 दिन तय की गई है. कंपनी का कहना है कि इस सफल बॉन्ड इश्यू से संस्थागत निवेशकों का उसकी वित्तीय स्थिति, मजबूत गवर्नेंस और देश के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में उसकी भूमिका पर भरोसा साफ दिखाई देता है.
34,200 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य
IIFCL के बोर्ड ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 34,200 करोड़ रुपये जुटाने की महत्वाकांक्षी योजना को मंजूरी दी है. इस फंड का इस्तेमाल देश में बढ़ती इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंसिंग जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जाएगा. कंपनी के मुताबिक, फंड जुटाने की रणनीति को विविध बनाया जाएगा. इसके तहत घरेलू बॉन्ड, कैपिटल मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स और ECB जैसे विभिन्न माध्यमों से पूंजी जुटाई जाएगी. इससे कंपनी को लंबी अवधि के लिए कम लागत पर संसाधन उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी.
विदेशी बाजार से भी जुटाएगी पूंजी
IIFCL अब विदेशी बाजार से भी पूंजी जुटाने की तैयारी कर रही है. कंपनी अगले 2 से 3 महीनों में करीब 1.30 अरब अमेरिकी डॉलर जुटाने की योजना बना रही है. इसके लिए ECB और अन्य डेट इंस्ट्रूमेंट्स का सहारा लिया जाएगा. इसके अलावा, आवश्यक सरकारी और नियामकीय मंजूरी मिलने के बाद कंपनी लगभग 1 अरब अमेरिकी डॉलर का अतिरिक्त विदेशी कर्ज भी जुटाने की योजना पर काम कर रही है.
किन क्षेत्रों में होगा निवेश
IIFCL द्वारा जुटाई गई राशि का इस्तेमाल देश के कई अहम इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टरों में किया जाएगा. इनमें परिवहन, रिन्यूएबल एनर्जी, पावर, शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, जल एवं स्वच्छता, सामाजिक इंफ्रास्ट्रक्चर, न्यूक्लियर एनर्जी और अन्य प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की परियोजनाएं शामिल हैं.
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