भारत ने 10 नए तेल सप्लायर जोड़े, फिर भी पुराने देशों का दबदबा बरकरार; रूस ने कर दी हर कमी की भरपाई

सरकार ने यह बताया भी पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच हम अपने क्रूड इंपोर्ट को डायवर्सिफाइड कर रहे हैं, लेकिन नए सप्लायर जोड़ने के बावजूद तेल सप्लाई कुछ ही देशों (खासकर रूस) पर केंद्रित रही. टॉप पांच सप्लायर्स की लिस्ट में बदलाव हुआ.

क्रूड ऑयल Image Credit: Anton Petrus/Moment/ Getty Images

पश्चिम एशिया में ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद तनाव बढ़ा, तो भारत ने अपने कच्चे तेल की सप्लाई को बरकरार रखने के लिए नए सोर्स की तरफ रुख किया. सरकार ने यह बताया भी पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच हम अपने क्रूड इंपोर्ट को डायवर्सिफाइड कर रहे हैं, लेकिन नए सप्लायर जोड़ने के बावजूद तेल सप्लाई कुछ ही देशों (खासकर रूस) पर केंद्रित रही.

10 नए सप्लायर

ईटी ने एनालिटिक्स फर्म केपलर के डेटा के हवाले से अपनी रिपोर्ट में बताया कि मार्च और अगस्त के बीच छह महीने के युद्ध काल में भारत के कच्चे तेल के इंपोर्ट में 10 नए सप्लायर में से 9 का कुल हिस्सा सिर्फ 1.4 फीसदी था. वेनेजुएला इसका अपवाद था, जिसका इंपोर्ट में लगभग 5 फीसदी हिस्सा था. वहीं, टॉप पांच सप्लायर का इंपोर्ट में 76 फीसदी हिस्सा था, जो युद्ध से पहले के छह महीनों में उनके 79 फीसदी हिस्से से थोड़ा ही कम था.

सप्लायर्स की लिस्ट में बदलाव

टॉप पांच सप्लायर्स की लिस्ट में बदलाव हुआ. लिस्ट में US और नाइजीरिया की जगह वेनेजुएला और ब्राजील ने ले ली, जबकि रूस, UAE और सऊदी अरब मुख्य सप्लायर्स बने रहे. सप्लायर कंसंट्रेशन को मापने वाला ‘हर्फिंडाहल-हिर्शमैन इंडेक्स’ (HHI) मार्च-अगस्त के दौरान 56 फीसदी बढ़कर 2,513 हो गया, जो पिछले छह महीनों में 1,606 था. यह बढ़ोतरी सप्लायर्स की संख्या बढ़ने के बावजूद हुई.

2,500 से अधिक HHI को सप्लाई का हाई कंसंट्रेशन माना जाता है, जबकि 1,500 से कम HHI कम कंसंट्रेशन को दिखाता है. इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह रूस था, जिसकी भारत के क्रूड इंपोर्ट में हिस्सेदारी पिछले छह महीनों के 29% से बढ़कर मार्च-अगस्त में 47% हो गई.

भारत का औसत कच्चे तेल का आयात- प्रमुख सोर्स से (‘000 bpd)

देशमार्च–अगस्त (युद्ध अवधि)सितंबर–फरवरी (युद्ध-पूर्व)बदलाव
रूस2,2481,478+770
सऊदी अरब440743-303
इराक104924-820
UAE480463+17
अमेरिका151345-194
ब्राजील204174+30
नाइजीरिया128200-72
अंगोला161114+47
वेनेजुएला2330+233
कुवैत126169-43
ओमान11624+92

छह महीने के हाई पर क्रूड का भाव

वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव के बीच मंगलवार को तेल की कीमतें छह हफ्ते के उच्चतम स्तर के करीब थीं. ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स $97.31 प्रति बैरल पर था, जो इससे पहले और ऊपर गया था. पिछले छह महीनों में भारत का कुल इंपोर्ट 5 फीसदी घटकर 4.77 मिलियन बैरल प्रति दिन हो गया.

भारत ने 31 देशों से खरीदा क्रूड

इस दौरान भारत ने 31 देशों से क्रूड खरीदा, जबकि पिछले छह महीनों में यह संख्या 24 थी. 10 देशों ने भारत को सप्लाई की, जबकि पिछले छह महीनों में उन्होंने कोई क्रूड सप्लाई नहीं किया था. वहीं, तीन पुराने सप्लायर्स सोर्सिंग मिक्स से बाहर हो गए.

रूस से बढ़ी सप्लाई

प्रमुख सप्लायर्स में इराक की सप्लाई में सबसे ज्यादा गिरावट आई और उसकी हिस्सेदारी 18 फीसदी से घटकर लगभग 2 फीसदी रह गई. इराकी सप्लाई में 8,20,000 बैरल प्रति दिन (bpd) की गिरावट की भरपाई काफी हद तक रूसी सप्लाई में 7,70,000 bpd की बढ़ोतरी से हो गई, जिससे रूसी सप्लाई 2.25 मिलियन bpd तक पहुंच गई.

वेनेजुएला से इंपोर्ट हुआ तेल

सऊदी सप्लाई में लगभग 3,00,000 bpd की गिरावट आई, जिसकी भरपाई आंशिक रूप से वेनेजुएला से 2,33,000 bpd क्रूड की वापसी और अंगोला से सप्लाई में 50,000 bpd की बढ़ोतरी से हुई. US की सप्लाई में लगभग 2,00,000 bpd की गिरावट आई, जबकि ओमान और ब्राजील से अधिक मात्रा में सप्लाई ने कुछ हद तक इसकी भरपाई की.

वेनेजुएला के अलावा, नए सप्लायर्स की हिस्सेदारी बहुत कम रही. ईरान, इक्वाडोर, बहामास, अल्जीरिया, नीदरलैंड, कनाडा और अन्य देशों ने ज्यादातर छह महीनों में से सिर्फ एक महीने में ही कच्चा तेल सप्लाई किया.

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