विदेश मंत्रालय ने खारिज किया अमेरिकी कॉमर्स सचिव का बयान, कहा- 2025 में PM मोदी और ट्रंप के बीच 8 बार हुई बात
हॉवर्ड लटनिक ने शुक्रवार को कहा कि अमेरिका के साथ भारत का व्यापार समझौता इसलिए टल गया क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फाइनल करने के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को फोन नहीं किया. विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी वाणिज्य सचिव के व्यापार वार्ता के बारे में दिए गए बयान को खारिज कर दिया.
भारत-अमेरिका के बीच होने वाली ट्रेड डील का इंतजार काफी समय से हो रहा है. इस बीच अमेरिकी कॉमर्स सचिव हॉवर्ड लटनिक ने शुक्रवार को कहा कि अमेरिका के साथ भारत का व्यापार समझौता इसलिए टल गया क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस डील पर बातचीत चल रही थी, उसे फाइनल करने के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को फोन नहीं किया. अब हॉवर्ड लटनिक के बयान का जवाब भारत के विदेश मंत्रालय ने दिया है. विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी वाणिज्य सचिव के व्यापार वार्ता के बारे में दिए गए बयान को खारिज कर दिया.
विदेश मंत्रालय ने कहा- 8 बार हुई बातचीत
भारत के विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि अमेरिकी वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लटनिक द्वारा भारत के साथ व्यापार वार्ता के बारे में दिया गया बयान सही नहीं है. मंत्रालय ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2025 में आठ बार बात की है, जो दोनों देशों के बीच लगातार उच्च-स्तरीय जुड़ाव को दिखाता है.
डील के काफी करीब थे
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक मीडिया ब्रीफिंग में कहा, ‘हमने टिप्पणियां देखी हैं. भारत और अमेरिका 13 फरवरी 2025 से ही एक द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत करने के लिए प्रतिबद्ध थे. तब से दोनों पक्षों ने एक संतुलित और आपसी फायदे वाले व्यापार समझौते पर पहुंचने के लिए कई दौर की बातचीत की है. कई मौकों पर हम डील के काफी करीब थे. रिपोर्ट में बताई गई टिप्पणियों में इन चर्चाओं का जो वर्णन किया गया है वह सही नहीं है.’
जायसवाल ने साफ किया कि हम दोनों कॉम्प्लिमेंट्री इकोनॉमी के बीच आपसी फायदे वाले ट्रेड डील में दिलचस्पी रखते हैं. हम इसे पूरा करने का इंतजार कर रहे हैं. वैसे प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति ट्रंप ने 2025 में 8 बार फोन पर बात की है, जिसमें हमारी व्यापक पार्टनरशिप के अलग-अलग पहलुओं पर चर्चा हुई है.
भारत पर 50 फीसदी टैरिफ
पिछले साल व्यापार वार्ता टूट गई थी और ट्रंप ने अगस्त में भारतीय सामानों पर टैरिफ दोगुना करके 50 फीसदी कर दिया था, जो दुनिया की सबसे ऊंची दर है, जिसमें रूस से तेल खरीदने के लिए भारत पर जवाबी कार्रवाई के तौर पर 25 फीसदी का टैक्स भी शामिल है.