क्यों घट रही है Brokerage कंपनियों की कमाई? Zerodha, Upstox जैसे डिस्काउंट ब्रोकर्स का क्या होगा?
भारतीय ब्रोकरेज उद्योग इन दिनों कठिन दौर से गुजर रहा है, जहां कई बड़ी कंपनियों की कमाई में गिरावट दर्ज की गई है. जून तिमाही (Q1 FY27) के नतीजे इस बात की पुष्टि करते हैं कि ब्रोकरेज का व्यवसाय अब पहले जैसा आसान नहीं रहा है. भले ही खुदरा निवेशकों की संख्या और बाजार में निवेश बढ़ रहा हो, लेकिन एफएनओ ट्रेडिंग में सुस्ती, सेबी के कड़े नियम, घटती ब्रोकरेज फीस और डिस्काउंट ब्रोकर्स की बढ़ती चुनौती ने उद्योग के समीकरण बदल दिए हैं. एफएनओ ट्रेडिंग, जो ब्रोकरेज कंपनियों की आय का एक बड़ा हिस्सा थी, उसमें गिरावट आई है.
सेबी की रिपोर्ट के अनुसार, 98% खुदरा निवेशकों को एफएनओ में नुकसान होता है, जिसके कारण नियामक ने सख्ती बढ़ाई है. मोतीलाल ओसवाल जैसी डाइवर्सिफाइड कंपनियों ने वेल्थ मैनेजमेंट, एसेट मैनेजमेंट और अन्य वित्तीय सेवाओं के दम पर बेहतर प्रदर्शन किया है, जबकि एंजेल वन और आनंद राठी जैसी कंपनियां एफएनओ में कमजोरी के कारण प्रभावित हुई हैं. बाजार की अस्थिरता और रिटेल निवेशकों का एसआईपी व लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टिंग पर ध्यान भी ब्रोकरेज आय को प्रभावित कर रहा है, जिससे सिर्फ ब्रोकिंग पर निर्भर कंपनियों के लिए आगे की राह मुश्किल होती दिख रही है.
More Videos
हैकर्स के हाथ लगा Bank of Baroda का 1TB डेटा, क्या सेफ है आपका अकाउंट?
Flipkart करेगा 70,000 करोड़ के फूड डिलीवरी बिजनेस में एंट्री, Zomato-Swiggy की बढ़ेगी टेंशन!
Reliance का ₹90,000 करोड़ का मेगा प्लान, क्या शुरू होने वाला है कमाई का नया Super Cycle?
