ट्रेन में खाना मंगाने से पहले हो जाएं सावधान! IRCTC ने 14 ऑनलाइन कंपनियों के खिलाफ लिया एक्शन; देखें पूरी लिस्ट

IRCTC ने अवैध ई-कैटरिंग ऑपरेशन्स के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू करते हुए 14 वेबसाइट्स और प्लेटफॉर्म्स पर कार्रवाई की है. कंपनी ने यात्रियों को फूड सेफ्टी और साइबर सिक्योरिटी से जुड़े जोखिमों को लेकर सतर्क किया है. जांच में कई प्लेटफॉर्म्स पर स्वच्छता मानकों के उल्लंघन और PNR, UPI व अन्य निजी जानकारी एकत्र करने के मामले सामने आए हैं.

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IRCTC Food Delivery: भारतीय रेलवे की टिकटिंग, कैटरिंग और टूरिज्म यूनिट IRCTC ने अवैध ई-कैटरिंग ऑपरेशन्स के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू किया है. यात्रियों की सुरक्षा, फूड क्वालिटी और साइबर सिक्योरिटी को ध्यान में रखते हुए IRCTC ने 14 ऐसी वेबसाइट्स और प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है, जो कथित तौर पर IRCTC के नाम और ब्रांडिंग का गलत इस्तेमाल कर रहे थे. कंपनी ने इन प्लेटफॉर्म्स को कानूनी नोटिस भेजने के साथ-साथ कई मामलों में आपराधिक शिकायतें भी दर्ज कराई हैं.

फूड सेफ्टी को लेकर बढ़ी चिंता

IRCTC के अनुसार, जांच में पाया गया कि कई अनधिकृत प्लेटफॉर्म ऐसे भोजन की सप्लाई कर रहे थे, जो स्वच्छता मानकों पर खरा नहीं उतरता था. कुछ मामलों में भोजन ऐसे किचनों में तैयार किया जा रहा था, जहां आवश्यक स्वच्छता नियमों का पालन नहीं किया जा रहा था.

इसके अलावा, डिलीवरी स्टाफ और किचन कर्मचारियों के लिए जरूरी मेडिकल स्क्रीनिंग तथा अन्य सुरक्षा प्रक्रियाओं का भी पालन नहीं किया गया था. ऐसे प्लेटफॉर्म्स पर FSSAI के दिशा-निर्देशों की अनदेखी किए जाने की शिकायतें भी मिली थीं.

साइबर फ्रॉड का भी खतरा

IRCTC ने यात्रियों को साइबर सुरक्षा को लेकर भी आगाह किया है. कंपनी के मुताबिक, कई अनधिकृत वेबसाइट्स यात्रियों से PNR नंबर, ईमेल आईडी, मोबाइल नंबर और भुगतान संबंधी जानकारी, जैसे डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड या UPI विवरण मांग रही थीं.

ऐसी जानकारी गलत हाथों में पहुंचने पर फिशिंग, ऑनलाइन ठगी और अन्य साइबर अपराधों का खतरा बढ़ सकता है. कई यात्रियों ने यह शिकायत भी की थी कि ऑर्डर रद्द होने या भोजन नहीं मिलने की स्थिति में उन्हें किसी प्रकार की ग्राहक सहायता नहीं मिली.

इन 14 वेबसाइट्स पर हुई कार्रवाई

IRCTC ने जिन प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है, उनमें रेलरेस्ट्रो डॉट कॉम, रेलरेस्ट्रो डॉट इन, रेलमित्रा डॉट कॉम, ट्रैवलखाना डॉट कॉम, ट्रेन्सकैफे डॉट कॉम, डीआईबीरेल डॉट कॉम, रेलफूड डॉट नेट, कमेसम डॉट कॉम, ट्रैवलरफूड डॉट कॉम, फूडऑनट्रैक डॉट इन, ईकैटरिंग डॉट ऐप, खानाऑनलाइन डॉट इन, ट्रेनवे डॉट इन, रेलमील डॉट कॉम और ट्रेनमेन्यू डॉट कॉम जैसे प्लेटफॉर्म्स शामिल हैं.

  • railrestro.com, railrestro.in
  • railmitra.com
  • travelkhana.com
  • trainscafe.com
  • dibrail.com
  • railfood.net
  • comesum.com
  • travelerfood.com
  • foodontrack.in
  • ecatering.app
  • khanaonline.in
  • trainway.in
  • railmeal.com
  • trainmenu.com

कंपनी के अनुसार, इन संस्थाओं को 18 फरवरी 2026 को औपचारिक नोटिस जारी किए गए थे, जबकि मार्च और अप्रैल के दौरान कई शिकायतें भी दर्ज कराई गई थीं.

यात्रियों के लिए क्या है सलाह

IRCTC ने यात्रियों को केवल अधिकृत माध्यमों से ही भोजन ऑर्डर करने की सलाह दी है. कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यात्री आधिकारिक IRCTC ई-कैटरिंग वेबसाइट, फूड ऑन ट्रैक ऐप, हेल्पलाइन नंबर 1323 या IRCTC द्वारा अधिकृत एग्रीगेटर्स के माध्यम से ही ऑर्डर करें. अधिकृत प्लेटफॉर्म्स से ऑर्डर करने पर भोजन की गुणवत्ता, सुरक्षित भुगतान, सही बिलिंग और ग्राहक सहायता जैसी सुविधाएं सुनिश्चित होती हैं.

Zomato और Swiggy के साथ भी साझेदारी

यात्रियों को बेहतर सुविधा देने के लिए IRCTC ने Zomato और Swiggy जैसे प्रमुख फूड एग्रीगेटर्स के साथ भी साझेदारी की है. वर्तमान में IRCTC की ई-कैटरिंग सर्विस 400 से अधिक रेलवे स्टेशनों पर उपलब्ध है और यह 629 से अधिक प्रत्यक्ष विक्रेताओं तथा 13 अधिकृत फूड एग्रीगेटर्स के माध्यम से संचालित की जा रही है.

अप्रैल 2026 के आंकड़ों के अनुसार, प्रतिदिन औसतन 1.55 लाख से अधिक भोजन ऑर्डर इस सर्विस के जरिए बुक किए गए. ऐसे में IRCTC का मानना है कि यात्रियों को केवल अधिकृत प्लेटफॉर्म्स का उपयोग करना चाहिए, ताकि उन्हें सुरक्षित और भरोसेमंद सर्विस का लाभ मिल सके.

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