अमेरिका में महंगाई दर तीन साल के हाई लेवल पर पहुंची, मई में 4.2 फीसदी रही; परिवारों पर बढ़ रहा दबाव
लेबर डिपार्टमेंट के ब्यूरो ऑफ लेबर स्टैटिस्टिक्स ने बुधवार को बताया कि मई तक के 12 महीनों में कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) में 4.2% की बढ़ोतरी हुई. लगातार तीसरे महीने CPI में हुई जबरदस्त बढ़ोतरी से परिवारों पर बढ़ता दबाव साफ दिख रहा है.
मई में अमेरिका में कंज्यूमर महंगाई दर पिछले तीन साल में सबसे तेजी से बढ़ी. इसकी वजह मिडिल ईस्ट में चल रहे टकराव के कारण पेट्रोल और दूसरे एनर्जी प्रोडक्ट्स की कीमतों में बढ़ोतरी थी. इससे फेडरल रिजर्व को ब्याज दरों को 2027 तक बिना बदले रखने का और आधार मिल गया है.
कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स
लेबर डिपार्टमेंट के ब्यूरो ऑफ लेबर स्टैटिस्टिक्स ने बुधवार को बताया कि मई तक के 12 महीनों में कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) में 4.2% की बढ़ोतरी हुई, जो अप्रैल 2023 के बाद सबसे ज्यादा है. अप्रैल में CPI सालाना आधार पर 3.8 फीसदी बढ़ा था.
रॉयटर्स के सर्वे में शामिल अर्थशास्त्रियों ने अनुमान लगाया था कि CPI में सालाना आधार पर 4.2% और मासिक आधार पर 0.5% की बढ़ोतरी होगी.
CPI में हुई जबरदस्त बढ़ोतरी
लगातार तीसरे महीने CPI में हुई जबरदस्त बढ़ोतरी से परिवारों पर बढ़ता दबाव साफ दिख रहा है, क्योंकि संकेत बताते हैं कि ज्यादा उपभोक्ता अपने खर्चों को पूरा करने के लिए बचत का इस्तेमाल कर रहे हैं. लगातार दूसरे महीने महंगाई की दर वेतन में हुई बढ़ोतरी से अधिक रही, जिससे कुल आर्थिक विकास पर असर पड़ सकता है.
अप्रूवल रेटिंग में गिरावट
रहने-सहने का बढ़ता खर्च राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी रिपब्लिकन पार्टी के लिए एक राजनीतिक चुनौती है, जो नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों में कांग्रेस पर अपना नियंत्रण बनाए रखना चाहते हैं. ट्रंप ने 2024 का राष्ट्रपति चुनाव मुख्य रूप से महंगाई कम करने के अपने वादे की वजह से जीता था, लेकिन अर्थव्यवस्था को संभालने के उनके तरीके को लेकर बढ़ती निराशा के कारण उनकी अप्रूवल रेटिंग में भारी गिरावट आई है.
रहने-सहने का बढ़ता खर्च राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी रिपब्लिकन पार्टी के लिए एक राजनीतिक चुनौती है, जो नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों में कांग्रेस पर अपना नियंत्रण बनाए रखना चाहते हैं. ट्रंप ने 2024 का राष्ट्रपति चुनाव मुख्य रूप से महंगाई कम करने के अपने वादे की वजह से जीता था, लेकिन अर्थव्यवस्था को संभालने के उनके तरीके को लेकर बढ़ती निराशा के कारण उनकी अप्रूवल रेटिंग में भारी गिरावट आई है.
खाने-पीने की चीजों की कीमतें
खाने-पीने की चीजों और एनर्जी की कीमतों में उतार-चढ़ाव को छोड़कर, कोर CPI मई में सालाना आधार पर 2.8% से बढ़कर 2.9% हो गई. अप्रैल में 0.4% की बढ़ोतरी के बाद, कोर CPI में मासिक आधार पर 0.2% की बढ़त हुई. अमेरिकी सेंट्रल बैंक अपने 2% के महंगाई लक्ष्य के लिए ‘पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर प्राइस इंडेक्स’ (PCE) पर नजर रखता है.
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