केबिन बैग में क्या ले जा सकते हैं और क्या नहीं, फ्लाइट पकड़ने से पहले जान लें ये नियम; वरना एयरपोर्ट पर हो सकता है नुकसान

फ्लाइट से यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए केबिन बैगेज नियम जानना जरूरी है. ज्यादातर एयरलाइंस 7 किलोग्राम तक का एक केबिन बैग और एक पर्सनल आइटम ले जाने की अनुमति देती हैं. लिक्विड कंटेनर 100 मिलीलीटर से बड़े नहीं होने चाहिए. पावर बैंक केबिन बैग में रखना जरूरी है. वहीं चाकू, कैंची, वेप और ई-सिगरेट जैसी वस्तुएं प्रतिबंधित हैं.

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Cabin Baggage Rules: हवाई यात्रा करने वालों के लिए केबिन बैगेज से जुड़े नियम जानना बेहद जरूरी है. कई बार छोटी-सी गलती की वजह से यात्रियों को एयरपोर्ट पर सामान छोड़ना पड़ जाता है या अतिरिक्त शुल्क देना पड़ता है. हाल के दिनों में भारतीय एयरलाइंस और एयरपोर्ट सुरक्षा एजेंसियों ने नियमों का पालन और सख्ती से शुरू किया है. ऐसे में यात्रा से पहले यह जान लेना बेहतर है कि केबिन बैग में क्या रखा जा सकता है और क्या नहीं.

एक केबिन बैग और एक पर्सनल आइटम की अनुमति

भारत की ज्यादातर एयरलाइंस जैसे इंडिगो, एयर इंडिया, अकासा एयर और स्पाइसजेट इकोनॉमी क्लास यात्रियों को एक केबिन बैग और एक छोटा पर्सनल आइटम ले जाने की अनुमति देती हैं. आमतौर पर केबिन बैग का वजन 7 किलोग्राम तक होना चाहिए, जबकि एयर इंडिया की कुछ उड़ानों में यह सीमा 8 किलोग्राम तक है. प्रीमियम क्लास यात्रियों को 10 से 12 किलोग्राम तक की छूट मिल सकती है.

सिर्फ वजन ही नहीं, बैग का आकार भी मायने रखता है. केबिन बैग का अधिकतम आकार 55 सेमी x 35 सेमी x 25 सेमी होना चाहिए, जिसमें पहिए और हैंडल भी शामिल हैं. नियमों से बड़ा बैग होने पर एयरलाइन उसे चेक-इन बैगेज में भेज सकती है.

पर्सनल आइटम में क्या-क्या शामिल है?

यात्री केबिन बैग के अलावा एक छोटा पर्सनल आइटम भी साथ ले जा सकते हैं, जो सामने वाली सीट के नीचे आसानी से रखा जा सके. इसमें लैपटॉप बैग, हैंडबैग, छोटा मैसेंजर बैग, शिशु का डायपर बैग या सुरक्षा जांच के बाद खरीदा गया एक सील्ड ड्यूटी-फ्री बैग शामिल हो सकता है.

इसके अलावा जैकेट, ओवरकोट, बैसाखी या एक किताब जैसी कुछ चीजें आमतौर पर बैगेज लिमिट में नहीं गिनी जाती हैं.

100 मिलीलीटर वाला नियम भूलना पड़ सकता है भारी

सबसे ज्यादा परेशानी लिक्विड से जुड़े नियमों में होती है. केबिन बैग में रखी जाने वाली किसी भी लिक्विड, जेल, क्रीम या एरोसोल की एक कंटेनर क्षमता 100 मिलीलीटर से ज्यादा नहीं होनी चाहिए.

ध्यान देने वाली बात यह है कि कंटेनर का आकार देखा जाता है, उसके अंदर बची हुई मात्रा नहीं यानी 200 मिलीलीटर की बोतल में अगर सिर्फ 20 मिलीलीटर उत्पाद बचा है, तब भी सुरक्षा जांच में उसे जब्त किया जा सकता है.

सभी लिक्विड कंटेनरों को एक पारदर्शी और दोबारा बंद होने वाले एक लीटर प्लास्टिक पाउच में रखना चाहिए और सुरक्षा जांच के दौरान उसे अलग ट्रे में रखना चाहिए.

कौन-सी चीजें हमेशा केबिन बैग में रखें?

कुछ जरूरी सामान हमेशा अपने साथ केबिन बैग में रखना चाहिए. इनमें 100Wh से कम क्षमता वाले पावर बैंक, अतिरिक्त लिथियम बैटरियां, कैमरा बैटरियां, ड्रोन बैटरियां, पासपोर्ट, नकदी, आभूषण और महंगे इलेक्ट्रॉनिक गैजेट शामिल हैं.

पावर बैंक और ढीली लिथियम बैटरियां आमतौर पर चेक-इन बैगेज में ले जाने की अनुमति नहीं होती, इसलिए इन्हें केबिन बैग में ही रखना जरूरी है.

इन सामानों को सुरक्षा जांच में रोका जा सकता है

केबिन बैग में चाकू, कैंची, धातु की नेल फाइल, ब्लेड वाले मल्टी-टूल, रिंच, प्लायर, खिलौना हथियार, ई-सिगरेट और वेप जैसी चीजें ले जाने की अनुमति नहीं होती.

खाने-पीने की कई चीजें जैसे बिरयानी, फल और स्नैक्स आमतौर पर ले जाए जा सकते हैं, लेकिन मसाले और बड़ी मात्रा में खाद्य पदार्थ अतिरिक्त जांच का कारण बन सकते हैं. वहीं शराब को चेक-इन बैगेज में रखना बेहतर माना जाता है, सिवाय अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से खरीदी गई सील्ड ड्यूटी-फ्री शराब के.

अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए अच्छी खबर

विदेश यात्रा से लौटने वाले भारतीय यात्रियों के लिए ड्यूटी-फ्री सामान की सीमा पहले के 50,000 रुपये से बढ़ाकर 75,000 रुपये कर दी गई है, बशर्ते यात्रा तीन दिन से अधिक की हो, इसके अलावा एक लैपटॉप या टैबलेट को उसकी कीमत की परवाह किए बिना ड्यूटी-फ्री रखा गया है.

यात्रा से पहले रखें इन बातों का ध्यान

यात्रा से पहले अपने सूटकेस का आकार और वजन जरूर जांच लें. लिक्विड को ट्रैवल-साइज कंटेनरों में रखें, पावर बैंक को केबिन बैग में रखें और बड़ी टॉयलेट्री या शराब जैसी चीजों को चेक-इन बैगेज में पैक करें. थोड़ी-सी तैयारी आपको एयरपोर्ट पर समय, पैसा और अनावश्यक परेशानी से बचा सकती है.

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