यूपी में एंटरप्रेन्योरशिप का रास्ता खोलेगा प्रोजेक्ट गंगा, हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड से जुडेंगे गांव; बनेंगे 1 लाख से अधिक रोजगार के अवसर

लॉन्च के मौके पर बोलते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने आत्मनिर्भरता पर जोर दिया और 'रेवड़ी' (मुफ्त चीजें) कल्चर को गलत बताया. उन्होंने कहा कि सरकार पर निर्भरता कम से कम होनी चाहिए. इस प्रोजेक्ट का मकसद 20 लाख से अधिक घरों को फाइबर-बेस्ड हाई-स्पीड इंटरनेट सर्विस से जोड़ना है.

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ. Image Credit: X

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को लखनऊ में ‘प्रोजेक्ट गंगा’ (Government Assisted Network for Growth and Advancement) लॉन्च किया. इसका मकसद लाखों ग्रामीण परिवारों को हाई-स्पीड फाइबर-बेस्ड ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी देना है. उत्तर प्रदेश राज्य परिवर्तन आयोग के CEO मनोज कुमार सिंह ने PTI को बताया कि पहले चरण में 21 जिलों को कवर किया जाएगा.

लॉन्च के मौके पर बोलते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने आत्मनिर्भरता पर जोर दिया और ‘रेवड़ी’ (मुफ्त चीजें) कल्चर को गलत बताया. उन्होंने कहा कि सरकार पर निर्भरता कम से कम होनी चाहिए.

कम होनी चाहिए सरकार पर निर्भरता

उन्होंने कहा, ‘हमारा (गवर्नेंस) मॉडल ऐसा होना चाहिए जो व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाए. सरकार पर निर्भरता कम से कम होनी चाहिए. ‘रेवड़ी संस्कृति’ (मुफ्त चीजें बांटने का कल्चर) की तरह सब कुछ बांटने के बजाय, आत्मनिर्भरता की दिशा में कोशिश होनी चाहिए, तभी यह टिकाऊ होगा. हमें उस टिकाऊ मॉडल को आगे बढ़ाना है.’ मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सबसे बड़ी चुनौती ‘लास्ट-माइल कनेक्टिविटी’ (अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी) है और ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी हर न्याय पंचायत तक पहुंचनी चाहिए.

इंटरनेट से बढ़ेगी विकास की रफ्तार

उन्होंने कहा, ‘ग्राम पंचायतों में ब्रॉडबैंड सुविधा देने का मतलब है ग्राम पंचायतों को स्मार्ट विलेज के तौर पर विकसित करना.’ उन्होंने आगे कहा कि तेज इंटरनेट से विकास की रफ्तार बढ़ेगी.

एंटरप्रेन्योरशिप का खुलेगा रास्ता

आदित्यनाथ ने कहा, ‘हम सभी जानते हैं कि आज ब्रॉडबैंड एक जरूरत बन गया है. इंटरनेट जितना तेज होगा, विकास की गति भी उतनी ही तेज होगी. लोगों के जीवन में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे.’ उन्होंने कहा कि ‘प्रोजेक्ट गंगा’ राज्य में उद्यमिता का रास्ता खोलेगा. उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट गंगा राज्य में एंटरप्रेन्योरशिप का रास्ता खोलेगा.

8000 डिजिटल उद्यमियों को मदद करेगी सरकार

उन्होंने कहा, ‘2026-27 के बजट में हमने घोषणा की थी कि राज्य सरकार डिजिटल सशक्तिकरण के नजरिए से 8,000 डिजिटल उद्यमियों को आगे बढ़ने में मदद करेगी. इनमें से 50 प्रतिशत महिलाएं होंगी. मुझे लगता है कि प्रोजेक्ट गंगा वह माध्यम बनेगा.’

प्रोजेक्ट गंगा का मकसद

अधिकारियों के अनुसार, प्रोजेक्ट गंगा का मकसद पूरे ग्रामीण यूपी में हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी पहुंचाना और टेलीमेडिसिन, डिजिटल शिक्षा, स्किल डेवलपमेंट, ई-गवर्नेंस, डिजिटल रोजगार और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देना है. इस प्रोजेक्ट के तहत, 10,000 से अधिक युवाओं को डिजिटल सर्विस प्रोवाइडर (DSP) के तौर पर तैयार करने का प्रस्ताव है, जिससे अनुमानित तौर पर 50,000 सीधे और एक लाख से अधिक अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे.

हाई-स्पीड इंटरनेट से जुड़ेंगे 20 लाख से अधिक घर

इस प्रोजेक्ट का मकसद 20 लाख से अधिक घरों को फाइबर-बेस्ड हाई-स्पीड इंटरनेट सर्विस से जोड़ना है. DSPs से उम्मीद है कि वे अपने इलाके में 200 से 300 घरों को कनेक्ट करेंगे. इस स्कीम के तहत महिला एंटरप्रेन्योरशिप को खास प्राथमिकता दी गई है, जिसमें महिला एंटरप्रेन्योर्स की भागीदारी का लक्ष्य लगभग 50 प्रतिशत रखा गया है.

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