सॉफ्ट ड्रिंक्स वॉर में ITC की धमाकेदार एंट्री! Coca-Cola, और Pepsi की बढ़ेगी टेंशन; लॉन्च किया शुगर-फ्री कोकोनट कोला

ITC ने B Natural ब्रांड के तहत Sugar-Free Coconut Cola लॉन्च कर भारत के कार्बोनेटेड सॉफ्ट ड्रिंक्स बाजार में नई प्रतिस्पर्धा छेड़ दी है. यह नया प्रोडक्ट सीधे Coca-Cola, Pepsi और Campa को चुनौती देगा. फिलहाल इसे क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर पायलट प्रोजेक्ट के रूप में उपलब्ध कराया गया है.

आईटीसी लिमिटेड Image Credit: ITC

ITC Sugar-Free Coconut Cola: भारत के कार्बोनेटेड सॉफ्ट ड्रिंक्स बाजार में प्रतिस्पर्धा और तेज होने वाली है. एफएमसीजी कंपनी ITC ने अब कोला सेगमेंट में कदम रखते हुए बी नेचुरल ब्रांड के तहत शुगर-फ्री कोकोनट कोला लॉन्च किया है. कंपनी का यह नया प्रोडक्ट सीधे तौर पर Coca-Cola, Pepsi और रिलायंस इंडस्ट्रीज के Campa ब्रांड को चुनौती देगा. फिलहाल इस प्रोडक्ट को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध कराया गया है. सफल प्रतिक्रिया मिलने के बाद इसे देशभर में चरणबद्ध तरीके से लॉन्च किया जाएगा.

प्रीमियम और हेल्दी बेवरेज सेगमेंट पर ITC की नजर

ईटी की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी आने वाले समय में अपने बेवरेज पोर्टफोलियो में नए फ्लेवर, नए वेरिएंट और अलग-अलग पैक साइज जोड़ती रहेगी. कंपनी की रणनीति प्रीमियम बेवरेज सेगमेंट पर अधिक फोकस करने की है. साथ ही ई-कॉमर्स, मॉडर्न ट्रेड और पारंपरिक रिटेल चैनलों के जरिए कारोबार का विस्तार किया जाएगा.

ITC का मानना है कि भारत में हेल्दी ड्रिंक्स की मांग लगातार बढ़ रही है. यही वजह है कि कंपनी शुगर-फ्री और लो-कैलोरी ड्रिंक्स के जरिए तेजी से बढ़ रहे प्रीमियम ग्राहक वर्ग को टारगेट कर रही है.

शुगर-फ्री ड्रिंक्स की मांग में तेजी

हाल के वर्षों में उपभोक्ताओं के बीच हेल्दी लाइफस्टाइल को लेकर जागरूकता बढ़ी है. इसका असर पेय पदार्थों की खरीदारी पर भी दिखाई दे रहा है. शुगर-फ्री और लो-शुगर ड्रिंक्स की मांग कार्बोनेटेड और नॉन-कार्बोनेटेड दोनों कैटेगरी में सबसे तेज गति से बढ़ रही है.

इस ट्रेंड का अंदाजा वरुण बेवरेजेज के आंकड़ों से भी लगाया जा सकता है. कंपनी के मुताबिक, मार्च तिमाही में उसकी कुल बिक्री का 63 फीसदी वॉल्यूम लो-शुगर और नो-शुगर बेवरेज से आया. इससे साफ है कि हेल्दी बेवरेज सेगमेंट आने वाले वर्षों में तेजी से विस्तार कर सकता है.

कीमत में प्रीमियम रणनीति

ITC ने अपने 250 मिलीलीटर के शुगर-फ्री कोकोनट कोला की कीमत 60 रुपये रखी है. इसके मुकाबले बाजार में डाइट कोक और Pepsi ब्लैक जीरो शुगर की 300 मिलीलीटर कैन करीब 40 रुपये में उपलब्ध है. वहीं, कई बाजारों में इनके 10 रुपये और 20 रुपये वाले छोटे पैक भी बिकते हैं.

यानी ITC ने कीमत के बजाय प्रीमियम पोजिशनिंग और अलग स्वाद के जरिए ग्राहकों को आकर्षित करने की रणनीति अपनाई है. टेंडर कोकोनट वॉटर के साथ तैयार किया गया यह पेय पारंपरिक कोला से अलग अनुभव देने की कोशिश करता है.

Campa ने बदल दी थी बाजार की तस्वीर

भारत के कोला बाजार में कीमतों की प्रतिस्पर्धा तब तेज हुई थी, जब रिलायंस इंडस्ट्रीज ने दो साल पहले Campa ब्रांड को दोबारा लॉन्च किया था. कंपनी ने 200 मिलीलीटर पीईटी बॉटल की कीमत केवल 10 रुपये रखी थी. इसके बाद Coca-Cola और Pepsi को भी कई बाजारों में कीमतें कम करनी पड़ीं, जिसका असर पूरे बेवरेज उद्योग पर देखने को मिला.

रिलायंस रिटेल के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में उसके एफएमसीजी कारोबार का ग्रॉस रेवेन्यू बढ़कर 22,000 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो एक साल पहले की तुलना में दोगुना है. इसमें बेवरेज पोर्टफोलियो की अहम भूमिका रही. अकेले Campa ब्रांड ने 4,700 करोड़ रुपये से अधिक की ग्रॉस सेल्स दर्ज की. कंपनी का दावा है कि Campa अब देश का चौथा सबसे बड़ा कार्बोनेटेड सॉफ्ट ड्रिंक ब्रांड बन चुका है और कई प्रमुख बाजारों में इसकी डबल-डिजिट मार्केट शेयर है.

बी नेचुरल को नया रूप दे रही है ITC

ITC ने कुछ साल पहले बी नेचुरल ब्रांड का अधिग्रहण किया था. हालांकि, जूस और नेक्टर सेगमेंट में कंपनी को डाबर और Pepsi जैसी कंपनियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ा. इसके अलावा, Campa की आक्रामक प्राइस रणनीति का भी बिक्री पर असर पड़ा.

अब ITC ने बी नेचुरल को केवल जूस ब्रांड तक सीमित रखने के बजाय एक व्यापक बेवरेज पोर्टफोलियो के रूप में विकसित करना शुरू किया है. कंपनी ने पहले नो एडेड शुगर जूस रेंज, कोकोनट वॉटर रेंज और लो-कैलोरी फ्रूट ड्रिंक्स लॉन्च किए. इसके अलावा सनफीस्ट ब्रांड के तहत हाई-प्रोटीन स्मूदीज भी बाजार में उतारे हैं.

यह भी पढ़ें: Kratikal Tech IPO: ₹135 के शेयर पर ₹80 हजार तक का मुनाफा! दमदार GMP, निवेश का अंतिम मौका आज