पहले ट्रस्ट और अब टाटा समूह के फैमिली ऑफिस से भी बाहर हुए मेहली मिस्त्री, रतन टाटा के थे करीबी सहयोगी

मेहली मिस्त्री का RNT एसोसिएट्स से इस्तीफा, नवंबर 2025 में टाटा ट्रस्ट्स से निकाले जाने के बाद आया है. ये ट्रस्ट्स ग्रुप की होल्डिंग कंपनी टाटा संस के मालिकाना हक वाली समाजसेवी संस्थाएं हैं. मिस्त्री अब टाटा ट्रस्ट्स की सबसे अमीर सहयोगी संस्था, 'टाटा एजुकेशन एंड डेवलपमेंट ट्रस्ट' के बोर्ड सदस्य हैं.

मेहली मिस्त्री ने टाटा समूह के फैमली ऑफिस को छोड़ा, Image Credit: @Canva/Money9live

दिवंगत रतन टाटा के करीबी सहयोगी मेहली मिस्त्री ने RNT एसोसिएट्स प्राइवेट लिमिटेड के बोर्ड से इस्तीफा दे दिया है. वे इस फैमिली ऑफिस के बोर्ड में शामिल होने के तीन साल से कुछ अधिक समय बाद इससे अलग हुए हैं. इस बोर्ड में टाटा परिवार की दो बहनें भी सदस्य हैं.

टाटा ट्रस्ट्स से निकाले जाने के बाद इस्तीफा

मेहली मिस्त्री का RNT एसोसिएट्स से इस्तीफा, नवंबर 2025 में टाटा ट्रस्ट्स से निकाले जाने के बाद आया है. ये ट्रस्ट्स ग्रुप की होल्डिंग कंपनी टाटा संस के मालिकाना हक वाली समाजसेवी संस्थाएं हैं. ये संस्थाएं ग्रुप और उससे जुड़ी संस्थाओं से लगातार दूर होती जा रही हैं. मिस्त्री ने 30 जून को RNT एसोसिएट्स के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स को लिखे एक लेटर में कहा, ‘अपने दूसरे कामों में व्यस्त होने की वजह से मैं RNT एसोसिएट्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर के पद से 1 जुलाई 2026 से अपना इस्तीफा दे रहा हूं.’

फिलहाल क्या है मिस्त्री की भूमिका?

मिस्त्री अब टाटा ट्रस्ट्स की सबसे अमीर सहयोगी संस्था, ‘टाटा एजुकेशन एंड डेवलपमेंट ट्रस्ट’ के बोर्ड सदस्य हैं. RNT Associates के चार बोर्ड मेंबर हैं. इनमें रतन टाटा की बहनें शिरीन जीजीभॉय और डिएना जीजीभॉय, टाटा संस के सीनियर एग्जीक्यूटिव जमशेद पोंचा और टाटा संस के जनरल काउंसिल सिद्धार्थ शर्मा शामिल हैं.

RNT Associates का कामकाज

मार्च 2009 में बनी RNT Associates, वह इन्वेस्टमेंट कंपनी थी जिसका इस्तेमाल रतन टाटा ने स्टार्टअप्स में निवेश करने के लिए किया था. इस कंपनी ने लगभग दो दर्जन स्टार्टअप्स में छोटा-मोटा निवेश किया है, जिनमें मोबाइल पेमेंट ग्रुप Paytm, राइड-हेलिंग फर्म Ola और ऑनलाइन गोल्ड ज्वैलर BlueStone शामिल हैं.

RNT Associates डिविडेंड और कंसल्टेंसी सर्विस देकर पैसे कमाती है. रिपोर्ट के अनुसार, मार्च 2023 में खत्म हुए साल में RNT Associates की 36 करोड़ रुपये की कुल कमाई में से लगभग आधी कमाई डिविडेंड से हुई थी.

RNT Associates के मुख्य शेयरहोल्डर

रतन टाटा और उनके एक और भरोसेमंद सहयोगी, स्वर्गीय आर. के. कृष्ण कुमार, RNT Associates के दो मुख्य शेयरहोल्डर थे. अक्टूबर 2024 में अपने निधन से पहले 2022 में इस उद्योगपति ने रतन टाटा एंडोमेंट फाउंडेशन (RTEF) और रतन टाटा एंडोमेंट ट्रस्ट (RTET) को RNT Associates के दो शेयरहोल्डर के तौर पर स्थापित किया था.

RTEF के बोर्ड मेंबर्स में टाटा संस के चेयरमैन नटराजन चंद्रशेखरन, टाटा ग्रुप के पूर्व एग्जीक्यूटिव राघवन शास्त्री और ग्रुप के एक और पूर्व कर्मचारी बुर्जिस तारापोरवाला शामिल हैं. RTET के ट्रस्टियों में टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा, शिरीन और डियाना, सिटीबैंक इंडिया के पूर्व कर्मचारी प्रमित झावेरी, और शास्त्री व RNT एसोसिएट्स के पोंचा शामिल हैं.

टाटा ट्रस्ट की हिस्सेदारी

मार्च 2023 में RNT एसोसिएट्स के बोर्ड में शामिल किए गए मिस्त्री का टाटा ग्रुप के साथ जुड़ाव खत्म हो गया है. टाटा ट्रस्टियों के साथ मतभेदों के कारण उन्हें दो मुख्य टाटा ट्रस्टों से बाहर कर दिया गया था. सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट और सर रतन टाटा ट्रस्ट के पास टाटा संस की क्रमशः 27.98% और 23.56% हिस्सेदारी है, जबकि अन्य छोटे ट्रस्टों के पास 14.4% हिस्सेदारी है.

इस तरह, इन परोपकारी संस्थाओं के पास अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने वाले टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी में कुल मिलाकर 65.9% की मेजॉरिटी हिस्सेदारी है. बाकी हिस्सेदारी शापूरजी पलोनजी ग्रुप (18.38%), 9 टाटा ग्रुप कंपनियों (12.86%) और सात व्यक्तियों (2.87%) के पास है.

मिस्त्री ने फैसले को दी थी चुनौती

हटाए जाने के बाद, मिस्त्री ने महाराष्ट्र चैरिटी कमिश्नर के सामने दूसरे ट्रस्टियों के उस फैसले को चुनौती दी, जिसमें उन्हें चैरिटेबल संस्थाओं से हटाने का निर्णय लिया गया था. इन ट्रस्टियों में चेयरमैन नोएल टाटा और दो वाइस चेयरमैन, वेणु श्रीनिवासन और विजय सिंह शामिल थे. मिस्त्री का कहना है कि वह टाटा ट्रस्ट में अपनी बहाली नहीं चाहते हैं. वह ये हलफनामे सिर्फ इसलिए दाखिल कर रहे हैं ताकि उन चैरिटेबल संस्थाओं में हुई गड़बड़ियों को उजागर कर सकें, जिनके कारण उन्हें हटाया गया था.

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