₹7300 करोड़ का मार्केट कैप , AI और सेमीकंडक्टर बूम से मिल रहा दोहरा फायदा, इस स्मॉल कैप स्टॉक पर रखें नजर

₹7,300 करोड़ की मार्केट कैप वाली Technocraft Industries को अमेरिका में AI और सेमीकंडक्टर से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश का फायदा मिल रहा है. कंपनी के स्कैफोल्डिंग कारोबार की मांग बढ़ी है और क्षमता उपयोग करीब 95 फीसदी पहुंच गया है. अमेरिका और चीन के बीच टैरिफ अंतर भी कंपनी को कंपटीशन बढ़त दे रहा है.

Technocraft Industries को अमेरिका में AI और सेमीकंडक्टर से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश का फायदा मिल रहा है. Image Credit: CANVA

Highlights

  • Technocraft Industries को अमेरिका के AI और Semiconductor Capex से फायदा मिल रहा है.
  • कंपनी के Scaffolding कारोबार की Capacity Utilisation करीब 95 फीसदी पहुंची.
  • US China Tariff Gap से कंपनी को Chinese कंपनियों के मुकाबले कंपटीशन फायदा मिल रहा है.

अमेरिका में AI और सेमीकंडक्टर इंफ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ते खर्च का फायदा अब सिर्फ टेक कंपनियों तक सीमित नहीं है. इससे जुड़े मैन्युफैक्चिरिंग काम में इस्तेमाल होने वाले स्कैफोल्डिंग और इंजीनियरिंग सर्विसेज की मांग भी बढ़ रही है. इसी वजह से टेक्नोक्राफ्ट इंडस्ट्रीज के कारोबार पर निवेशकों की नजर बनी हुई है. कंपनी का स्कैफोल्डिंग कारोबार अमेरिका में मजबूत मौजूदगी रखता है और मैनेजमेंट के मुताबिक AI इंफ्रास्ट्रक्चर, चिप मैन्युफैक्चरिंग प्लांट और सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स से मांग को सपोर्ट मिल रहा है.

AI और सेमीकंडक्टर कैपेक्स से बढ़ी मांग

टेक्नोक्राफ्ट के लिए अमेरिका का बढ़ता इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च एक अहम ग्रोथ ड्राइवर बन रहा है. कंपनी के मुताबिक AI और सेमीकंडक्टर से जुड़े नए प्लांट और ट्रेडिशनल एनर्जी प्रोजेक्ट्स में कंस्ट्रक्शन एक्टिविटी बढ़ी हैं. इससे स्कैफोल्डिंग प्रोडक्ट की मांग को फायदा मिला है. कंपनी की अमेरिकी सब्सिडियरी और मजबूत डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क उसे इन प्रोजेक्ट्स तक पहुंच बनाने में मदद कर रहे हैं. मैनेजमेंट ने इस मांग को लंबे समय वाले कैपेक्स प्रोजेक्ट्स से जुड़ा बताया है.

95 फीसदी क्षमता पर चल रहा स्कैफोल्डिंग कारोबार

कंपनी के स्कैफोल्डिंग कारोबार की क्षमता उपयोगिता करीब 95 फीसदी पहुंच गई है. पहली तिमाही में स्टील स्कैफोल्डिंग से करीब 240 करोड़ रुपये का राजस्व मिला. मैनेजमेंट के मुताबिक, डिमांड में बढ़ोतरी केवल कीमतों की वजह से नहीं बल्कि वॉल्यूम बढ़ने से भी हुई है. मजबूत मांग को देखते हुए कंपनी क्षमता बढ़ाने के विकल्पों पर विचार कर रही है. मुंबई और चीन में मौजूद इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए जरूरत पड़ने पर करीब तीन महीने में क्षमता बढ़ाई जा सकती है.

चीन पर टैरिफ से कंपनी को फायदा

अमेरिका में चीन से आने वाले स्कैफोल्डिंग उत्पादों पर अतिरिक्त टैरिफ लागू है. कंपनी के मैनेजमेंट के अनुसार अमेरिका में भारत समेत अन्य देशों के लिए स्कैफोल्डिंग पर 50 फीसदी टैरिफ है, जबकि चीन पर अतिरिक्त 25 फीसदी टैरिफ लगता है. इससे चीन के मुकाबले टेक्नोक्राफ्ट को करीब 25 फीसदी का टैरिफ लाभ मिलता है. हालांकि कंपनी ने यह भी माना है कि चीन के कुछ क्षेत्रों में स्टील लागत कम होने के कारण वहां के उत्पादकों को लागत का फायदा मिलता है.

इंजीनियरिंग कारोबार में भी AI का फायदा

AI से कंपनी को केवल निर्माण गतिविधियों के जरिए फायदा नहीं मिल रहा है. टेक्नोक्राफ्ट की इंजीनियरिंग सर्विसेज इकाई में भी AI, ऑटोमेशन और इंडस्ट्रियल इंटरनेट ऑफ थिंग्स से जुड़े अवसर बढ़ रहे हैं. कंपनी ने विजन सिस्टम, एम्बेडेड सिस्टम और मैन्युफैक्चरिंग ऑटोमेशन जैसी क्षमताओं में निवेश किया है. मैनेजमेंट AI को कारोबार के लिए खतरे के बजाय नए उत्पाद और सर्विसेज तैयार करने का अवसर मानता है.

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एल्यूमीनियम कारोबार में बैकवर्ड इंटीग्रेशन का फायदा

कंपनी का एल्यूमीनियम एक्सट्रूजन प्लांट पूरी क्षमता पर चल रहा है. इससे कंपनी अपने मैक वन कारोबार के लिए जरूरी एल्यूमीनियम एक्सट्रूजन का बड़ा हिस्सा खुद तैयार कर सकती है. एल्यूमीनियम की कीमतों में बढ़ोतरी के बीच इस बैकवर्ड इंटीग्रेशन से लागत को संभालने में मदद मिली है. मैक वन कारोबार की क्षमता उपयोगिता करीब 75 से 80 फीसदी है, जबकि स्कैफोल्डिंग कारोबार करीब 95 फीसदी क्षमता पर चल रहा है.

डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.