महंगा पड़ेगा LPG Cyliner! आज e-KYC का आखिरी दिन, सब्सिडी भी हो सकती है बंद
LPG Cylinder e KYC: आप भी रियायती दर पर घरेलू सिलेंडर चाहते हैं तो 16 अगस्त तक आधार बेस्ट ई केवाईसी को पूरा करें. अगर आप ऐसा नहीं करते हैं तो कनेक्शन तो बंद नहीं होगा लेकिन रियायती दर पर सिलेंडर नहीं मिलेगा और यहां तक कि उज्ज्वला योजना वाले लोगों की सब्सिडी भी बंद हो सकती है.

बिना किसी रुकावट के घरेलू LPG Cylinder पाते रहना चाहते हैं तो आज (16 अगस्त) आपके पास आधार बेस्ड e-KYC को करने का आखिरी मौका है. इसका मतलब ये है कि रात 12 बजे के बाद जिस भी व्यक्ति ने e-KYC नहीं की होगी उन्हें सिलेंडर के लिए ज्यादा पैसे चुकाने पड़ सकते हैं. केवल इतना ही नहीं, बुकिंग भी रुक सकती है और जिन लोगों के पास उज्ज्वला कनेक्शन है, उन लोगों की सब्सिडी भी बंद हो सकती है. ये नियम नए और पुराने सभी ग्राहकों पर लागू होता है. e-KYC को ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों ही तरीकों से किया जा सकता है, लेकिन अगर लंबे समय तक ई-केवाईसी नहीं कराई तो कनेक्शन ब्लॉक हो सकता है.
क्या बदलने वाला है?
कंपनियों ने इस बात को साफ किया है कि सब्सिडी वाले रेट पर सिलेंडर की सप्लाई को जारी रखने के लिए 16 अगस्त तक ग्राहकों को आधार बेस्ड बायोमेट्रिक ई-केवाईसी को करवाना अनिवार्य है और आज 16 अगस्त यानी लास्ट डे है. अब सवाल यहां पर ये है कि जो लोग आज की डेडलाइन चूक गए उन लोगों के साथ क्या होगा? क्या उन लोगों का गैस कनेक्शन रद्द हो जाएगा?
अगर आप आज चूक गए तो गैस कनेक्शन तो रद्द नहीं होगा लेकिन जब तक वेरिफिकेशन पूरा नहीं हो जाता, अस्थायी रूप से आपको घरेलू दरों पर मिलने वाले सिलेंडर का फायदा नहीं मिलेगा. आसान भाषा में बात इतनी सी है कि कनेक्शन तो चलता रहेगा लेकिन जो छूट मिल रही थी वो छूट नहीं मिलेगी.
कितना महंगा पड़ेगा सिलेंडर?
रिपोर्ट्स के अनुसार, ई-केवाईसी न होने पर घरेलू की जगह आपको कर्मशियल रेट पर सिलेंडर खरीदना पड़ सकता है. दिल्ली में 14.2 किलो का घरेलू सिलेंडर 942 रुपए का है तो वहीं 19 किलो का कर्मशियल सिलेंडर 2738 रुपए का है. यानी एक सिलेंडर पर 1700 रुपए से ज्यादा चुकाने पड़ सकते हैं.
क्यों जरूरी है eKYC?
बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन को करने के पीछे का मुख्य उद्देश्य इस बात को सुनिश्चित करना है कि वैध और वास्तविक ग्राहक ही रियायती एलपीजी कनेक्शन का लाभ उठाते रहें. सरकार पारदर्शिता को बढ़ाना चाहती है जिससे कालाबाजारी और गलत कर्मशियल इस्तेमाल को रोका जा सके. मार्च 2026 से ही नियमों को अनिवार्य किया गया है लेकिन अब तक कई वेरिफिकेशन ने प्रोसेस को पूरा नहीं किया है. डेटाबेस को दुरुस्त करने के लिए कंपनियां 16 अगस्त के लिए रिमाइंडर्स दे रही हैं.
रिपोर्ट्स की माने तो आप जिस भी कंपनी का गैस यूज कर रहे हैं, उस कंपनी का आधिकारिक ऐप डाउनलोड करें. ऐप में आपको ई-केवाईसी ऑप्शन मिलेगा, इस ऑप्शन को चुने. फेस स्कैन कर ई-केवाईसी को पूरा करें, लेकिन जब तक स्टेटस सक्सेस नजर न आए तब तक ये न समझें कि ई-केवाईसी पूरी हो गई है. इसके अलावा आप चाहें तो गैस एजेंसी जाकर बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन करवा सकते हैं.
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