वेस्ट एशिया में फिर भड़की जंग की आग, UAE न्यूक्लियर प्लांट पर हमला, $111 प्रति बैरल के उपर ब्रेंट क्रूड

हाल ही में संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE के एक न्यूक्लियर पावर प्लांट के पास ड्रोन हमला हुआ, जिससे वहां आग लग गई. इस घटना ने वैश्विक बाजारों में डर बढ़ा दिया है. इसी बीच Iran ने अमेरिका के साथ दूसरे दौर की शांति वार्ता से इनकार कर दिया है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में फिर तेजी देखने को मिली है.

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Crude Oil: वेस्ट एशिया में लगातार बढ़ते तनाव ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है. एक तरफ युद्ध की आग थमने का नाम नहीं ले रही, वहीं दूसरी तरफ तेल की कीमतों में फिर से बड़ा उछाल देखने को मिल रहा है. इसका असर सिर्फ वेस्ट एशिया तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और आम लोगों की जेब पर पड़ सकता है.

हाल ही में संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE के एक न्यूक्लियर पावर प्लांट के पास ड्रोन हमला हुआ, जिससे वहां आग लग गई. इस घटना ने वैश्विक बाजारों में डर बढ़ा दिया है. इसी बीच Iran ने अमेरिका के साथ दूसरे दौर की शांति वार्ता से इनकार कर दिया है. इससे यह साफ हो गया है कि दोनों देशों के बीच तनाव अभी खत्म होने वाला नहीं है.

तेल की कीमतों में उछला

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में फिर तेजी देखने को मिली है. Crude Oil की कीमत करीब 2.08 फीसदी बढ़कर 107.60 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई. वहीं Brent Crude भी करीब 1.74 फीसदी चढ़कर 111.16 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव और तेल सप्लाई को लेकर चिंता की वजह से बाजार में यह तेजी देखने को मिल रही है.

सोर्स: Trading Economics (Crude oil)

तेल की कीमतों में क्यों आया उछाल

Hormuz Strait में बढ़ते तनाव की वजह से तेल बाजार में घबराहट बढ़ गई है. यह दुनिया का सबसे अहम समुद्री रास्ता माना जाता है, जहां से बड़ी मात्रा में तेल और गैस की सप्लाई होती है. Iran की Revolutionary Guard ने इस रास्ते पर कड़ी निगरानी बढ़ा दी है और कई जहाजों के लिए विशेष अनुमति जरूरी कर दी गई है. इस वजह से Shipping और Oil Supply पर असर पड़ने का डर बढ़ गया है.

UAE में न्यूक्लियर पावर प्लांट के पास हमला

संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE में एक बड़े न्यूक्लियर पावर प्लांट के पास ड्रोन हमला हुआ, जिससे वहां आग लग गई. अधिकारियों के मुताबिक ड्रोन ने Barakah Nuclear Power Plant के बाहर मौजूद एक इलेक्ट्रिक जनरेटर को निशाना बनाया. हालांकि राहत की बात यह रही कि प्लांट के अंदर रेडिएशन स्तर सामान्य रहे और बिजली उत्पादन पर कोई असर नहीं पड़ा. इस घटना में किसी के घायल होने की भी खबर नहीं है.

अमेरिका और Iran के बीच क्यों फंसी बात

अमेरिका चाहता है कि Iran अपना Nuclear Program बंद करे और Hormuz Strait पर पकड़ कमजोर करे. वहीं Iran का कहना है कि पहले उस पर लगे प्रतिबंध हटाए जाएं और युद्ध से हुए नुकसान की भरपाई की जाए. इसी बीच अमेरिका ने Iran के एक मालवाहक जहाज को भी जब्त किया है, जिसके बाद तनाव और बढ़ गया. Iran ने साफ कहा है कि फिलहाल अमेरिका के साथ नए शांति वार्ता की कोई योजना नहीं है.

दुनिया की अर्थव्यवस्था पर क्यों बढ़ी चिंता

अगर Hormuz Strait में तेल सप्लाई लंबे समय तक प्रभावित होती है, तो यह इतिहास का सबसे बड़ा Oil Supply Crisis बन सकता है. इससे महंगाई बढ़ सकती है और कई देशों की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ सकता है. भारत जैसे देशों के लिए भी यह चिंता की बात है, क्योंकि देश अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से तेल खरीदता है. Hormuz Strait प्रभावित से इसका असर अब पूरी दुनिया पर पड़ता दिख रहा है.

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