हाईवे से कमाई का मेगा प्लान… FY27 में ₹35000 करोड़ जुटाने की तैयारी में NHAI, InvIT-TOT मॉडल से होगा संभव
केंद्र सरकार अब हाईवे से कमाई का बड़ा प्लान तैयार कर रही है. सरकार FY27 में करीब 1800 किलोमीटर लंबे 28 National Highway Assets को Monetise करने की तैयारी में है. इस योजना के जरिए सरकार लगभग ₹35,000 करोड़ जुटाना चाहती है.
Highway Monetisation: देश में तेजी से सड़क और इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार अब हाईवे से कमाई का बड़ा प्लान तैयार कर रही है. सरकार FY27 में करीब 1800 किलोमीटर लंबे 28 National Highway Assets को Monetise करने की तैयारी में है. इस योजना के जरिए सरकार लगभग ₹35,000 करोड़ जुटाना चाहती है. सरकार का मकसद पुराने और चालू हाईवे प्रोजेक्ट्स से पैसा जुटाकर नए इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में निवेश करना है. इससे सरकार को नए हाईवे और एक्सप्रेसवे बनाने के लिए अतिरिक्त फंड मिलेगा.
किन राज्यों के हाईवे होंगे शामिल
ET की रिपोर्ट के मुताबिक National Highways Authority of India ने ऐसे हाईवे सेक्शन की सूची तैयार कर ली है. इनमें सबसे ज्यादा हाईवे हरियाणा में हैं. इसके बाद उत्तर प्रदेश का नंबर आता है. आखिर कैसे होगी Monetisation:
- सरकार Highway Monetisation के लिए कई तरीके अपनाएगी.
- इसमें Infrastructure Investment Trust यानी InvIT और Toll-Operate-Transfer यानी TOT मॉडल शामिल होंगे.
- सरकार Public और Private दोनों तरह के InvIT का इस्तेमाल कर सकती है.
किन प्रोजेक्ट्स पर रहेगा ज्यादा फोकस
सरकारी अधिकारियों के मुताबिक इस बार Hybrid Annuity Model यानी HAM Projects पर ज्यादा ध्यान दिया जाएगा. ऐसे प्रोजेक्ट्स में जोखिम कम होता है और निवेशकों की दिलचस्पी ज्यादा रहती है. FY27 की योजना में दो BOT यानी Build-Operate-Transfer Projects और सात EPC Projects भी शामिल किए गए हैं.
FY26 में कितना पैसा जुटा
- सड़क मंत्रालय ने FY26 में Asset Monetisation के जरिए करीब ₹29,000 करोड़ जुटाए थे.
- इसी साल सरकार का पहला Public InvIT भी लॉन्च हुआ था, जिससे करीब ₹9,000 करोड़ की कमाई हुई.
- इसमें चार राज्यों के 260 किलोमीटर लंबे पांच हाईवे सेक्शन शामिल थे.
अगले 5 साल का बड़ा प्लान
सरकार ने National Monetisation Pipeline यानी NMP 2.0 के तहत FY26 से FY30 तक हाईवे सेक्टर से करीब ₹4.42 लाख करोड़ जुटाने का लक्ष्य रखा है. FY27 में ही Highway Monetisation से लगभग ₹68,770 करोड़ जुटाने का अनुमान है.
निवेशकों के लिए क्यों अहम है यह योजना
Highway Monetisation से इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में निवेश के नए मौके बनेंगे. इससे Pension Funds, Sovereign Wealth Funds और बड़े निवेशकों की भागीदारी भी बढ़ सकती है. सरकार ने हाल ही में ऐसे निवेशकों को Greenfield Toll Road Projects में सीधे निवेश की अनुमति भी दी है.
देश को क्या होगा फायदा
सरकार का मानना है कि Asset Monetisation से पुराने प्रोजेक्ट्स से पैसा निकालकर नए हाईवे और सड़क प्रोजेक्ट्स को तेजी से पूरा किया जा सकेगा. इससे देश में बेहतर सड़क नेटवर्क, तेज कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को बड़ा फायदा मिल सकता है.
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