सोने-हीरे का कारोबार करने वाली एक और कंपनी IPO लाने को तैयार, कल्याण-सेनको गोल्ड को देगी टक्कर?
ज्वेलरी रिटेल कंपनी MK Sons Fine Jewels ने IPO लाने के लिए SEBI के पास DRHP दाखिल किया है. कंपनी नए शो-रूम विस्तार, कर्ज चुकाने और बिजनेस ग्रोथ के लिए फंड जुटाएगी. जानिए IPO से जुड़ी अहम डिटेल्स और कंपनी का बिजनेस मॉडल.

Upcoming IPO: रिटेल ज्वैलरी सेक्टर की उभरती कंपनी MK Sons Fine Jewels जल्द ही शेयर बाजार में दस्तक देने वाली है. कंपनी ने अपने इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) के जरिए फंड जुटाने के लिए बाजार नियामक सेबी (SEBI) के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल कर दिया है. 2012 से अपनी चमक बिखेर रही यह कंपनी अब पब्लिक लिस्टिंग के जरिए अपने विस्तार को नई ऊंचाई पर ले जाने की योजना बना रही है. बाजार में इसे टाइटन, सेनको, कल्यान ज्वैलर्स और पीसी ज्वैलर्स जैसे बड़े ब्रांड से जोरदार कंपटीशन मिलेगा.
कैसा होगा IPO का स्ट्रक्चर?
प्रस्तावित आईपीओ के तहत कंपनी फ्रेश इश्यू और ऑफर फॉर सेल (OFS) दोनों का मिश्रण लाएगी. कंपनी 1,36,00,000 (1.36 करोड़) नए शेयर जारी करेगी. वहीं, कंपनी के प्रमोटर रामचंद मुरलीधर रायमलानी अपनी हिस्सेदारी से 34,00,000 (34 लाख) शेयर बेचेंगे.
कहां होगा फंड का इस्तेमाल?
कंपनी ने अपनी विस्तार योजना को लेकर खाका तैयार किया है. आईपीओ से मिले नेट प्रोसीड्स का इस्तेमाल निम्नलिखित कामों में किया जाएगा:
- महाराष्ट्र में एक नया भव्य शोरूम खोला जाएगा.
- गुजरात (अहमदाबाद) में मौजूदा शोरूम की क्षमता और सुविधाओं को बढ़ाया जाएगा.
- कंपनी पर मौजूद पुराने कर्ज को चुकाने में फंड का एक हिस्सा इस्तेमाल होगा.
- वर्किंग कैपिटल और अन्य कॉर्पोरेट जरूरतों को पूरा करना.
निवेशकों के लिए क्या है खास?
MK Sons Fine Jewels ने अलग-अलग कैटेगरी के निवेशकों के लिए कोटा निर्धारित किया है:
- QIB (योग्य संस्थागत खरीदार): 50% हिस्सा आरक्षित.
- रिटेल निवेशक: 35% हिस्सा छोटे निवेशकों के लिए सुरक्षित.
- NII (गैर-संस्थागत निवेशक): 15% हिस्सा अलॉट किया गया है.
आर्यमन फाइनेंशियल सर्विसेज इस इश्यू के बुक-रनिंग लीड मैनेजर हैं, जबकि बिगशेयर सर्विसेज को रजिस्ट्रार नियुक्त किया गया है. कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग NSE और BSE दोनों प्रमुख एक्सचेंजों पर होगी.
कंपनी का बिजनेस प्रोफाइल
MK Sons Fine Jewels मुख्य रूप से सोने, हीरे और क्यूबिक जिरकोनिया (CZ) ज्वैलरी की रिटेल बिक्री करती है. वर्तमान में इसके मुंबई में तीन और अहमदाबाद में दो शोरूम हैं. कंपनी का पोर्टफोलियो काफी डाइवर्सिफाइड है:
- प्रोडक्ट रेंज: चूड़ियां, कंगन, अंगूठियां, मंगलसूत्र, चेन, पेंडेंट, हार, झुमके और घड़ियां.
- प्राइसिंग: मध्यम और उच्च वर्ग दोनों को ध्यान में रखते हुए गहनों की कीमत ₹11,000 से शुरू होकर प्रीमियम रेंज तक जाती है.
कंपनी का मानना है कि स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टिंग से न केवल उसकी पूंजी बढ़ेगी, बल्कि ग्राहकों के बीच ब्रांड की विश्वसनीयता और विजिबिलिटी में भी बड़ा इजाफा होगा.
क्या बड़े खिलाड़ियों को मिलेगी टक्कर?
MK Sons भले ही शोरूम की संख्या के मामले में Kalyan Jewellers, Senco Gold और PC Jeweller जैसे दिग्गजों से छोटी हो, लेकिन इसके वित्तीय आंकड़े और ग्रोथ रेट काफी प्रभावशाली हैं. वित्त वर्ष 2025 में कंपनी का रेवेन्यू ₹351 करोड़ रहा, जिसमें पिछले एक साल में 62% की जबरदस्त बढ़त (CAGR) देखी गई है.
कंपनी का EBITDA मार्जिन (करीब 13%) और रिटर्न ऑन इक्विटी (RoE) इसे लिस्टेड प्लेयर्स के मुकाबले एक मजबूत प्रतियोगी के रूप में खड़ा करता है. इसके अलावा, कंपनी का ‘डिजिटल-फर्स्ट’ अप्रोच और सोशल मीडिया पर 4 लाख से अधिक फॉलोअर्स इसे पारंपरिक ज्वैलर्स से अलग बनाते हैं.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.