‘Mother of All Deals’ पर टिकी है सबकी नजर, India-EU FTA से क्या होगा फायदा, कार से लेकर वाइन तक हो सकती हैं सस्ती

भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच प्रस्तावित India-EU FTA को Mother of All Deals कहा जा रहा है. यह समझौता 27 जनवरी को साइन होने की उम्मीद है. इस डील से भारत और यूरोप के बीच व्यापारिक रिश्ते मजबूत हो सकते हैं. FTA लागू होने पर BMW, Mercedes और Audi जैसी लग्जरी कारों पर लगने वाली ज्यादा इंपोर्ट ड्यूटी में कटौती की संभावना है.

भारत ईयू FTA Image Credit: AI/canva

India EU FTA: गणतंत्र दिवस यानी 26 जनवरी को यूरोपियन यूनियन (EU) की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपियन काउंसिल के अध्यक्ष एंतोनियो कोस्टा दिल्ली में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे. ऐसे में भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच Free Trade Agreement (FTA) पर 27 जनवरी को साइन होने की उम्मीद है. भारत और EU के बीच इस समझौते को Mother of All Deals कहा जा रहा है. इस डील पर बातचीत सबसे पहले 2007 में शुरू हुई थी और 2013 तक इसके कई दौर चले. हालांकि उस दौरान सहमति नहीं बन पाई, लेकिन 2022 से इस पर फिर से बातचीत शुरू हुई. अब जब यह डील साइन होने के करीब पहुंच गई है, तो चर्चा इस बात पर है कि इससे भारत को क्या फायदा होगा और भारत में किन-किन वस्तुओं की कीमतों पर असर देखने को मिल सकता है.

कारें हो सकती हैं सस्ती

भारत में गाड़ियों की डिमांड तेजी से बढ़ रही है. भारत, यूरोप से आने वाली पूरी तरह बनी कार (CBU) पर लगभग 70 फीसदी से 110 फीसदी तक टैक्स लगाता है. अगर किसी गाड़ी की कीमत 40,000 डॉलर से अधिक होती है, तो उस पर 110 फीसदी टैक्स लगता है, जबकि 40,000 डॉलर से कम कीमत वाली गाड़ियों पर 70 फीसदी टैक्स लगाया जाता है. ऐसे में BMW, Mercedes और Audi जैसी कारों पर फिलहाल भारी इंपोर्ट ड्यूटी लगती है. भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच FTA डील से लग्जरी और प्रीमियम कारें दोनों सस्ती हो सकती हैं.

वाइन और बीयर

यूरोप से आने वाली वाइन और व्हिस्की पर फिलहाल भारत में बहुत ज्यादा आयात शुल्क लगाया जाता है. अलग-अलग राज्यों के टैक्स जोड़ने पर कुल टैक्स बोझ कई मामलों में 150 फीसदी से ज्यादा तक पहुंच जाता है. भारत-यूरोपियन यूनियन के बीच प्रस्तावित Free Trade Agreement (FTA) के तहत इन उत्पादों पर आयात शुल्क को चरणबद्ध तरीके से घटाने पर चर्चा चल रही है. अगर यह समझौता लागू होता है, तो वाइन और व्हिस्की पर कस्टम ड्यूटी में बड़ी कटौती संभव है.

इन चीजों पर भी पड़ेगा असर

यूरोप लग्जरी फैशन और लाइफस्टाइल प्रोडक्ट्स का बड़ा हब माना जाता है. ब्रांडेड कपड़े, बैग, घड़ियां और परफ्यूम की पहचान पूरी दुनिया में है. इस डील के लागू होने से प्रीमियम फैशन प्रोडक्ट्स की कीमतों में नरमी आ सकती है. इसके अलावा चॉकलेट और यूरोप से आने वाली एडवांस मेडिकल मशीनें भी सस्ती हो सकती हैं, जिससे इलाज की लागत और अस्पताल का खर्च कम होने की संभावना है.

कितना है व्यापार

यूरोपियन यूनियन भारत के लिए अमेरिका और चीन के साथ शीर्ष व्यापारिक साझेदारों में शामिल है. 2024-25 में भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच वस्तुओं और सर्विस का कुल द्विपक्षीय व्यापार 190 अरब डॉलर से अधिक रहा. इस अवधि में भारत ने 27 देशों के इस समूह को करीब 76 अरब डॉलर का वस्तु एक्सपोर्ट और लगभग 30 अरब डॉलर का सर्विस एक्सपोर्ट किया.

ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव के अनुसार, भारतीय वस्तुओं पर यूरोपियन यूनियन का औसत टैरिफ अपेक्षाकृत कम है और यह करीब 3.8 फीसदी के आसपास रहता है. हालांकि, टेक्सटाइल और गारमेंट सेक्टर पर टैरिफ काफी ज्यादा है, जहां ड्यूटी करीब 10 फीसदी तक लगती है.

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