3 महीने में 30% उछला शेयर, अब 600 करोड़ रुपये के एक्सपेंशन पर कंपनी का बड़ा दांव; निवेशक रखें नजर

Styrenix Performance Materials भारत में इंजीनियरिंग प्लास्टिक्स के इम्पोर्ट सब्स्टिट्यूशन अवसर का फायदा उठाने की तैयारी में है. कंपनी 600-700 करोड़ रुपये के एक्सपेंशन के जरिए अपनी ABS कैपेसिटी बढ़ा रही है. हालिया तिमाही में रेवेन्यू में मामूली गिरावट के बावजूद मार्जिन और प्रॉफिट में मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की गई है.

स्टाइरेनिक्स परफॉर्मेंस मैटेरियल्स शेयर Image Credit: ai/canva

Styrenix Performance Materials: भारत में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने और इम्पोर्ट पर निर्भरता कम करने की दिशा में कई कंपनियां नए अवसर तलाश रही हैं. इन्हीं में से एक है Styrenix Performance Materials, जिसने हालिया तिमाही में मजबूत मुनाफे और बेहतर मार्जिन के दम पर निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है. हालांकि कंपनी के रेवेन्यू में मामूली गिरावट दर्ज की गई, लेकिन इसके पीछे की वजह और भविष्य की संभावनाएं इसे एक दिलचस्प निवेश विकल्प बनाती हैं.

आय घटी, लेकिन मुनाफा बढ़ा

पहली नजर में कंपनी के वित्तीय नतीजे विरोधाभासी लग सकते हैं. फाइनेंशियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का रेवेन्यू करीब 3.8 फीसदी घटा, जबकि उसने पिछले साल की तुलना में 5.2 फीसदी अधिक मैटेरियल की बिक्री की. सामान्य तौर पर अधिक बिक्री का मतलब अधिक रेवेन्यू होता है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ.

दरअसल, इंजीनियरिंग प्लास्टिक्स का कारोबार ग्लोबल पेट्रोकेमिकल मार्केट पर काफी निर्भर करता है. क्रूड ऑयल आधारित रॉ मैटेरियल की कीमतों में नरमी आने से इंजीनियरिंग प्लास्टिक्स के सेलिंग प्राइस भी कम हो गए. इसका असर रेवेन्यू पर पड़ा, जबकि डिमांड मजबूत बनी रही.

Q4 में क्यों बढ़ा मार्जिन

मार्च तिमाही में कंपनी का EBITDA मार्जिन 11.8 फीसदी से बढ़कर 19.2 फीसदी पर पहुंच गया, जबकि प्रॉफिट आफ्टर टैक्स में लगभग 59 फीसदी की बढ़ोतरी हुई. इसकी प्रमुख वजह मिडिल ईस्ट में जियोपॉलिटिकल टेंशन के कारण ग्लोबल सप्लाई चेन में आई बाधाएं थीं. रॉ मैटेरियल महंगा होने के बावजूद कंपनी ने बढ़ी हुई लागत का बोझ ग्राहकों तक पहुंचा दिया. इसके अलावा बेहतर प्रोडक्ट मिक्स, मजबूत प्राइसिंग स्प्रेड और ऑपरेटिंग कॉस्ट में कमी ने कंपनी को शानदार मार्जिन हासिल करने में मदद की.

असली कहानी मार्जिन नहीं, इम्पोर्ट सब्स्टीट्यूशन है

विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनी की सबसे बड़ी ताकत केवल बेहतर मार्जिन नहीं, बल्कि भारत में इंजीनियरिंग प्लास्टिक्स के इम्पोर्ट को घरेलू उत्पादन से बदलने का अवसर है. रिपोर्ट के मुताबिक, भारत हर साल लगभग 3.5 लाख से 3.7 लाख टन ABS (एक्रिलोनाइट्राइल ब्यूटाडीन स्टाइरीन) की खपत करता है, लेकिन घरेलू कंपनियां इसकी आधी से भी कम मांग पूरी कर पाती हैं.

आने वाले वर्षों में कैपेसिटी बढ़ने के बावजूद 1 लाख टन से अधिक ABS का इम्पोर्ट जारी रहने की संभावना है. यही वह बड़ा अवसर है, जिस पर Styrenix Performance Materials अपनी रणनीति तैयार कर रही है. यदि कंपनी इस इम्पोर्ट का बड़ा हिस्सा घरेलू स्तर पर रिप्लेस करने में सफल रहती है, तो उसके लिए लंबी अवधि में मजबूत ग्रोथ की संभावना बन सकती है.

600-700 करोड़ रुपये का बड़ा एक्सपेंशन

इस बढ़ती मांग को देखते हुए कंपनी लगभग 600 से 700 करोड़ रुपये के निवेश से अपनी ABS कैपेसिटी का विस्तार कर रही है. इस एक्सपेंशन के बाद करीब 70,000 टन अतिरिक्त वार्षिक क्षमता जुड़ने की उम्मीद है, जिससे कंपनी की मौजूदा उत्पादन क्षमता लगभग दोगुनी हो सकती है. मैनेजमेंट इस निवेश को चरणबद्ध तरीके से लागू कर रही है, ताकि वित्तीय जोखिम कम रहे और परियोजना का बड़ा हिस्सा इंटरनल एक्रुअल्स के जरिए पूरा किया जा सके.

थाईलैंड बिजनेस से मिलेगा एक्सपोर्ट का फायदा

कंपनी का थाईलैंड बिजनेस केवल एक अतिरिक्त मैन्युफैक्चरिंग यूनिट नहीं है. इससे दक्षिण-पूर्व एशिया के ग्राहकों तक पहुंच आसान होगी और एक्सपोर्ट मार्केट में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी. ग्लोबल सप्लाई चेन डाइवर्सिफिकेशन के दौर में यह रणनीति कंपनी के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है.

मजबूत बैलेंस शीट देती है भरोसा

इतने बड़े एक्सपेंशन के बावजूद कंपनी की वित्तीय स्थिति मजबूत दिखाई देती है. इसका डेट-टू-इक्विटी रेशियो केवल 0.24x है, जबकि इंटरेस्ट कवरेज रेशियो 12 गुना से अधिक है. इसके अलावा कंपनी का ROE लगभग 14.6 फीसदी और ROCE करीब 15.1 फीसदी है. ये आंकड़े बताते हैं कि कंपनी अपने निवेश पर बेहतर रिटर्न हासिल कर रही है और भविष्य की ग्रोथ के लिए पर्याप्त वित्तीय क्षमता रखती है.

कैसा है शेयर का हाल

अगर शेयर की बात करें, तो शुक्रवार को कंपनी का शेयर 0.74 फीसदी की गिरावट के साथ 2334.40 रुपये पर बंद हुआ. पिछले एक सप्ताह में इसमें 0.42 फीसदी की गिरावट आई है. हालांकि, बीते एक महीने में शेयर करीब 2 फीसदी चढ़ा है, जबकि पिछले तीन महीनों में इसमें लगभग 30 फीसदी की तेजी दर्ज की गई है.

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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.