NCLAT ने Grasim Industries पर लगा जुर्माना हटाया, CCI को दोबारा सुनवाई का आदेश
National Company Law Appellate Tribunal ने Grasim Industries पर लगा 301.6 करोड़ रुपये का जुर्माना रद्द कर दिया है. यह जुर्माना Competition Commission of India ने लगाया था. ट्रिब्यूनल ने कहा कि कंपनी को अपना पक्ष रखने का पूरा मौका नहीं मिला था. अब CCI को मामले की दोबारा सुनवाई का निर्देश दिया गया है.

Grasim Industries को बड़ी राहत मिली है क्योंकि NCLAT ने उस पर लगाया गया भारी जुर्माना रद्द कर दिया है. यह जुर्माना Competition Commission of India ने लगाया था. अब मामले की दोबारा सुनवाई होगी. ट्रिब्यूनल ने कहा कि कंपनी को अपना पक्ष रखने का पूरा मौका नहीं मिला था. इस फैसले के बाद मामला फिर से CCI के पास जाएगा. इससे कंपनी को राहत जरूर मिली है लेकिन विवाद अभी खत्म नहीं हुआ है.
301 करोड़ रुपये का जुर्माना
National Company Law Appellate Tribunal ने 301.6 करोड़ रुपये का जुर्माना रद्द कर दिया है. यह जुर्माना CCI ने Grasim Industries पर लगाया था. ट्रिब्यूनल ने पाया कि जांच के दौरान कंपनी को पूरी तरह सुनवाई का मौका नहीं दिया गया. इसी वजह से इस आदेश को रद्द कर दिया गया.
दोबारा सुनवाई का निर्देश
NCLAT ने CCI को निर्देश दिया है कि वह इस मामले की दोबारा सुनवाई करे. साथ ही कंपनी को अपना पक्ष रखने का पूरा मौका दे. ट्रिब्यूनल ने कहा कि जहां भी जांच एजेंसी और आयोग के निष्कर्ष अलग हों वहां सुनवाई जरूरी है. इस बार प्रक्रिया को समय सीमा के भीतर पूरा करने को भी कहा गया है.
क्या था पूरा मामला
CCI ने Grasim Industries पर आरोप लगाया था कि उसने VSF बाजार में अपनी मजबूत स्थिति का गलत इस्तेमाल किया. कंपनी पर ग्राहकों से अलग- अलग कीमत वसूलने और अनुचित शर्तें लगाने का आरोप था. इसके चलते कंपनी पर जुर्माना लगाया गया था. इस फैसले को कंपनी ने NCLAT में चुनौती दी थी.
कंपनी को नहीं मिला था पूरा मौका
ट्रिब्यूनल ने कहा कि CCI ने जांच रिपोर्ट से अलग राय बनाई थी लेकिन कंपनी को इसकी जानकारी नहीं दी. इससे Grasim Industries को अपना बचाव करने का मौका नहीं मिला. NCLAT के अनुसार यह प्रक्रिया सही नहीं थी और इसी कारण आदेश को रद्द किया गया.
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VSF क्या होता है
VSF एक खास तरह का फाइबर होता है जो कपड़ा उद्योग में इस्तेमाल होता है. यह मुलायम और ज्यादा पानी सोखने वाला होता है. इसका उपयोग कपड़ों के अलावा होम टेक्सटाइल और हाइजीन प्रोडक्ट में भी किया जाता है. इसकी मांग बाजार में लगातार बनी रहती है और कई कंपनियां इस सेक्टर में काम करती हैं.