Tata Power की World Bank-Bhutan के साथ तिकड़ी… ₹4200 करोड़ की डील, 1125 मेगावॉट प्रोजेक्ट से बढ़ेगी ऊर्जा ताकत
एक बड़े हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट के लिए करीब 515 मिलियन डॉलर यानी ₹4,200 करोड़ से ज्यादा की फंडिंग डील साइन की है. यह प्रोजेक्ट Tata Power और Druk Green Power Corporation मिलकर बना रहे हैं. यह प्रोजेक्ट न सिर्फ भूटान की सबसे बड़ी बिजली परियोजना होगी, बल्कि इससे भारत को भी सस्ती और साफ बिजली मिलेगी. आने वाले समय में यह प्रोजेक्ट दोनों देशों के लिए आर्थिक और ऊर्जा के लिहाज से बहुत अहम साबित हो सकता है.
Tata Power: भारत और भूटान के बीच ऊर्जा सहयोग को नई ताकत मिलने जा रही है. World Bank और भूटान ने मिलकर एक बड़े हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट के लिए करीब 515 मिलियन डॉलर यानी ₹4,200 करोड़ से ज्यादा की फंडिंग डील साइन की है. यह प्रोजेक्ट Tata Power और Druk Green Power Corporation मिलकर बना रहे हैं.
यह प्रोजेक्ट न सिर्फ भूटान की सबसे बड़ी बिजली परियोजना होगी, बल्कि इससे भारत को भी सस्ती और साफ बिजली मिलेगी. आने वाले समय में यह प्रोजेक्ट दोनों देशों के लिए आर्थिक और ऊर्जा के लिहाज से बहुत अहम साबित हो सकता है. इससे जहां एक तरफ भूटान की कमाई बढ़ेगी, वहीं दूसरी तरफ भारत की बढ़ती बिजली जरूरतों को भी पूरा करने में मदद मिलेगी.
क्या है पूरा प्रोजेक्ट
इस हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट का नाम Dorjilung Hydropower Project है. इसकी क्षमता 1125 मेगावॉट होगी. यह प्रोजेक्ट एक PPP मॉडल पर बनाया जा रहा है, जिसमें 60 प्रतिशत हिस्सेदारी Druk Green Power Corporation की और 40 प्रतिशत Tata Power की है. इस प्रोजेक्ट से हर साल करीब 4,500 GWh बिजली पैदा होगी. इसमें से लगभग 80 प्रतिशत बिजली भारत को दी जाएगी. इससे खासकर गर्मियों में बढ़ती बिजली मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी.
भूटान की अर्थव्यवस्था को सहारा
यह प्रोजेक्ट भूटान की कुल बिजली प्रोडक्शन का करीब एक-तिहाई हिस्सा देगा. इससे देश में रोजगार बढ़ेगा और सस्ती बिजली मिलने से आर्थिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा. यह प्रोजेक्ट पूरी तरह साफ यानी ग्रीन एनर्जी पर आधारित है. इससे कार्बन उत्सर्जन कम होगा और पर्यावरण को भी फायदा मिलेगा.
शेयरों का क्या हैं हाल
टाटा पावर ने पिछले 5 साल में 332 फीसदी का रिटर्न दिया है. कंपनी का करेंट मार्केट प्राइस 442.65 रुपए है. इस प्रोजेक्ट के चलते बुधवार को निवेशकों की नजर इस शेयर पर रहेगी.

क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा
World Bank का कहना है कि यह प्रोजेक्ट भारत और भूटान के बीच ऊर्जा सहयोग को और मजबूत करेगा. साथ ही दक्षिण एशिया में ऊर्जा सुरक्षा को भी बढ़ाएगा. यह प्रोजेक्ट भूटान में सर्दियों के दौरान होने वाली बिजली की कमी को भी पूरा करेगा.
इसके अलावा, बारिश और गर्मी के मौसम में अतिरिक्त बिजली भारत को निर्यात की जाएगी. यह प्रोजेक्ट भारत और भूटान दोनों के लिए फायदेमंद साबित होगा और आने वाले समय में क्षेत्रीय ऊर्जा सहयोग का बड़ा उदाहरण बन सकता है.
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