Biocon को मिला वारिस, 37 साल की ये लड़की संभालेगी 58000 करोड़ का साम्राज्य, जानें किरन मजूमदार से क्या है रिश्ता
Biocon में आने वाले समय में बड़ा नेतृत्व बदलाव देखने को मिल सकता है. कंपनी की फाउंडर और चेयरपर्सन Kiran Mazumdar-Shaw ने साफ कर दिया है कि वह धीरे-धीरे अपनी जिम्मेदारियां अपनी भतीजी Claire Mazumdar को सौंपने की तैयारी कर रही हैं. किरण मजूमदार-शॉ ने बताया कि यह ट्रांजिशन एकदम से नहीं बल्कि धीरे-धीरे होगा. पहले क्लेयर को डायरेक्टर बनाया जाएगा, फिर उन्हें वाइस चेयरपर्सन की जिम्मेदारी दी जाएगी और अंत में वह चेयरपर्सन बनेंगी.
Biocon New Boss: भारत की दिग्गज बायोटेक कंपनी Biocon में आने वाले समय में बड़ा नेतृत्व बदलाव देखने को मिल सकता है. कंपनी की फाउंडर और चेयरपर्सन Kiran Mazumdar-Shaw ने साफ कर दिया है कि वह धीरे-धीरे अपनी जिम्मेदारियां अपनी भतीजी Claire Mazumdar को सौंपने की तैयारी कर रही हैं.
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि वह अभी रिटायर नहीं हो रही हैं और आने वाले 5 सालों में यह बदलाव धीरे-धीरे किया जाएगा. इस फैसले से कंपनी में स्थिरता बनी रहेगी और नया नेतृत्व भी समय के साथ तैयार हो सकेगा. क्लेयर मजूमदार पहले से ही बायोटेक सेक्टर में सक्रिय हैं और उनके पास अंतरराष्ट्रीय अनुभव भी है. ऐसे में यह बदलाव कंपनी के भविष्य के लिए अहम माना जा रहा है.
5 साल में होगा पूरा बदलाव
बिजनेसलाइन की रिपोर्ट के मुताबिक किरण मजूमदार-शॉ ने बताया कि यह ट्रांजिशन एकदम से नहीं बल्कि धीरे-धीरे होगा.
पहले क्लेयर को डायरेक्टर बनाया जाएगा, फिर उन्हें वाइस चेयरपर्सन की जिम्मेदारी दी जाएगी और अंत में वह चेयरपर्सन बनेंगी.
क्लेयर का अनुभव क्या है
क्लेयर मजूमदार इस समय Bicara Therapeutics की फाउंडर और सीईओ हैं. यह कंपनी कैंसर यानी ऑन्कोलॉजी से जुड़ी दवाओं पर काम करती है. इससे पहले वह Rheos Medicines में बिजनेस डेवलपमेंट और स्ट्रैटेजी संभाल चुकी हैं. साथ ही वह Third Rock Ventures में भी काम कर चुकी हैं, जहां उन्होंने नई कंपनियां बनाने और पार्टनरशिप पर काम किया.
कितना बड़ा हैं Biocon का साम्राज्य
- Biocon भारत की सबसे बड़ी बायोटेक कंपनियों में से एक है.
- इसका कारोबार सिर्फ देश तक सीमित नहीं बल्कि दुनियाभर में फैला हुआ है.
- कंपनी की वैल्यू करीब ₹58,000 करोड़ से ज्यादा है.
- Biocon मुख्य रूप से बायोफार्मास्यूटिकल्स, बायोसिमिलर दवाइयों और रिसर्च आधारित दवाओं पर काम करती है.
- इसकी मौजूदगी अमेरिका, यूरोप, एशिया और कई अन्य देशों में है, जहां यह लाइफ-सेविंग दवाइयां उपलब्ध कराती है.
क्यों जरूरी है यह फैसला
एक बड़ी कंपनी के लिए सही समय पर नेतृत्व बदलाव करना बहुत जरूरी होता है. इससे कंपनी को भविष्य के लिए तैयार किया जा सकता है और अचानक बदलाव से होने वाले जोखिम से बचा जा सकता है. Biocon भारत की बड़ी बायोटेक कंपनियों में से एक है और इसका ग्लोबल मार्केट में भी अच्छा नाम है. ऐसे में यह सक्सेशन प्लान कंपनी के लिए एक स्थिर और मजबूत भविष्य की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है.
कंपनी के शेयरों का क्या है हाल

क्या आगे होगा असर
किरण मजूमदार-शॉ ने साफ कहा है कि वह अभी सक्रिय रहेंगी और धीरे-धीरे जिम्मेदारी ट्रांसफर करेंगी. यह बदलाव कंपनी के लिए एक प्लान्ड और पॉजिटिव कदम माना जा रहा है, जिससे आने वाले समय में ग्रोथ की नई संभावनाएं बन सकती हैं.
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